
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
में
आने
वाले
सभी
रास्तों
पर
सुरक्षा
को
ध्यान
में
रखते
हुए
अब
मंदिर
के
प्रवेश
द्वारों
पर
सजावटी
(अर्नामेंटल)
गेट
बनाए
जाएंगे।
साथ
ही,
सुरक्षा
कारणों
से
भस्म
आरती
में
बैठने
वाले
श्रद्धालुओं
की
संख्या
कम
की
जाएगी
और
चलित
भस्म
आरती
के
जरिए
ज्यादा
श्रद्धालुओं
को
दर्शन
का
मौका
दिया
जाएगा।
यह
जानकारी
मंदिर
समिति
के
अध्यक्ष
और
उज्जैन
कलेक्टर
रोशन
कुमार
सिंह
ने
श्री
महाकालेश्वर
प्रबंध
समिति
की
बैठक
में
दी।
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यह
बैठक
कलेक्टर
कार्यालय
के
सम्राट
विक्रमादित्य
प्रशासनिक
भवन,
कोठी
रोड
उज्जैन
में
हुई।
बैठक
की
अध्यक्षता
कलेक्टर
रोशन
कुमार
सिंह
ने
की।
इस
बैठक
में
पुलिस
अधीक्षक
प्रदीप
शर्मा,
पंचायती
महानिर्वाणी
अखाड़ा
के
विनीत
गिरी
महाराज,
एडीएम
कौशिक,
नगर
निगम
आयुक्त
आशीष
पाठक,
और
श्री
उज्जैन
विकास
प्राधिकरण
के
सीईओ
संदीप
सोनी
भी
मौजूद
थे।
विज्ञापन
बैठक
में
मंदिर
की
व्यवस्थाओं
को
बेहतर
बनाए
रखने
के
लिए
कई
प्रशासकीय
मुद्दों
पर
चर्चा
की
गई।
साथ
ही,
उज्जैन
नगर
निगम
द्वारा
शहर
में
गीता
भवन
की
स्थापना
के
प्रस्ताव
को
मंदिर
समिति
ने
मंजूरी
दे
दी।
यह
भी
पढ़ें: सरकारी
कर्मचारियों
की
छुट्टी
रद्द,
सीएम
बोले
राष्ट्रीय
सुरक्षा
सर्वोपरि,
सभी
विभाग
अलर्ट
मोड
पर
रहें
इसके
अलावा
वर्ष
2024-25
के
आय-व्यय
बजट
को
भी
बैठक
में
मंजूरी
दी
गई।
बैठक
में
यह
भी
तय
हुआ
कि
मंदिर
समिति
में
काम
करने
वाले
कर्मचारियों
को
उनके
रोके
गए
साप्ताहिक
अवकाश
का
नकद
भुगतान
किया
जाएगा
और
जनवरी
2024
से
अक्टूबर
2024
तक
का
महंगाई
भत्ता
(DA
एरियर)
भी
दिया
जाएगा।
बैठक
में
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
प्रबंध
समिति
ने
कई
अहम
फैसले
लिए।
बैठक
में
लिए
गए
ये
फैसले
-
भगवान
श्री
महाकालेश्वर
को
भक्तों
द्वारा
चढ़ाई
गई
कीमती
चीज़ों
(सोना-चांदी
आदि)
की
जांच
के
लिए
एक
टंच
टेस्टिंग
मशीन
और
ऑपरेटर
लगाने
का
फैसला
किया
गया
है। -
मंदिर
को
मिली
ई-कार्ट
(बैटरी
से
चलने
वाली
गाड़ियाँ)
के
लिए
अलग
से
पार्किंग
और
चार्जिंग
स्टेशन
बनाए
जाएंगे। -
महाराजवाड़ा
और
महाकाल
परिसर
को
जोड़ने
के
काम
के
तहत
एक
रिटर्निंग
वॉल
(सपोर्ट
वाली
दीवार)
बनाई
जाएगी। -
मंदिर
समिति
द्वारा
चलाई
जा
रही
सुविधाओं
जैसे
–
नि:शुल्क
अन्न
क्षेत्र,
लड्डू
प्रसाद
निर्माण
केंद्र,
वैदिक
प्रशिक्षण
संस्थान
और
भोगघर
के
लिए
आवश्यक
खाद्यान्न
सामग्री
की
खरीद
को
लेकर
2025-28
के
लिए
जारी
निविदा
(टेंडर)
को
मंजूरी
दी
गई। -
वैदिक
प्रशिक्षण
एवं
शोध
संस्थान
परिसर
में
रखे
पुराने
और
अनुपयोगी
सामान
(भंगार)
की
नीलामी
करने
का
फैसला
भी
लिया
गया। -
मंदिर
की
सभी
सुविधाओं
की
जानकारी
अब
उज्जैन
रेलवे
स्टेशन,
बस
स्टैंड,
मंदिर
के
गेट
और
पूछताछ
काउंटरों
पर
भी
प्रदर्शित
की
जाएगी
ताकि
श्रद्धालुओं
को
मदद
मिल
सके।