
सत्ता
का
संग्राम
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
लोकसभा
चुनाव
2024
को
लेकर
अमर
उजाला
का
चुनावी
रथ
‘सत्ता
का
संग्राम’
मतदाताओं
का
सियासी
मूड
जानने
निकला
है।
जो
आज
मध्यप्रदेश
के
देवास
लोकसभा
क्षेत्र
में
हैं।
जहां
राजनेताओं
से
बात
की
गई।
जिसमें
इंदौर
प्रकरण
को
लेकर
कांग्रेस
और
भाजपा
नेताओं
ने
वार
पलटवार
किया।
इस
दौरान
भाजपा
नेता
ने
कहा
कि
प्रत्यक्ष
को
कभी
प्रमाण
की
आवश्यकता
नहीं
होती।
जब
सूर्य
निकलता
है
तो
उसे
किसी
प्रमाण
पत्र
की
आवश्यकता
नहीं
होती।
उन्होंने
कहा
कि
इंदौर
में
जो
घटना
हुई
उसमें
भाजपा
की
कोई
भूमिका
नहीं
थी।
ऐसा
इसलिए
क्योंकि
अक्षय
बम
ने
कांग्रेस
में
देखा
कि
अब
कोई
सार
नहीं
बचा,
और
दूसरी
वजह
ये
कि
अक्षय
बम
ने
प्रधानमंत्री
मोदी
की
नीतियों
से
प्रभावित
होकर
भाजपा
में
शामिल
होना
बेहतर
समझा।
इसलिए
मुझे
लगता
है
कि
इसमें
भाजपा
को
कोई
दोष
नहीं
है।
उन्होंने
कहा
मोदी
जी
की
गारंटी
के
आगे
पूरा
विपक्ष
धराशायी हो
चुका
है
और
कांग्रेस
समाप्त
हो
चुकी
है।
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वहीं
कांग्रेस
नेता
इस
बात
का
पलटवार
करते
हुए
कहा
कि
जिस
तरह
से
देश
में
राजनीति
सत्ताधारी
लोग
कर
रहे
हैं।
डर,
दबाव,
सीबीआई,
ईडी
इन
सबके
माध्यम
से
किसी
को
भी
दबाया
जा
सकता
है।
रहा
सवाल
इंदौर
का
के
उसमें
भाजपा
का
कोई
रोल
नहीं
है,
जबकि
इन्हीं
के
विधायक
हमारे
प्रत्याशी
को
लेकर
जाते
हैं
और
आग
देखकर
मक्खी
निगलना
चाहते
हैं
तो
बेशक
ये
करें।