
जबलपुर
में
सत्ता
का
संग्राम
में
चर्चा
करते
पार्टी
नेता
और
कार्यकर्ता।।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
Satta
Ka
Sangram:
अमर
उजाला
का
चुनावी
रथ
‘सत्ता
का
संग्राम’
13
अप्रैल
को
मध्य
प्रदेश
के
जबलपुर
में
पहुंचा।
ये
सीट
पिछले
तीन
दशकों
से
भाजपा
का
गढ़
मानी
जाती
रही
है।
इस
बार
यहां
क्या
समीकरण
है,
क्या
स्थिति
है,
यहां
का
हालचाल
लेकर
हम
आप
तक
लोकसभा
क्षेत्र
की
असल
तस्वीर
सामने
रखने
का
प्रयास
कर
रहे
हैं।
यहां
हम
जानने
का
प्रयास
कर
रहे
हैं
कि
मतदाताओं
की
उम्मीदें
क्या
हैं
और
प्रत्याशी
किन
मुद्दों
को
लेकर
वोटरों
के
बीच
जा
रहे
हैं।
दिन
में
आम
लोगों
से
चर्चा
के
बाद
शाम
को
राजनीतिक
दलों
के
नेताओं
से
विकास
और
रोजगार
के
मुद्दों
पर
बात
की
गई।
कांग्रेस
छात्र
संगठन
के
कार्यकर्ता
राहुल
ने
कहा
कि
हमरा
सबसे
पहला
काम
युवाओं
के
लिए
रोजगार
उपलब्ध
कराने
का
रहेगा।
उन्होंने
कहा
कि
यहां
सरकारी
संस्थान,
व्हीकल
फैक्ट्री
सहित
और
कई
फैक्ट्रियां
हैं,
जिनमें
कांग्रेस
के
समय
में
25
हजार
से
ज्यादा
कर्मचारी
होते
थे
और
आज
भाजपा
के
समय
में
तीन
हजार
से
कम
कर्मचारी
बचे
हैं।
हमारी
प्राथमिका
सबसे
पहले
युवाओं
को
रोजगार
देने
की
रहेगी।
कांग्रेस
कार्यकर्ता
संदीप
जैन
ने
कहा
कि
भाजपा
विकास
के
नाम
एयरपोर्ट
का
हवाला
दे
रही
है
लेकिन
इनको
नहीं
पता
कि
यहां
से
कितनी
उड़ाने
प्रतिदिन
हो
रही
हैं।
मैं
आपको
बताता
हूं।
यहां
दिल्ली
की
मात्र
दो
फ्लाइट
ही
हैं।
तीसरी
उड़ान
मुंबई
से
शुरू
हुई
थी
जो
बंद
हो
गई।
वहीं
चेन्नई
की
उड़ान
भी
बंद
कर
दी
गई।
यहां
रोजगार
वैसा
ही
है
जैसे
यहां
आईटी
पार्क
तो
बना
है
पर
यहां
कोई
कंपनी
नहीं
है।
वैसे
ही
यहां
एयरपोर्ट
तो
है
लेकिन
फ्लाइट
नहीं
हैं।
इनका
विकास
सिर्फ
कागजों
में
ही
धरातल
पर
नहीं
है।
वहीं
जवाब
में
भाजपा
नेता
ने
कहा
कि
जब
आप
ही
अपने
प्रदेश
की
निगेटिव
मार्किंग
करेंगे
तो
बाहर
से
आने
वाली
कंपनी
भी
डरने
लगती
है,
सोचती
है
अरे
हम
कहां
जा
रहे
हैं।
इसलिए
विपक्ष
और
सभी
को
इस
बात
का
विशेष
ध्यान
रखना
चाहिए।
विकास
की
बात
करें
तो
इस
प्रदेश
का
सबसे
बड़ा
फ्लाईओवर
जबलपुर
में
बन
रहा
है।
इस
देश
की
दूसरे
नंबर
की
सबसे
बड़ी
रिंग
रोड
की
कनेक्टिविटी
जबलपुर
से
है।
आज
आपको
स्टेशन
जाकर
देखना
चाहिए
तब
पता
चलेगा
कि
क्या
विकास
हुआ।
पहले
यहां
से
कितनी
ट्रेनें
थी
और
अब
कितनी
ट्रेनें
ये
पता
कर
लीजिए
विकास
का
पता
चल
जाएगा।
नैरोगेज
खत्म
करके
ब्रॉड
गेज
किया
गया।
इसलिए
जानकारी
रखें
तो
सारे
विषयों
की
रखें।
बात
करें
तो
सारे
विषयों
की
बात
करें,
तो
अच्छा
लगता
है।