
सीहोर
के
कुबेरेश्वर
धाम
में
रुद्राक्ष
महोत्सव
कल
मंगलवार
से
शुरू
हो
रहा
है।
आयोजन
को
लेकर
विठलेश
सेवा
समिति
और
प्रशासन
ने
तैयारियां
पूरी
कर
ली
हैं।
श्रद्धालुओं
में
इतना
उत्साह
है
कि
दो
दिन
पहले
से
ही
भीड़
उमड़ने
लगी
थी।
सोमवार
रात
तक
यहां
लगे
पंडाल
और
डोम
श्रद्धालुओं
से
भर
गए।
श्रद्धालुओं
ने
अभी
से
बैठने
की
जगह
सुरक्षित
कर
ली
है।
मंगलवार
तक
लाखों
श्रद्धालु
यहां
पहुंच
जाएंगे।
इस
दौरान
पंडाल
के
पीछे
बनी
भोजनशाला
में
हजारों
की
संख्या
में
आए
श्रद्धालुओं
को
नुक्ति,
मिक्चर,
रोटी,
सब्जी,
खिचड़ी-चावल
के
साथ
अन्य
प्रसादी
का
वितरण
कथा
वाचक
पंडित
प्रदीप
मिश्रा
द्वारा
किया
गया
गया।
सात
दिवसीय
भव्य
रुद्राक्ष
महोत्सव
में
आगामी
27
फरवरी
और
1
मार्च
को
प्रसिद्ध
भजन
गायक
अपनी
प्रस्तुति
देंगे।
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विभिन्न
प्रदेशों
से
आए
2000
हजार
से
अधिक
सेवादार,
तीन
हजार
से
ज्यादा
पुलिस
जवान
तैनात
विठलेश
सेवा
समिति,
जिला
प्रशासन,
ग्रामीण
और
शहरी
समाजसेवियों
के
अलावा
जनप्रतिनिधियों
के
द्वारा
यहां
पर
आने
वाले
श्रद्धालुओं
के
लिए
उचित
व्यवस्था
की
है।
श्रद्धालुओं
के
लिए
भोजन-प्रसादी,
पेयजल
सहित
अन्य
व्यवस्था
के
लिए
महाराष्ट्र,
छत्तीसगढ़
सहित
अन्य
प्रदेशों
से
करीब
2000
हजार
से
अधिक
सेवादार
आए
हैं।
इसके
अलावा
प्रशासन
के
द्वारा
तीन
हजार
से
अधिक
जवानों
पुलिस
को
तैनात
किया
गया।
एक
दर्जन
से
अधिक
विभागों
के
आला
अधिकारियों
के
अलावा
कर्मचारियों
की
कुंभ
की
तर्ज
पर
व्यवस्था
की
गई
है।
श्रद्धालुओं
की
सुरक्षा
के
लिए
यहां
करीब
तीन
हजार
से
ज्यादा
पुलिस
जवान
तैनात
रहेंगे।
आसपास
के
जिलों
से
भी
बल
बुलाया
है।
जवान
हर
प्वाइंट
पर
तैनात
रहेंगे
ताकि
कोई
अव्यवस्था
न
हो।
कुबेरेश्वर
धाम
पर
कंट्रोल
भी
रूम
बनाया
गया
है।
विज्ञापन
अधिकारियों
ने
लिया
संपूर्ण
कथा
स्थल
का
जायजा
इधर,
सोमवार
को
कलेक्टर
बालागुरू
के.,
डीआईजी
ओमप्रकाश
त्रिपाठी,
एसपी
दीपक
कुमार
शुक्ला
एवं
जिला
पंचायत
सीईओ
डॉ
नेहा
जैन
ने
संपूर्ण
कथा
स्थल
का
भ्रमण
कर
व्यवस्थाओं
का
जायजा
लिया
और
संबंधित
अधिकारियों
को
आवश्यक
दिशा-निर्देश
दिए।
उन्होंने
इंदौर
से
भोपाल
की
ओर
आने
जाने
वाले
वाहनों
को
डायवर्ट
करने
के
लिए
बनाए
गए
डायवर्ट
प्वाइंट
का
भी
निरीक्षण
किया।
इस
दौरान
उन्होंने
निर्देश
दिए
कि
सभी
अधिकारी-कर्मचारी
अपनी
ड्यूटी
पूरी
मुस्तैदी
से
करते
रहें,
किसी
भी
प्रकार
का
व्यवधान
उत्पन्न
होने
पर
संबंधित
अधिकारियों
के
संज्ञान
में
लाएं
और
