Satta Ka Sangram: जबलपुर के युवाओं ने आरक्षण पर की बात, बोले- एमपी में नौकरी पाना संजीवनी बूटी पाने के जैसा

Satta Ka Sangram: जबलपुर के युवाओं ने आरक्षण पर की बात, बोले- एमपी में नौकरी पाना संजीवनी बूटी पाने के जैसा
Satta Ka Sangram Youth of Jabalpur talked about reservation in Jabalpur

जबलपुर
में
युवाओं
से
चर्चा


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

अमर
उजाला
के
चुनावी
रथ
‘सत्ता
का
संग्राम’
की
शुरुआत
नौ
अप्रैल
को
मध्यप्रदेश
की
राजधानी
भोपाल
से
हुई।
आज
शनिवार
को
दिन
भर
जबलपुर
लोकसभा
क्षेत्र
में
सत्ता
का
संग्राम
जारी
है।
यहां
लोकसभा
सीट
के
लिए
भाजपा
से
आशीष
दुबे
तथा
कांग्रेस
से
दिनेश
यादव
प्रत्याशी
हैं।
सुबह
लोगों
के
साथ
चाय
पर
चर्चा
की
गई,
जिसमें
लोगों
ने
दिल
खोलकर
अपनी
बात
रखी।
वहीं,
दोपहर
में
युवाओं
से
चर्चा
की
गई।

श्रेया
तिवारी
ने
कहा,
हमारे
यहां
बीजेपी
की
सरकार
है।
लेकिन
अगर
निचले
स्तर
पर
देखा
जाए
तो
कोई
सुधार
नहीं
हुआ
है।
मुझे
सबसे
बड़ा
चैलेंज
बेरोजगारी
और
गरीबी
ही
दिखती
है।
आरक्षण
को
लेकर
तिवारी
ने
कहा,
आरक्षण
को
आर्थिक
आधार
पर
देखा
जाए

कि
जाति
आधार
पर।

श्रेया
श्रीवास्तव
ने
कहा,
रोजगार
के
अवसर
खूब
हैं,
लेकिन
जानकारी
के
अभाव
में
लोगों
तक
सही
से
जानकारी
नहीं
पहुंच
पाती।
वहीं,
एक
अन्य
छात्रा
ने
कहा,
रोजगार
सभी
को
मिलना
चाहिए।
सरकार
को
वैकेंसी
निकालनी
चाहिए,
जिससे
की
सभी
को
मौका
मिल
सके।

युवाओं
ने
कहा,
बेरोजगारी
के
लिए
और
युवाओं
के
लिए
किसी
भी
सरकार
में
कोई
दम
नहीं
दिखाई
देता।
2017
के
बाद
से
अब
तक
एसआई
की
भर्ती
नहीं
आई।
जब
वैकेंसी
आती
भी
है,
तो
लोग
एक-दो
नंबर
से
चूक
जाते
हैं।
सरकारी
नौकरी
पाना,
संजीवनी
बूटी
पाने
के
बराबर
है।