
ज्योतिष
पद्म
भूषण
स्वर्ण
पदक
प्राप्त
ज्योतिषाचार्य
डॉ.
पंडित
गणेश
शर्मा
ने
बताया
कि
वर्ष
2025
में
चार
बड़े
ग्रह
राशि
परिवर्तन
कर
रहे
हैं।
यथाक्रम-
29
मार्च
को
शनि
का
गोचर
मीन
में,
14
मई
को
बृहस्पति
का
गोचर
मिथुन
में
और
18
मई
को
राहु
एवं
केतु
का
गोचर
कुंभ
और
सिंह
में
होगा।
देश
और
दुनिया
में
कुछ
बड़ा
होने
वाला
है।
विक्रम
संवत
2082
से
नया
वर्ष
शुरू
होगा।
यह
नया
वर्ष
अंग्रेजी
कैलेंडर
के
अनुसार
भारत
की
कुंडली
में
मंगल
के
प्रभाव
में
रहेगा।
मंगल
दूसरे
घर
में
स्थित
रहेगा।
भारत
की
कुंडली
के
तीसरे
भाव
में
पांच
ग्रहों
का
गोचर
होगा।
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का
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पंडित
शर्मा
के
अनुसार
संवत
2082
में
सनातन
और राष्ट्रवाद
की
भावना
प्रबल
होगी।
देश
में
राष्ट्रवाद
की
लहर
और
मजबूत
होगी।
लोग
अपने
निजी
हितों
से
ऊपर
उठकर
देशहित
में
कार्य
करने
की
सोच
सकते
हैं।
इसी
दौरान
वे
लोग
भी
ज्यादा
सक्रिय
होंगे,
जिनका
एजेंडा
छद्म
रूप
से
देश
को
तोड़ने
का
है।
मार्च
तक
शनिदेव
दंडनायक
के
रूप
में
कार्य
करेंगे,
इसके
बाद
बृहस्पति
देश
की
आंतरिक
स्थिति
को
संभालने
का
कार्य
करेगा।
बाद
में
उन
लोगों
की
स्थिति
खराब
होगी,
जिन्होंने
देश
के
खिलाफ
काम
किया
है।
विश्व
में
रहेगा
अशांति
का
माहौल
पंडित
शर्मा
के
अनुसार,
29
मार्च
की
रात
से
शनि
कुंभ
से
निकलकर
मीन
राशि
में
प्रवेश
करेगा।
इससे
देश
और
दुनिया
में
बड़े
बदलाव
देखने
को
मिलेंगे।
मीन
राशि
और
12वां
भाव
गुरु
का
होता
है।
यहां
से
शनि
लग्न,
पंचम
और
अष्टम
भाव
को
देखेगा।
इसके
चलते
देश
के
चरित्र,
रिश्ते,
संतान,
शिक्षा,
सेहत
और
विदेशों
से
भारत
के
संबंधों
पर
नकारात्मक
प्रभाव
पड़ेगा।
इससे
भारत
के
अंदर
आपसी
सौहार्द,
शांति
और
समृद्धि
का
संतुलन
बिगड़
सकता
है।
विपक्ष
और
सरकार
के
बीच
संघर्ष
की
स्थिति
बन
सकती
है।
अकाल,
युद्ध,
दंगे,
विस्फोट,
भूकंप,
महामारी
और
प्राकृतिक
आपदाओं
के
कारण
देश
को
परेशानी
झेलनी
पड़
सकती
है।
बड़ी
संख्या
में
जन
और
धन
हानि
की
आशंका
है।
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में
वेस्टर्न
डिस्टरबेंस
से
तापमान
में
आई
गिरावट,
एक
अप्रैल
को
हल्की
बारिश
का
अलर्ट
तकनीक
और
सैन्य
क्षेत्र
में
उन्नति
पंडित
शर्मा
ने
बताया
कि
राहु
ग्रह
कुंभ
राशि
में
गोचर
करके
कर्म
भाव
में
विराजमान
होगा।
इस
गोचर
के
चलते
भारत
तकनीक
के
क्षेत्र
में
पहले
की
अपेक्षा
अधिक
तेजी
से
आगे
बढ़ेगा।
अंतरिक्ष
क्षेत्र
में
उल्लेखनीय
उपलब्धियां
मिलने
की
संभावना
है।
इसी
के
साथ
ही
भारत
का
सैन्य
क्षेत्र
भी
मजबूत
होगा
और
आने
वाले
समय
में
भारत
की
सेना
और
शक्तिशाली
हो
जाएगी।
हालांकि,
केतु
के
कारण
घरेलू
उद्योगों
में
मंदी
देखी
जा
सकती
है।
कोरोना
वायरस
की
तरह
किसी
नई
महामारी
के
आने
की
संभावना
भी
बन
सकती
है।
शेयर
मार्केट
में
बड़े
उतार-चढ़ाव
की
संभावना
है
और
निवेशकों
को
नुकसान
हो
सकता
है।
गुरु
के
प्रभाव
से
सोने
के
भाव
में
भारी
वृद्धि
देखने
को
मिल
सकती
है,
और
यह
1
लाख
के
पार
जा
सकता
है।
केंद्र
सरकार
को
कुछ
राज्यों
में
दंगे
और
जन
आंदोलन
के
कारण
पूरे
वर्ष
परेशानी
झेलनी
पड़
सकती
है।
भारत
का
कुछ
देशों
से
टकराव
हो
सकता
है।
हालांकि,
पीएम
नरेंद्र
मोदी
की
कुंडली
के
अनुसार
वर्ष
2026
के
मध्य
तक
उनका
सितारा
बुलंदी
पर
रहेगा।
देशहित
में
वे
कोई
बड़ा
फैसला
लेकर
देश
और
दुनिया
को
चौंका
सकते
हैं।
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