Ratlam News: युवती के अर्धनग्न शव की शिनाख्त हुई, गला रेतकर की गई हत्या, नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी

Ratlam News: युवती के अर्धनग्न शव की शिनाख्त हुई, गला रेतकर की गई हत्या, नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी
Semi-nude body of girl found on the side of Mandsaur-Javra four lane identified

दो
अप्रैल
को
मिला
था
युवती
का
शव,
पहचान
नहीं
होने
पर
पुलिस
ने
दफनाया
था।


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

रतलाम
जिले
के
ढोढर
थाना
क्षेत्र
में
पांच
दिन
पहले
फोरलेन
किनारे
खेत
में
मिले
युवती
के
अर्धनग्न
शव
की
शिनाख्त
हो
गई।
युवती
की
शिनाख्त
सविता
पिता
भरतसिंह
राठौर
(20)
के
रूप
में
हुई
है,
जो
रतलाम
में
रहकर
नर्सिंग
की
पढ़ाई
कर
रही
थी।
उज्जैन
जिले
की
खाचरोद
तहसील
के
ग्राम
नरेड़ीबेरा
की
रहने
वाली
थी।
मृतका
की
पांच
दिन
तक
शिनाख्त
नहीं
होने
पर
पुलिस
ने
शुक्रवार
को
शव
को
जावरा
मुक्तिधाम
में
दफना
दिया
गया
था।
परिजनों
के
आने
के
बाद
पुलिस
ने
शनिवार
शाम
शव
को
गड्डा
खोदकर
वापस
निकलवाया
है। 

दरअसल,
2
अप्रैल
मंगलवार
को
ढोढर
के
समीप
फोरलेन
किनारे
खेत
में
एक
अर्धनग्न
युवती
की
लाश
मिली
थी।
जिसकी
गला
रेत
कर
हत्या
की
गई
थी।
युवती
के
गले
में
सोने
की
चेन,
हाथ
में
अंगूठी
और
कान
में
सोने
के
टॉप्स
थे।
इससे
साफ
था
कि
युवती
की
हत्या
लूट
के
इरादे
से
नहीं
की
गई
थी।
शव
मिलने
के
बाद
से
पुलिस
मृतका
की
शिनाख्ती
के
प्रयास
में
जुटी
हुई
थी,
शनिवार
को
उसकी
शिनाख्त
हो
सकी। 

शनिवार
सुबह
उज्जैन
जिले
की
खाचरोद
तहसील
के
ग्राम
नरेड़ी
निवासी
धीरेंद्रसिंह
पिता
भरतसिंह
राठौर
परिजनों
के
साथ
रतलाम
औद्योगिक
पुलिस
थाने
पहुंचे।
उन्होंने
पुलिस
को
बताया
कि
बहन
का
मोबाइल
पिछले
चार
दिन
से
बंद
है,
वो
जहां
रहती
थी
वहां
पर
भी
ताला
लगा
हुआ
है,
तब
पुलिस
ने
परिजनों
को
मंगलवार
को
ढोढर
में
मिले
शव
के
फोटो
दिखाए
तो
उन्होंने
उसकी
शिनाख्त
की।
भाई
धीरेंद्रसिंह
ने
बताया
कि
उनके
पिता
नहीं
है।

बहन
सविता
रतलाम
में
राम
मंदिर
के
पीछे
सखवाल
नगर
में
रह
कर
नर्सिंग
की
पढ़ाई
कर
रही
थी।
राम
मंदिर
क्षेत्र
स्थित
सुप्रीम
नर्सिंग
एकेडमी
पर
वह
कोचिंग
जाती
थी।
रविवार
को
आखिरी
बार
शाम
करीब
6
से
7
बजे
के
बीच
उसकी
बहन
सविता
से
बात
हुई
थी,
तब
नार्मल
ही
बातचीत
हुई
थी।
सोमवार
को
मोबाइल
बंद
था,
वह
अधिकतर
मोबाइल
स्वीच
ऑफ
रखती
थी।
कई
बार
कॉल
करने
पर
भी
मोबाइल
बंद
ही
बता
रहा
था।
ऐसे
में
चिंता
होने
पर
भाई
और
परिजन
शनिवार
सुबह
रतलाम
पहुंचे।
औद्योगिक
क्षेत्र
थाने
पर
गुमशुदगी
दर्ज
कराने
के
दौरान
उन्हें
पता
चला
कि
उसका
शव
2
अप्रैल
को
ढोढर
क्षेत्र
में
पाया
गया
है।

मृतिका
के
मामा
गजरासिंह
पिता
शंभूसिंह
ने
बताया
कि
होली
पर
भानजी
सविता
घर
आई
हुई
थी।
वह
रविवार
को
भानजे
धीरेंद्र
सिंह
के
साथ
भानजी
सविता
को
रतलाम
लेकर
आए
थे।
सुबह
9.30
बजे
रतलाम
बस
स्टैंड
पर
भानजी
को
छोड़ा
था।
वह
6
से
7
माह
से
रतलाम
में
अकेली
ही
रह
रही
थी।

शव
सविता
की
शिनाख्ती
के
बाद
नायब
तहसीलदार
वैभव
 जैन,
नगर
निरीक्षक
शहर
थाना
पुलिस
जितेंद्र
सिंह
जादौन
और
परिजनों
की
मौजूदगी
में
मृतका
के
शव
को
बाहर
निकलवाया
गया
और
शव
परिजनों
के
सुपुर्द
किया
गया।
पांच
दिनों
में
शव
की
खराब
स्थिति
को
देखते
हुए
परिजनों
ने
जावरा
शांतिवन
में
ही
अंतिम
संस्कार
कर
दिया।
वहीं,
पुलिस
ने
केस
दर्ज
कर
हत्या
की
जांच
शुरू
कर
दी
है।