Burhanpur News: आंधी-बारिश से उजड़ी केले की फसल, नुकसान देख खेतों में रो पड़े किसान, सर्वे का काम जारी


मध्यप्रदेश
में
इन
दिनों
जारी
बेमौसम
बारिश
के
बाद
जहां
एक
ओर
तापमान
में
कुछ
गिरावट
आने
से
आमजन
ने
राहत
की
सांस
ली
है।
वहीं,
बारिश
और
आंधी
के
चलते
किसानों
की
फसलें
बुरी
तरह
प्रभावित
हुई
हैं।
प्रदेश
में
केला
उत्पादन
की
दृष्टि
से
महत्वपूर्ण
जिला
बुरहानपुर
भी
इससे
अछूता
नहीं
रहा।
यहां
के
नीमगांव,
बख्खारी,
रायगांव
और
खामनी
गांवों
के
40
से
अधिक
किसानों
को
तेज
आंधी
और
बारिश
के
कारण
करोड़ों
रुपये
की
केले
की
फसल
का
नुकसान
हुआ
है।
इन
गांवों
में
किसानों
की
पूरी
तरह
से
तैयार
खड़ी
फसल
अब
आंधी-तूफान
की
चपेट
में
आकर
नष्ट
हो
गई
है।

ये
भी
पढ़ें: देवी
अहिल्या
बाई
की
राजकाज
के
पत्र
मोड़ी
लिपि
में
लिखे
जाते
थे,
अब
लुप्त
हो
रही
लिपि

हालांकि,
जिला
प्रशासन
ने
किसानों
की
फसल
क्षति
का
आकलन
करने
के
लिए
अपने
पूरे
अमले
को
मैदान
में
उतार
दिया
है,
बावजूद
इसके
किसानों
को
फसल
का
सही
मुआवजा
मिलने
की
उम्मीद
फिलहाल
कम
नजर

रही
है।
इसी
के
चलते
कई
किसान
अपनी
फसलों
की
बर्बादी
देखकर
खेतों
में
ही
फूट-फूट
कर
रो
पड़े।
ऐसे
ही
एक
बुजुर्ग
किसान
का
वीडियो
सोशल
मीडिया
पर
वायरल
हो
रहा
है,
जिसमें
वह
अपनी
नष्ट
हुई
केले
की
फसल
को
देखकर
खेत
में
बिलखता
हुआ
नजर

रहा
है।
इस
घटना
के
बाद
जिले
के
किसानों
ने
सरकार
से
मांग
की
है
कि
केले
की
फसल
को
भी
फसल
बीमा
योजना
में
शामिल
किया
जाए,
ताकि
भविष्य
में
इस
तरह
के
नुकसान
की
भरपाई
हो
सके।

ये
भी
पढ़ें:  MP
के
पांच
जिलों
में
आज
भारी
बारिश
का
अलर्ट,
प्रदेश
का
बदला
रहेगा
मौसम,
चार
दिन
ऐसा
ही
रहेगा 

इधर,
जिला
कलेक्टर
हर्ष
सिंह
ने
किसानों
की
समस्या
को
गंभीरता
से
लेते
हुए
एक
सर्वे
दल
गठित
किया
है।
यह
दल
प्रभावित
क्षेत्रों
का
दौरा
कर
नुकसान
का
आकलन
कर
रहा
है,
ताकि
किसानों
को
उचित
मुआवजा
दिलाने
की
प्रक्रिया
प्रारंभ
की
जा
सके।


फील्ड
पर
सर्वे
कर
रहा
अमला

सर्वे
दल
के
साथ
मौके
पर
पहुंची
एसडीएम
पल्लवी
पौराणिक
ने
बताया
कि
प्रशासन
को
प्राप्त
सूचना
के
अनुसार
नीमगांव,
बख्खारी,
रायगांव
और
कोदरी
क्षेत्रों
में
अधिक
नुकसान
हुआ
है।
इसे
लेकर
फिलहाल
तहसीलदार,
पटवारी,
उद्यानिकी
विभाग
और
कृषि
विभाग
का
अमला
फील्ड
पर
सर्वे
कर
रहा
है।
उन्होंने
बताया
कि
वे
स्वयं
भी
अपनी
टीम
के
साथ
स्थिति
का
निरीक्षण
कर
रही
हैं।
प्रथम
दृष्टया
नुकसान
स्पष्ट
रूप
से
दिखाई
दे
रहा
है,
लेकिन
सर्वे
पूरा
होने
के
बाद
ही
सही
आंकड़े
बताना
संभव
होगा।
सर्वे
के
बाद
आरबीसी
6-4
नियम
के
तहत
किसानों
को
मुआवजे
की
राशि
दी
जाएगी।