Sehors news: मूंग खरीदी पर सरकार के खिलाफ किसानों का अनोखा विरोध, सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल, जानें मामला

मध्य
प्रदेश
सरकार
द्वारा
मूंग
खरीदी
को
लेकर
कोई
निर्णय
नहीं
लिए
जाने
पर
किसानों
का
अनोखा
विरोध
सोशल
मीडिया
पर
वायरल
हुआ
है।
हरदा
जिले
के
किसानों
ने
बकायदा
एक
शोक
संदेश
जारी
किया
गया
है,
जिसमें
मध्य
प्रदेश
सरकार
का
10
जून
को
आकस्मिक
निधन
बताते
हुए
12
जून
को
उठावना
(श्रद्धांजलि
सभा)
का
कार्यक्रम
रखा
गया।
वहीं
सरकार
की
आत्म
शांति
हेतु
मुख्य
श्राद्ध
कार्यक्रम
भोपाल
में
होने
वाले
घेराव
के
बाद
होने
की
बात
कही
गई।
किसानों
द्वारा
किया
गया
यह
अनोखा
विरोध
सोशल
मीडिया
पर
तेजी
के
साथ
वायरल
हुआ
है।


विज्ञापन

Trending
Videos

ये
भी
पढ़ें-मध्य
प्रदेश
के
इंदौर
समेत
कई
जिलों
में
हुई
बारिश,
22
शहरों
में
पारा
40
डिग्री
के
पार


विज्ञापन


विज्ञापन


किसानों
ने
सरकार
के
खिलाफ
जाहिर
किया
अपना
गुस्सा

इस
मामले
में
क्षेत्र
के
किसानों
ने
भी
अपने
प्रतिक्रिया
व्यक्त
करते
हुए
मध्य
प्रदेश
सरकार
के
खिलाफ
अपना
गुस्सा
जाहिर
किया
है।
सोशल
मीडिया
पर
जारी
किए
गए
हरदा
जिले
के
मूंग
उत्पादक
किसानों
की
ओर
से
जारी
किए
गए
शोक
संदेश
मेें
बताया
गया
कि
अत्यंत
दुख
के
साथ
सूचित
किया
जाता
है
कि
जहर
युक्त
मूंग
खाने
से
किसान
हित
का
झूठा
ढोंग
करने
वाली
मध्यप्रदेश
सरकार
का
आकस्मिक
निधन
10/06/2025,
दिन
मंगलवार
को
हो
गया
है।
निधन
के
बाद
संदेश
में
सरकार
की
आत्म
शांति
हेतु
एक
विशेष
कार्यक्रम
का
भी
उल्लेख
किया
गया
है।
इसमें
बताया
गया
है
कि
(श्रद्धांजलि
सभा
12
जून
2025,
गुरुवार)
को
हुई।
मुख्य
श्राद्ध
कार्यक्रम
विधानसभा
का
घेराव
करने
के
पश्चात
भोपाल
में
संपन्न
होगा।

ये
भी
पढ़ें-मध्य
प्रदेश
के
चार
जिले
हुए
मलेरिया
मुक्त,
अब
शहरों
के
बाद
15
जिलों
में
गांव-गांव
जाएंगे
वॉलिंटियर


किसानों
ने
उम्मीद
जताई
कि
उनकी
आवाज
सुनी
जाएगी

किसानों
द्वारा
जारी
किए
गए
सरकार
के
शोक
संदेश
को
सोशल
मीडिया
पर
हाथों-हाथ
उठाया
गया
है।
मुख्य
रूप
से
इसमें
शामिल
जहर
युक्त
मूंग
खाने
से
मध्य
प्रदेश
सरकार
का
निधन
हुआ
है।
इसे
किसानों
के
द्वारा
प्रमुख
रूप
से
वायरल
किया
गया
है।
किसानों
का
विरोध
इस
बात
को
लेकर
भी
सामने

रहा
है
कि
सरकार
समर्थन
मूल्य
पर
मूंग
की
खरीदी
इसलिए
नहीं
कर
रही
की
किसानों
ने
अपने
खेतों
से
जहर
युक्त
मूंग
का
उत्पादन
किया
है,
लेकिन
जब
किसान
इसी
मूंग
को
खुले
बाजार
में
विक्रय
करेंगे
तो
क्या
इसका
जहर
खत्म
हो
जाएगा।
सरकार
की
नीति
और
रीति
को
लेकर
इस
समय
किसान
आक्रोशित
है।
इस
अनोखे
शोक
संदेश
के
माध्यम
से
किसानों
ने
उम्मीद
जताई
है
कि
उनकी
आवाज
सुनी
जाएगी
और
उनके
मुद्दों
पर
गंभीरता
से
विचार
किया
जाएगा।