आरोपी
गिरफ्तार
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
सीधी
जिले
में
चोरी
की
घटनाएं
लगातार
बढ़
रही
थी। ऐसे
में
सीएम
राइज
विद्यालय
में
कंप्यूटर
सिस्टम
की
चोरी
करने
वाले
आरोपियों
को
पुलिस
ने
गिरफ्तार
कर
लिया
है।
जहां
उनके
कब्जे
से
कंप्यूटर
सिस्टम
भी
बरामद
किया
है।
जहां
से
पुलिस
ने
उन्हें
न्यायालय
के
समक्ष मंगलवार
को
पेश
किया।
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कुसमी
थाना
प्रभारी
भूपेश
बैस
ने
जानकारी
देते
हुए
बताया
है
कि सीएम
राइज
स्कूल
में
कंप्यूटर
सिस्टम
की
चोरी
कुछ
लोगों
के
द्वारा
की
गई
थी।
जहां
थाने
में
चोरी
की
एफआईआर दर्ज
कर
ली
गई।
इसके
बाद
टीम
ने
कड़ी
मशक्कत
की
और
ग्राम
भगवार
से
जिला
बदर
के
आरोपी
मणिशंकर
सेन
तथा
उसके
साथियों
को
गिरफ्तार
कर
लिया
है।
उनके
कब्जे
से
कंप्यूटर
सिस्टम
भी
बरामद
कर
लिया
है।
मणिशंकर
सेन
पहले
ही
जिलाबदर
का
आरोपी
है,
जिसे
23
अक्तूबर तक
के
लिए
जिला
कलेक्टर
सीधी
ने
जिलाबदर
किया
था।
लेकिन
वह
गांव
में
ही
चोरी
छुपे
रहता
था
और
चोरी
की
इस
घटना
को
अंजाम
दिया
था।
जहां पुलिस
को
सफलता
हाथ
लगी
है
और
आरोपी
को
पकड़कर
न्यायालय
में
मंगलवार
के
दिन
पेश
किया
गया
है।
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जिला
पंचायत
के
आदेश
विभाग
के
कार्यालय
में
फाइलों
को
जलाने
का
वीडियो
वायरल
सीधी
जिले
का
एक
वीडियो
सोशल
मीडिया
में
तेजी
से
वायरल
हो
रहा
है।
जहां
पर
मध्यप्रदेश
कांग्रेस
कमेटी
के
ट्विटर
हैंडल
से
एक
वीडियो
ट्वीट
किया
गया
है।
उसे
वीडियो
में
दिख
रहा
है
कि
दो
लोग
फाइल
जलाने
का
कार्य
कर
रहे
हैं,
जिसका
किसी
ने
वीडियो
बना
लिया
और
उसे
सोशल
मीडिया
में
डाल
दिया,
जिसे
मध्यप्रदेश
कांग्रेस
कमेटी
ने
अब
उसे
अपने
आधिकारिक
ट्विटर
हैंडल
से
ट्वीट
किया
है।

ट्विटर
में
यह
है
ट्वीट
किया
गया
है
कि
मप्र
की
भाजपा
सरकार
ने
पिछले
कुछ
सालों
में
भ्रष्टाचार
के
तरीके
को
बहुत
अपग्रेड
कर
दिया
है। मसलन
करोड़ों
के
घोटाले
करो और
रिकॉर्ड
जला
दो।
इस
ट्यूट
के
बाद
पूरे
जिले
में
इस
मामले
की
चर्चा
जोरों
से
होने
लगी
है।
जब
इस
मामले
को
लेकर
कांग्रेस
पार्टी
के
जिलाध्यक्ष
ज्ञान
सिंह
से
बात
की
गई
तो
उन्होंने
बताया
है
कि
सीधी
जिले
में
आरईएस
विभाग
के
द्वारा
अरबों
का
भ्रष्टाचार
किया
गया
है।
भ्रष्टाचार
को
छुपाने
के
लिए
एक
कंप्यूटर
ऑपरेटर
की
इतनी
हिम्मत
पड़
जाती
है
कि
वह
अपना
क्षेत्र
छोड़कर
सीधी
में
आता
है
और
फाइलों
को
उठाकर
जला
देता
है।
यहां
के
नेताओं
और
अन्य
कर्मचारी
का
कद
कब इतना
बड़ा
हो
गया
है
कि
वह
अपने
अधिकारी
तक
से
अनुमति
नहीं
लेते
हैं।
अगर
इस
पर
प्रदेश
सरकार
या
जिला
प्रशासन
कार्रवाई नहीं
करता
है
तो
आगे
हम
धरना
प्रदर्शन
आंदोलन
करेंगे
और
जिस
प्रकार
हिमांशु
तिवारी
को
हटाया
है,
उसी
प्रकार
इसे
भी
हटाने
के
एवज
में
धरना
प्रदर्शन
किया
जाएगा।
जब
इस
वीडियो
के
संबंध
में
प्रभारी
RES
विभाग
के
कार्यापालन
यंत्री
मनोज
कुमार
बाथम
से
बात
की
गई
तब
उन्होंने
बताया
कि
यह
वीडियो
शनिवार
का
है।
जहां
कंप्यूटर
ऑपरेटर
निलेश
पांडे
के
द्वारा
दस्तावेजों
को
जलाया
गया
है।
वीडियो
वायरल
होने
के
बाद
हमने
नोटिस
काटकर
उनसे
जवाब
मांगा
है।
संतोष
जनक
जवाब
न
होने
पर
निश्चित
ही
तौर
पर
कार्रवाई
की
जाएगी।