
उज्जैन
में
11
मई
को
मासूम
की
हुई
संदिग्ध
मौत
और
परिवार
द्वारा
जल्दबाजी
में
किए
गए
अंतिम
संस्कार
के
मामले
का
पुलिस
ने
खुलासा
कर
दिया।
माकड़ोन
थाना
पुलिस
द्वारा
बच्ची
के
माता-पिता
को
हिरासत
में
लेकर
की
पूछताछ
गई
पूछताछ
में
खुलासा
हुआ
कि
सौतेली
मां
ने
बकरी
बांधने
की
रस्सी
से
गला
घोंटकर
उसकी
हत्या
की
थी।
पिता
ने
साक्ष्य
छुपाने
के
लिए
अंतिम
संस्कार
कर
दिया
था।
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माकड़ोन
थाना
प्रभारी
प्रदीप
सिंह
राजपूत
ने
बताया
कि
11
मई
की
शाम
को
खबर
मिली
थी
कि
ग्राम
रावणखेड़ी
में
रहने
वाली
मधु
पिता
बालाराम
उर्फ
बालू
पंवार
(10)
की
संदिग्ध
हालत
में
मौत
हुई
है।
उसके
गले
पर
रस्सी
जैसे
निशान
थे।
पुलिस
की
टीम
रावणखेड़ी
पहुंची,
लेकिन
परिजनों
ने
बच्ची
का
अंतिम
संस्कार
कर
दिया
था।
घटना
की
जानकारी
एएसपी
पल्लवी
शुक्ला
और
एसडीओपी
भविष्य
भास्कर
को
दी
गई
और
जांच
के
लिए
एफएसएल
टीम
बुलाई
गई।
साथ
ही
अपराध
क्रमांक
205/25
धारा
103(1),
238(क),
351(3),
3(5)
बीएनएस
के
तहत
गंभीर
अपराध
दर्ज
किया
गया।
मासूम
के
अवशेष
जब्त
कर
जांच
के
लिए
फॉरेंसिक
लैब
भेजे
गए।
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थाना
प्रभारी
के
अनुसार,
उन्हें
गांव
के
एक
युवक
ने
कुछ
फोटो-वीडियो
उपलब्ध
कराए
थे,
जो
मृतक
मधु
की
बॉडी
के
थे।
फोटो
में
उसके
गले
पर
निशान
दिखाई
दे
रहे
थे।
इसी
आधार
पर
अंतिम
संस्कार
करने
वाले
परिजनों
को
पूछताछ
के
लिए
हिरासत
में
लिया
गया।
पूछताछ
में
सामने
आया
कि
मृतक
मधु
की
मां
संगीता
बाई
उसकी
सगी
मां
नहीं
है।
उसके
पिता
ने
दूसरी
शादी
की
थी।
संगीता
और
मधु
के
बीच
आए
दिन
विवाद
होता
था।
घटना
वाले
दिन
चाय
बनाने
को
लेकर
दोनों
में
विवाद
हुआ,
जिसके
बाद
संगीता
मधु
को
बकरियां
बांधने
वाले
बाड़े
में
ले
गई।
जहां,
उसने
बकरी
बांधने
वाली
की
रस्सी
से
मधु
का
गला
घोंटकर
उसकी
हत्या
कर
दी।
बालाराम
के
आने
पर
उसे
पत्नी
द्वारा
की
गई
बच्ची
की
हत्या
का
पता
चला।
लेकिन,
उसने
पुलिस
को
सूचना
देने
के
बजाय
पत्नी
को
बचाने
के
लिए
बेटी
का
अंतिम
संस्कार
कर
दिया।
थाना
प्रभारी
राजपूत
के
अनुसार,
संगीता
और
बालाराम
के
बयान
से
घटना
के
9
दिन
बाद
हत्या
का
खुलासा
किया
गया।
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युवती
ने
हिंदू
को
फंसाया,
मरने
की
धमकी
देकर
की
शादी,
निकली
तीन
बच्चों
की
मां;
हैरान
कर
देगा
मामला
संगीता-बालाराम
ने
किया
था
दूसरा
विवाह
पुलिस
पूछताछ
में
सामने
आया
कि
बालाराम
की
पहली
शादी
सुमन
से
हुई
थी।
दोनों
के
तीन
बच्चे
थे—निशा,
गोपाल
और
मधु
(सबसे
छोटी
)
थी।
10
साल
पहले
सुमन
का
निधन
हो
गया
था।
संगीता
के
पति
का
भी
निधन
हो
चुका
था
और
उसकी
भी
एक
बेटी
काजल
थी।
इसके
बाद
संगीता
और
बालाराम
ने
विवाह
कर
लिया
और
चार
बच्चे
साथ
रहने
लगे।
इस
बीच
बालाराम
ने
अपनी
बड़ी
बेटी
निशा
और
संगीता
ने
अपनी
बेटी
काजल
की
शादी
कर
दी।
घर
में
गोपाल
और
मधु
रह
गए
थे,
लेकिन
मधु
और
संगीता
के
बीच
आए
दिन
लड़ाई
झगड़ा
होता
था।
इन्हीं
विवादों
के
चलते
संगीता
ने
मधु
की
हत्या
कर
दी।
डिलीवरी
के
लिए
आई
थी
काजल
सूत्रों
के
अनुसार,
पुलिस
मधु
की
मौत
की
गुत्थी
सुलझाने
में
लगी
थी,
लेकिन
संगीता
और
बालाराम
पूछताछ
में
टूट
नहीं
रहे
थे।
पुलिस
ने
घर
में
मौजूद
अन्य
लोगों
से
पूछताछ
शुरू
की।
संगीता
की
पहली
बेटी
काजल
डिलीवरी
के
लिए
घर
आई
हुई
थी।
पुलिस
ने
काजल
से
पूछताछ
की,
जिसके
बाद
काजल
ने
बताया
कि
मां
और
मधु
के
बीच
विवाद
हुआ
था
और
मां
उसे
पीछे
ले
गई
थी,
जहां
रस्सी
से
गला
दबाकर
उसकी
हत्या
कर
दी।
बेटी
से
मिली
जानकारी
के
बाद
दोनों
पति-पत्नी
टूट
गए
और
हत्या
व
साक्ष्य
छिपाने
की
बात
कबूल
कर
ली।
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लक्ष्मी
और
उनके
भाई
की
जमानत
रद्द,
HC
ने
कहा-
गुमराह
किया,
लटकी
गिरफ्तारी
की
तलवार
रस्सी
गाड़
दी,
कपड़े
जलाए
पुलिस
ने
मामले
का
खुलासा
होने
के
बाद
हत्या
में
प्रयुक्त
रस्सी
और
मृतक
मधु
के
कपड़े
बरामद
करने
का
प्रयास
किया।
बालाराम
ने
बताया
कि
जिस
रस्सी
से
गला
घोंटा
गया
था,
उसे
घर
के
पीछे
जमीन
में
गाड़
दिया
था
और
कपड़े
जला
दिए
थे।
जिसके
बाद
पुलिस
ने
रस्सी
बरामद
कर
ली
है।