
सीहोर
की
बुधनी
कोर्ट
ने
बहुचर्चित
हत्या
के
मामले
में
कड़ा
फैसला
सुनाते
हुए
पिता-पुत्र
को
आजीवन
कारावास
की
सजा
सुनाई
है।
अपर
सत्र
न्यायाधीश
डॉ.
वैभव
विकास
शर्मा
की
अदालत
ने
यह
निर्णय
सुनाया।
विज्ञापन
Trending
Videos
अपर
लोक
अभियोजक
रामेश्वर
शर्मा
ने
जानकारी
देते
हुए
बताया
कि
संजीत
ओझा
पिता
हरिप्रसाद
ओझा
ने
22
अगस्त
2021
को
थाना
बुधनी
में
रिपोर्ट
दर्ज
कराई
थी।
रिपोर्ट
के
अनुसार,
घटना
शासकीय
हैंडपंप
के
पास
हुई,
जहां
विवाद
के
दौरान
अर्जुन
ओझा
ने
हरिप्रसाद
ओझा
पर
डंडे
से
हमला
कर
दिया।
गंभीर
चोट
लगने
के
कारण
हरिप्रसाद
बेहोश
हो
गए
और
अस्पताल
में
डॉक्टरों
ने
उन्हें
मृत
घोषित
कर
दिया।
विज्ञापन
इस
मामले
में
पुलिस
ने
अर्जुन
ओझा
और
उसके
पिता
रामविलास
ओझा
के
विरुद्ध
धारा
302/34
के
तहत
प्रकरण
दर्ज
कर
चालान
न्यायालय
में
प्रस्तुत
किया।
अभियोजन
पक्ष
की
दलीलों
और
साक्ष्यों
के
आधार
पर
न्यायालय
ने
दोनों
आरोपियों
को
दोषी
मानते
हुए
आजीवन
कारावास
और
5000-5000
रुपये
के
अर्थदंड
की
सजा
सुनाई।
इस
मामले
में
शासकीय
अभिभाषक
अपर
लोक
अभियोजक
रामेश्वर
शर्मा
ने
पैरवी
की।