कल
सोमवार
को
निकली
जाएगी
पहली
सवारी।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
अवंतिका
नगरी
के
राजा
बाबा
महाकाल
सावन
महीने
की
प्रथम
सवारी
पर
प्रजा
का
हाल
जानने
और
नगर
भ्रमण
पर
निकल
रहे
हैं।
कल
सोमवार
को
बाबा
महाकाल
की
यह
सवारी
भी
धूमधाम
से
नगर
में
निकाली
जाएगी।
इस
सवारी
में
बाबा
महाकाल
पालकी
में
श्री
चंद्रमौलेश्वर
के
रूप
में
विराजित
होकर
अपनी
प्रजा
को
दर्शन
देंगे।
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
प्रबंध
समिति
के
सहायक
प्रशासक
मुलचन्द्र
जुनवाल
ने
बताया
कि
श्री
महाकालेश्वर
भगवान
की
सवारी
निकलने
के
पहले
मंदिर
के
सभामंडप
में
भगवान
श्री
चन्द्रमोलेश्वर
का
विधिवत
पूजन-अर्चन
किया
जाएगा।
इसके
बाद
भगवान
श्री
चन्द्रमोलेश्वर
पालकी
में
विराजित
होकर
नगर
भ्रमण
पर
निकलेंगे।
मंदिर
के
मुख्य
द्वार
पर
सशस्त्र
पुलिस
बल
के
जवानों
द्वारा
पालकी
मे
विराजित
भगवान
श्री
चन्द्रमोलेश्वर
को
सलामी
दी
भी
जाएगी।
सावन
महीने
की
पहली
सवारी
कल
22
जुलाई
को
निकाली
जाएगी।
भादौ
महीने
में
भगवान
महाकाल
की
अंतिम
शाही
सवारी
2
सितंबर
को
निकाली
जाएगी।
सावन
महीने
में
पांच
सवारी
और
भादौ
महीने
में
दो
सवारियां
निकाली
जाएंगी।
सावन-भादौ
महीने
में
निकलने
वाली
सवारियों
के
सवारियां
क्रमश:
सोमवार
22
जुलाई,
सोमवार
29
जुलाई,
सोमवार
5
अगस्त,
सोमवार
12
अगस्त,
सोमवार
19
अगस्त,
सोमवार
26
अगस्त
और
शाही
सवारी
सोमवार
2
सितंबर
को
निकाली
जाएगी।
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यह
रहेगा
सवारी
मार्ग…..
बाबा
महकाल
की
सवारी
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
के
सभा
मंडप
में
पूजा-अर्चना
करने
के
बाद
अपने
निर्धारित
समय
पर
शुरू
होकर
मंदिर
के
मुख्य
द्वार
र
पहुंचेगी,
यहां
सशस्त्र
पुलिस
बल
के
जवानों
द्वारा
भगवान
श्री
महाकाल
को
सलामी
दी
जाएगी।
इसके
सवारी
गुदरी
चौराहा,
बक्षी
बाजार,
कहारवाड़ी
से
होते
हुए
रामघाट
शिप्रा
तट
पहुंचेगी।
यहां
पूजन-अर्चन
होने
के
बाद
सवारी
रामानुजकोट,
मोढ़
की
धर्मशाला,
कार्तिक
चौक,
खाती
समाज
मंदिर,
सत्यनारायण
मंदिर,
ढाबा
रोड,
टंकी
चौराहा,
छत्री
चौक,
गोपाल
मंदिर,
पटनी
बाजार,
गुदरी
बाजार
होती
हुई
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
पहुंचेगी।
शाही
सवारी
2
सितंबर
को
उपरोक्त
मार्ग
के
अलावा
टंकी
चौराहा
से
मिर्जा
नईमबेग,
तेलीवाड़ा
चौराहा,
कंठाल,
सतीगेट,
सराफा,
छत्री
चौक,
गोपाल
मंदिर,
पटनी
बाजार,
गुदरी
चौराहा
होते
हुए
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
पहुंचेगी।