पुलिस
अभिरक्षा
में
गाय
विस्तार
दमोह
कोतवाली
पुलिस
ने
एक
गाय
की
हत्या
होने
के
पहले
उसकी
जान
बचा
ली।
आरोपी
गाय
का
मुंह
और
पैर
बांधकर
डंडे
मारते
हुए
ले
जा
रहे
थे।
जिनमें
से
एक
आरोपी
को
पुलिस
ने
पकड़
लिया,
जबकि
दो
आरोपी
मौके
से
भाग
निकले।
कोतवाली
टीआई
आनंद
सिंह
ने
बताया
गुरुवार
शाम
मुखबिर
से
सूचना
मिली
कि
सीतावावली
श्मशान
के
पास
तीन
आरोपी
एक
सफेद
रंग
की
गाय
के
पैर
और
मुंह
रस्सियों
से
बांधकर
हत्या
करने
के
उद्देश्य
से
डंडे
मारते
हुए
ले
जा
रहे
हैं।
पुलिस
तत्काल
मौके
पर
पहुंची
तो
दो
आरोपी
पुलिस
को
देकर
भाग
गए।
लेकिन,
एक
आरोपी
कल्लू
उर्फ
शमशेर
पिता
चेनू
कुरैशी
46
निवासी
कसाई
मंडी
पकड़
लिया।
आरोपी
ने
फरार
आरोपी
का
नाम
सलीम
बिजली
और
दूसरे
का
नाम
उसे
पता
नहीं
था।
आरोपी
के
कब्जे
से
पुलिस
ने
गाय
का
टूटा
सींग
बरामद
किया,
जिसके
बाद
कल्लू
उर्फ
शमशेर
को
गिरफ्तार
कर
धारा
9
म.प्र.
गौ
वंश
प्रतिशेध
अधिनियम,
10
म.प्र.
कृषक
पशु
परिरक्षण
अधिनियम,
11
पशु
के
प्रतिशेध
का
निवारण
अधिनियम
के
तहत
मामला
दर्ज
कर
आरोपी
को
न्यायालय
में
पेश
किया
गया,
जहां
से
उसे
जेल
भेज
दिया
गया।
पुलिस
ने
फरार
आरोपी
की
तलाश
शुरू
कर
दी
है।
विज्ञापन
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बछड़े
का
मिला
था
सिर
इधर,
गुरुवार
सुबह
ही
कुछ
आरोपियों
ने
फुटेरा
तलाब
के
समीप
मोतीबाग
में
भी
एक
बछड़े
की
हत्या
कर
उसका
सिर
काटकर
मैदान
में
फेंक
दिया
था।
इस
बात
की
जानकारी
लगने
पर
हिंदूवादी
संगठन
के
सदस्यों
ने
पुलिस
की
कार्यप्रणाली
पर
सवाल
उठाए
हैं।
जिसके
बाद
राष्ट्रीय
बाल
संरक्षण
आयोग
अध्यक्ष
प्रियंक
कानूनगो
ने
एक्स
पर
अपनी
प्रतिक्रिया
देकर
पुलिस
पर
सवालिया
निशान
लगाए
थे।
बता
दें
दमोह
में
गोकशी
रुकने
का
नाम
नहीं
ले
रही
है।
हिंदूवादी
संगठन
इस
मामले
को
लेकर
पुलिस
के
खिलाफ
भी
प्रदर्शन
कर
चुके
हैं
जिसके
बाद
कोतवाली
के
तत्कालीन
टीआई
को
हटाया
गया
था।