
किसान
स्वराज
संगठन
ने
सरकार
से
आमने-सामने
की
लड़ाई
लड़ने
16
जून
को
भैरूंदा
तहसील
मुख्यालय
पर
विशाल
ट्रैक्टर-रैली
निकाले
जाने
का
बिगुल
फूंक
दिया
है।
दूसरी
ओर
किसानों द्वारा
अब
पंचायत
स्तर
से
राज्यपाल
के
नाम
चिट्ठी
(ज्ञापन)
पहुंचाई
जाएगी।
इसमें
किसानों
द्वारा
राज्यपाल
से
मांग
की
जा
रही
है
कि
वह
इस
मामले
में
हस्तक्षेप
कर
राज्य
सरकार
को
मूंग
खरीदी
के
लिए
निर्देशित
करें।
विज्ञापन
Trending
Videos
इसी
बात
को
लेकर
भैरूंदा
क्षेत्र
की
ग्राम
पंचायत
छापरी
में
पंचायत
स्तरीय
किसानों
की
बैठक
का
आयोजन
किया
गया।
इसमें
बैठक
के
बाद
ग्रामीणों
ने
एमएसपी
पर
मूंग
खरीदी
को
लेकर
एक
ज्ञापन
पंचायत
सचिव
को
राज्यपाल
के
नाम
सौंपा
गया।
बैठक
का
यह
आयोजन
क्षेत्र
की
सभी
101
ग्राम
पंचायतों
में
होंगे
और
स्थानीय
किसानों
द्वारा
अपनी
मांग
राज्यपाल
तक
पहुंचाई
जाएगी।
धीरे-धीरे
यह
आयोजन
आंदोलन
का
रूप
लेगा
और
विस
क्षेत्र
में
किसानों
के
द्वारा
एकत्रित
होकर
अपनी
मांग
स्थानीय
शासन-प्रशासन
व
सरकार
के
नुमांइदो
के
सामने
रखी
जाएगी।
विज्ञापन
ये
भी
पढ़ें- गांव
की
कल्याणी
महिला
को
गोली
मारने
वाले
पांच
आरोपी
गिरफ्तार,
खेती
के
विवाद
में
किया
था
हमला
मूंग
फसल
फायदे
की
जगह
नुकसान
का
सौदा
साबित
हो
रही
क्षेत्र
का
80
फीसदी
किसान
मूंग
कटाई
से
निवृत्त
हो
चुका
है
और
उसे
अपनी
फसल
बेचने
की
चिंता
सता
रही
है।
मंडी
में
मूंग
के
भाव
4500
से
6500
रुपए
तक
मिल
रहे
हैं,
जिससे
किसानों
को
एमएसपी
की
तुलना
में
2200
से
4200
रुपए
प्रति
क्विंटल
का
घाटा
हो
रहा
है।
इससे
मूंग
की
फसल
किसानों
के
लिए
फायदे
की
जगह
नुकसान
का
सौदा
साबित
हो
रही
है।
इसी
को
लेकर
अब
किसान
एक-जुट
होकर
सरकार
को
घेरने
की
तैयारी
कर
रहा
है।
किसानों
का
तर्क
है कि
सरकार
को
एमएसपी
पर
मूंग
की
खरीदी
आवश्यक
रूप
से
करना
होगी।
यदि
सरकार
अपना
निर्णय
नहीं
बदलती
है
तो
किसान
को
फिर
सड़क
पर
आने
को
मजबूर
होना
पड़ेगा।
किसानों
की
चिट्ठी,
राज्यपाल
करे
मूंग
खरीदी
में
हस्तक्षेप
ग्राम
छापरी
में
पंचायत
की
बैठक
में
किसान
राजेश
जाट,
रामनिवास
पटेल,
राजेश
पटेल,
प्रदीप,
रामदयाल,
अमर
सिंह,
रामभरोस,
धरम
सिंह,
शैतान
सिंह,
हरिओम
उईके,
जगदीश
प्रसाद,
मुकेश
पंवार
ने
एक
ज्ञापन
