
गांजे
की
अवैध
खेती
और
बिक्री
के
मामले
में
विशेष
न्यायाधीश
ने
आरोपी
विनोद
कलोता
पिता
हीरासिंह
उर्फ
हरिसिंह,
निवासी
ग्राम
डाबरी
को
दोषी
करार
देते
हुए
10
साल
के
सश्रम
कारावास
और
एक
लाख
रुपये
के
जुर्माने
की
सजा
सुनाई
है।
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अभियोजन
के
अनुसार,
20
दिसंबर
2021
को
थाना
पार्वती
में
पदस्थ
उपनिरीक्षक
एवं
थाना
प्रभारी
विक्रम
आदर्श
को
मुखबिर
से
सूचना
मिली
थी
कि
ग्राम
डाबरी
में
एक
व्यक्ति
अपने
खेत
पर
बने
मकान
में
अवैध
रूप
से
गांजे
की
खेती
कर
उसे
बेच
रहा
है।
सूचना
के
आधार
पर
पुलिस
टीम
मौके
पर
पहुंची
और
आरोपी
से
नाम
पूछने
पर
उसने
खुद
को
विनोद
कलोता
बताया।
विज्ञापन
विनोद
की
तलाशी
लेने
पर
उसकी
जेब
से
100
रुपये
का
नोट
मिला।
घर
की
तलाशी
में
उसकी
अधिपत्य
की
एक
प्लास्टिक
की
बोरी
मिली,
जिसमें
भूरे-हरे
रंग
की
पत्तियां
थीं।
मकान
के
बगल
में
काली
पन्नी
से
ढकी
हुई
सूखी
टहनियाँ
भी
मिलीं,
जो
गांजे
के
पौधों
जैसी
प्रतीत
हो
रही
थीं।
खेत
में
भी
गांजे
जैसे
पौधे
लगे
हुए
पाए
गए।
जब
विनोद
से
गांजा
रखने
का
लाइसेंस
मांगा
गया,
तो
वह
कोई
वैध
दस्तावेज
प्रस्तुत
नहीं
कर
सका।
पढ़े; बिना
पंजीयन
के
चल
रहा
था
निजी
अस्पताल,
प्रशासन
ने
किया
सील;
प्रकरण
किया
दर्ज
पुलिस
ने
इलेक्ट्रॉनिक
कांटे
से
तौलकर
जब्त
की
गई
तीनों
सामग्रियों
का
बोरी
सहित
कुल
वजन
27
किलो
420
ग्राम
पाया।
इसके
बाद
आरोपी
को
मौके
से
गिरफ्तार
कर
थाना
पार्वती
में
एनडीपीएस
एक्ट
के
तहत
प्रकरण
दर्ज
किया
गया
और
विवेचना
उपरांत
न्यायालय
में
अभियोग
पत्र
प्रस्तुत
किया
गया।
अदालत
का
फैसला
सुनवाई
के
बाद
विशेष
न्यायालय
ने
आरोपी
को
एनडीपीएस
अधिनियम
की
धारा
8(सी)
सहपठित
धारा
20(बी)(ii)(सी)
के
तहत
दोषी
पाया
और
उसे
10
साल
के
सश्रम
कारावास
तथा
एक
लाख
रुपये
के
जुर्माने
से
दंडित
किया।
मामले
में
शासन
की
ओर
से
पैरवी
अपर
लोक
अभियोजक
रेखा
चौरसिया
ने
की।