
गुना
में
सत्ता
का
संग्राम
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
अमर
उजाला
का
चुनावी
रथ
सत्ता
का
संग्राम
बुधवार
को
गुना
में
पहुंचा।
यहां
सुबह
चाय
पर
चर्चा
हुई
और
दोपहर
में
युवाओं
से
उनके
मन
की
बात
जानी
गई।
वहीं,
शाम
को
बीजेपी-कांग्रेस
और
अन्य
दलों
के
नेताओं
से
राजनीतिक
चर्चा
की
गई।
इस
दौरान
नेताओं
में
तीखी
बहस
देखने
को
मिली।
बता
दें
कि
गुना-शिवपुरी
लोकसभा
सीट
से
बीजेपी
की
तरफ
से
ज्योतिरादित्य
सिंधिया
चुनावी
मैदान
में
हैं।
वहीं,
कांग्रेस
ने
राव
यादवेंद्र
सिंह
यादव
को
अपना
प्रत्याशी
बनाया
है।
तीसरे
दल
के
रूप
में
लोकसभा
क्षेत्र
में
सिर्फ
बहुजन
समाज
पार्टी
ही
थोड़ी
बहुत
प्रभावी
है।
हालांकि,
बहुजन
समाज
पार्टी
को
चुनाव
में
तीन
से
पांच
प्रतिशत
वोट
ही
मिलता
है।
यदि
मुकाबला
कांटे
का
हो
तो
यह
प्रभाव
डाल
सकती
है।
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पिछले
दो
चुनाव
के
परिणाम
देखें
तो
जीतने
वाले
प्रत्याशी
और
नजदीकी
प्रत्याशी
के
बीच
हार-जीत
का
अंतर
10
प्रतिशत
से
अधिक
ही
रहा
है।
ऐसे
में
बसपा
समीकरण
नहीं
बिगाड़
पाती
है।
हालांकि,
इस
बार
कांटे
की
टक्कर
है
तो
बसपा
का
वोट
बैंक
कुछ
हद
तक
भाजपा-कांग्रेस
के
समीकरणों
पर
असर
डाल
सकता
है।
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राजनीतिक
दल
से
चर्चा
में
नेताओं
ने
क्या
कहा…
बीजेपी
नेता
ने
कहा,
यहां
से
केंद्रीय
मंत्री
ज्योतिरादित्य
सिंधिया
की
निश्चय
ही
जीत
होगी।
सिंधिया
विकास
पुरुष
हैं।
यहां
पहले
भी
कांग्रेस
की
स्थिति
खराब
थी
और
अब
भी
कांग्रेस
की
स्थिति
खराब
है।
गुना
की
जनता
ऐतिहासिक
मतों
से
सिंधिया
को
विजयी
बनाएगी।
कांग्रेस
में
भगदड़
मची
हुई
है।
कांग्रेस
जनाधार
खो
चुकी
है,
ऐसे
में
महाराज
सिंधिया
भारी
मतों
से
विजयी
होंगे
और
विकास
की
नई
इबारत
लिखेंगे।
कांग्रेस
नेता
ने
कहा,
पहले
किसी
पर
आरोप
लगाना
और
फिर
उसे
अपनी
पार्टी
में
शामिल
कर
लेना,
इनमें
यही
कमी
है।
बीजेपी
नेता
नरोत्तम
मिश्रा
को
लेकर
कांग्रेस
नेता
ने
कहा,
इन्होंने
घोषणा
किया
कि
कांग्रेस
के
एक
लाख
कार्यकर्ताओं
को
बीजेपी
में
शामिल
किया
गया
है।
इसके
बाद
भी
आज
कांग्रेस
जिंदा
है,
इसका
मतलब
है
कि
कांग्रेस
उस
अमरत्व
की
तरफ
है
कि
आप
उसमें
से
कितना
भी
भर
लो
वह
सागर
की
तरह
है,
जो
कभी
न
खत्म
होगी।
बीजेपी
कहती
है,
कांग्रेस
मुक्त
भारत
बनाने
की,
जबकि
बीजेपी
ही
भारत
मुक्त
हो
गई
है।
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कांग्रेस
नेता
ने
कहा,
गुना
की
जनता
समझदार
है,
उसे
पता
है
कि
वोट
कहां
देना
है।
सिंधिया
को
लोग
जानते
हैं
कि
उन्होंने
कितना
विकास
किया
है।
वो
ये
समझते
हैं
कि
यह
सीट
आरक्षित
है,
क्या
आम
आदमी
चुनाव
नहीं
लड़
सकता।
अब
चुनाव
तय
करेगा
कि
कौन
जीतेगा
कौन
हारेगा।