राज्यपाल
के
नाम
पंचायत
सचिव
को
सौंपा।
इसमें
उन्होंने
मांग
की
है कि
भारत
सरकार
ने
दहलन
फसल
मूंग
का
एमएसपी
8682
रुपए
प्रति
क्विंटल
तय
किया
है,
लेकिन
शासन
द्वारा
मूंग
खरीदी
न
किए
जाने
से
बाजार
में
मूंग
का
भाव
4500
से
6500
तक
पहुंच
गया
है,
जिससे
किसानों
की
लागत
निकलना
भी
मुश्किल
है।
यदि
एमएसपी
पर
खरीदी
नहीं
होती
है तो
किसान
कर्जदार
हो
जाएगा और
आगामी
फसल
के
लिए
भी
कर्ज
लेना
पड़ेगा।
मंडी
में
एमएसपी
से
नीचे
खरीदी
होने
पर
प्रशासनिक
स्तर
पर
भी
कोई
कार्रवाई
व्यापारियों
के
विरुद्ध
नहीं
की
जा
रही
है।
किसानों
ने
अपनी
पीड़ा
बताते
हुए
राज्यपाल
से
निवेदन
किया
है कि
वह
हस्तक्षेप
कर
सरकार
को
निर्देशित
करें
कि
वह
एमएसपी
पर
मूंग
खरीदी
जल्द
से
जल्द
शुरू
की
जाए।
ये
भी
पढ़ें- दस
हजार
की
रिश्वत
लेते
धराया
पंचायत
सचिव,
मुख्यमंत्री
आवास
योजना
की
किश्त
जारी
करने
मांगी
थी
घूस
101
ग्राम
पंचायतों
से
राज्यपाल
के
पास
पहुंचेगी
चिट्ठी
पंचायत
राज्य
संगठन
के
जिलाध्यक्ष
मुकेश
पंवार
ने
बताया
कि
लोकतंत्र
में
जब
सरकार
अपनी
मनमर्जी
करने
लग
जाए
और
लोक
कल्याण
की
जगह
स्वयं
का
फायदा
देखें
तो
मतदाताओं
का
कर्तव्य
हो
जाता
है
कि
वह
जनप्रतिनिधियों
को
इस
बात
की
याद
दिलाएं
कि
आप
मालिक
नहीं
बल्कि
प्रतिनिधि
हो।
आपको
वही
करना
है
जो
जन
समुदाय
चाहता
है,
लेकिन
प्रतिनिधियों
के
द्वारा
जन
समुदाय
की
इच्छा
को
दरकिनार
किया
जा
रहा
है।
ऐसे
में
किसान
अपनी-अपनी
पंचायतों
के
माध्यम
से
राज्यपाल
के
पास
सामूहिक
चिठ्ठी
सरकार
के
सेवक
या
जनप्रतिनिधि
के
माध्यम
से
पहुंचाएंगे।
इसमें
किसानों
की
गंभीर
समस्या
मूंग
की
खरीदी
जल्द
से
जल्द
शुरू किए
जाने
की
मांग
का
उल्लेख
होगा।
ट्रैक्टर
रैली
निकालने
मिल
रहा
किसानों
का
समर्थन
इधर
किसान
स्वराज
संगठन
के
प्रदेश
सचिव
गजेन्द्र
जाट
ने
बताया
कि
सरकार
यदि
समय
रहते
नहीं
जागी
तो
इसका
खामियाजा
उसे
हर
हाल
में
भुगतना
होगा।
आगामी
16
जून
को
निकाली
जाने
वाली
विशाल
ट्रैक्टर
रैली
के
लिए
किसानों
का
अपार
समर्थन
प्राप्त
हो
रहा
है।
प्रदेश
के
साथ-साथ
अब
भैरूंदा
की
सड़कें
भी
किसानों
के
आक्रोश
से
पट
जाएगी।
इसमें
होने
वाली
असुविधा
की
जिम्मेदारी
किसानों
की
नहीं
बल्कि
शासन-प्रशासन
की
होगी।