
बांग्लादेश
में
इस्कॉन
धर्मगुरू
चिन्मय
कृष्णदास
की
गिरफ्तारी
और
हिन्दू
समाज
के
लोगों
पर
हो
रहे
अत्याचार
और
हिसंक
हमले
के
विरोध
में
आज
मंगलवार
को
सकल
हिन्दू
समाज
द्वारा
विरोध
प्रकट
किया
गया।
इस
दौरान
सुबह
से
दोपहर
2
बजे
तक
समूचा
शहर
पूरी
तरह
से
बंद
रहा।
सभी
प्रतिष्ठानों
के
ताले
नहीं
खुले।
विज्ञापन
इस
दौरान
लोग
चाय,
पान,
गुटखे
को
लेकर
परेशान
होते
रहे।
सकल
हिन्दू
समाज
संत
महात्माओं,
धार्मिक,
व्यापारिक
व
सामाजिक
संगठन
ने
एकजुट
होकर
दोपहर
में
बाल
विहार
मैदान
से
रैली
निकाली।
रैली
मेन
रोड,
इंग्लिशपुरा
व
भोपाल
नाका
होते
हुए
कलेक्ट्रेट
तक
पहुंचेगी।
यहां
राष्ट्रपति
को
संबोधित
ज्ञापन
कलेक्टर
प्रवीण
सिंह
को
दिया
गया।
विज्ञापन
बाल
बिहार
मैदान
से
शुरू
हुई
रैली
में
काफी
संख्या
में
लोग
शामिल
थे।
रैली
में
सकल
हिन्दू
समाज
के
लोगों
में
आक्रोश
स्पष्टत:
नजर
आ
रहा
था।
इस
दौरान
रैली
में
शामिल
लोगों
ने
जमकर
नारेबाजी
की।
रैली
के
दौरान
हिन्दू
संत
और
वक्ताओं
ने
कहा
कि
बांग्लादेश
में
हिन्दुओं
तथा
अन्य
सभी
अल्पसंख्यकों
पर
इस्लामिक
कट्टरपंथियों
द्वारा
हमले,
हत्या,
लूट,
आगजनी
तथा
महिलाओं
पर
हो
रहे
अमानवीय
अत्याचार
अत्यंत
चिंताजनक
हैं।
यहां
सरकार
कट्टरवादी
तत्वों
के
साथ
है।
अन्य
एजेंसिया
इसे
रोकने
के
स्थान
पर
मूकदर्शक
बनी
हुई
हैं।
हिन्दुओं
की
आवाज
उठाने
वालों
को
भेजा
जा
रहा
जेल
वर्तमान
की
बांग्लादेश
सरकार
तथा
अन्य
एजेंसियां
इसे
रोकने
के
जगह
केवल
मूकदर्शक
बनी
हुई
है।
विवशतावश
बांग्लादेश
के
हिन्दुओं
द्वारा
स्वरक्षण
हेतु
लोकतांत्रिक
पद्धति
से
उठायी
गई
आवाज
को
दबाने
के
लिए
उन्हीं
पर
अन्याय
व
अत्याचार
का
नया
दौर
उभरता
दिख
रहा
है।
ऐसे
ही
शांतिपूर्ण
प्रदर्शनों
में
हिन्दुओं
का
नेतृत्व
कर
रहे
इस्कॉन
के
संन्यासी
चिन्मय
कृष्ण
दास
को
बांग्लादेश
सरकार
द्वारा
कारावास
भेजना
अन्यायपूर्ण
है।
सकल
हिन्दू समाज
ने
यह
की
मांग
कलेक्ट्रेक्ट
पहुंचीं
रैली
के
पश्चात
राष्ट्रपति
के
नाम
संबोधित
ज्ञापन
कलेक्टर
प्रवीण
सिंह
को
सौंपा
गया।
इस
दौरान
हिन्दू
समाज
ने
मांग
करते
हुए
कहा
कि
बांग्लादेश
सरकार
में
बांग्लादेश
में
हिन्दुओं
पर
हो
रहे
अत्याचार
तत्काल
बंद
करें।
चिन्मय
कृष्णदास
एवं
अन्य
हिन्दुओं
को
कारावास
से
मुक्त
किया
जाए।
सकल
हिन्दू
समाज
भारत
सरकार
से
आह्वान
करता
है
कि
बांग्लादेश
में
हिन्दुओं
तथा
अन्य
अल्पसंख्यकों
पर
हो
रहे
अत्याचार
को
रोकने
के
प्रयास
करें।
इसके
समर्थन
में
वैश्विक
अभीमत
बनाने
के
लिए
यथाशीघ्र
आवश्यक
कदम
उठाएं।
विश्वशांति
और
भाईचारा
की
आवश्यकता
है।
रैली
में
करीब
दस
हजार
लोग
शामिल
थे।