तुरंत
वैकल्पिक
समाधान
करें।
कथा
के
दौरान
प्रशासन
के
लिए
आम
नागरिकों
की
सुरक्षा
सर्वोपरि
है।
उन्होंने
निर्देश
दिए
कि
कथा
के
दौरान
पेयजल,
बिजली,
साफ-सफाई,
अस्थाई
शौचालय,
पार्किंग,
हेल्थ
कैम्प,
आकस्मिक
चिकित्सा
व्यवस्था,
एम्बुलेंस,
फायर
ब्रिगेड,
कन्ट्रोल
रूम,
सहायता
केंद्र,
मार्ग
मरम्मत
सहित
अन्य
व्यवस्थाएं
सुचारू
रूप
से
संचालित
की
जाएं
ताकि
किसी
प्रकार
की
कोई
अव्यवस्था
न
हो।
दुकानों
में
विक्रय
होने
वाले
खाद्य
और
पेय
पदार्थों
की
जांच
की
जाए
निरीक्षण
के
दौरान
संबंधित
अधिकारियों
को
निर्देश
दिए
कि
कुबेरेश्वर
धाम
स्थित
दुकानों
में
विक्रय
होने
वाले
खाद्य
और
पेय
पदार्थों
की
निरंतर
जांच
की
जाए।
जांच
में
मिलावट
या
अमानक
पाए
जाने
पर
संबंधित
दुकानदार
के
विरूद्ध
कार्रवाई
की
जाए।
इसके
साथ
ही
उन्होंने
निर्देश
दिए
कि
कथा
स्थल
पर
श्रद्धालुओं
के
लिए
जो
भोजन
बनाया
जाएगा,
उसकी
खाद्य
एवं
औषधि
निरीक्षक
द्वारा
समय
समय
पर
जांच
की
जाए।
उन्होंने
संबंधित
अधिकारियों
को
निर्देश
दिए
कि
इस
आयोजन
कि
दौरान
पेयजल
आपूर्ति
तथा
विद्युत
सप्लाई
निर्बाध
रूप
से
संचालित
रहे।
उन्होंने
निर्देश
दिए
आयोजन
के
दौरान
सफाई
व्यवस्था
निरंतर
चलती
रहे
ताकि
स्वच्छता
बनी
रहे।
24
घंटे
डॉक्टर
और
स्टाफ
रहेगा
मिनी
आईसीयू
में
तैनात
अधिकारियों
ने
कुबेरेश्चर
धाम
पर
बनाए
गए
मिनी
आईसीयू
का
भी
निरीक्षण
किया।
इस
दौरान
सीएमएचओ
को
निर्देश
दिए
कि
मिनी
आईसीयू
में
24
घंटे
डॉक्टर
एवं
स्टाफ
उपलब्ध
रहे
ताकि
आपातकालीन
स्थिति
में
मरीजों
को
स्वास्थ्य
सेवाएं
उपलब्ध
कराई
जा
सकें।
निरीक्षण
के
दौरान
कुबेरेश्वर
धाम
क्षेत्र
में
बनाए
गए
पार्किंग
स्थल
का
भी
जायजा
लिया।
उन्होंने
निर्देश
दिए
कि
वाहनों
के
आवागमन
सुगमता
से
कराने
के
लिए
संबंधित
अधिकारी-कर्मचरी
निरंतर
कार्यरत
रहें,
ताकि
मार्गों
पर
वाहनों
का
जमावड़ा
न
हो।
महोत्सव
की
खास
बातें
-
महोत्सव
के
लिए
रेलवे
ने
विशेष
ट्रेनें
चलाई
है -
25
एकड़
में
विशाल
कथा
पंडाल
बनाया
गया
भोजन-प्रसादी
के
लिए
11
एकड़
में
विशेष
व्यवस्था
की
गई
है। -
मंदिर
परिसर
को
आकर्षक
बनाने
के
लिए
बंगाल
से
विशेष
कलाकारों
को
बुलाया
गया
है। -
श्रद्धालुओं
की
सुविधा
के
लिए
पर्याप्त
पार्किंग,
बैरिकेडिंग,
बैठक
व्यवस्था,
पेयजल
और
शौचालय
की
व्यवस्था
की
गई
है। -
श्रद्धालुओं
के
लिए
60
एकड़
क्षेत्र
में
आधुनिक
लाइटिंग
की
गई
है।
हाईवे
से
कथा
स्थल
तक
40-40
फीट
के
एक
दर्जन
से
ज़्यादा
रोशनी
से
सराबोर
गेट
बनाए
गए
हैं।

कथा
के
पहले
ही
भर
गए
पंडाल
और
डोम

