Mandla News: भाई पर कुल्हाड़ी से हमला करने वाला आरोपी रायपुर से गिरफ्तार, भेजा गया जेल


जिले
के
घुघरी
थाना
अंतर्गत
दानीटोला
गांव
में
भाई
पर
कुल्हाड़ी
से
जानलेवा
हमला
करने
वाला
आरोपी
आखिरकार
पुलिस
के
हत्थे
चढ़
गया
है।
पुलिस
ने
फरार
चल
रहे
आरोपी
चमन
सिंह
पंद्रो
को
छत्तीसगढ़
की
राजधानी
रायपुर
से
गिरफ्तार
कर
लिया।
न्यायालय
में
पेश
करने
के
बाद
उसे
न्यायिक
हिरासत
में
जेल
भेज
दिया
गया
है।


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जानकारी
के
अनुसार,
यह
घटना
26
मई
2025
की
है।
आरोपी
चमन
सिंह
पंद्रो
ने
किसी
पारिवारिक
विवाद
के
चलते
अपने
सगे
भाई
अमर
सिंह
पंद्रो
पर
कुल्हाड़ी
से
हमला
कर
दिया
था।
यह
हमला
उस
समय
हुआ
जब
अमर
सिंह
घर
के
बाहर
कुछ
काम
कर
रहा
था।
हमले
में
अमर
सिंह
को
सिर
और
गले
में
गंभीर
चोटें
आई
थीं।
मौके
पर
मौजूद
परिजनों
ने
घायल
अमर
को
तत्काल
अस्पताल
पहुंचाया,
जहां
उसका
उपचार
जारी
है।
डॉक्टरों
के
अनुसार,
उसकी
हालत
अब
स्थिर
है
लेकिन
उसे
लंबे
समय
तक
निगरानी
में
रखने
की
जरूरत
है।


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पुलिस
ने
मामले
को
गंभीरता
से
लेते
हुए
आरोपी
की
तलाश
शुरू
की।
प्रारंभिक
जांच
में
पता
चला
कि
आरोपी
वारदात
के
बाद
मौके
से
फरार
हो
गया
था
और
छत्तीसगढ़
की
ओर
भाग
निकला।
पुलिस
की
एक
टीम
ने
तकनीकी
साक्ष्यों
और
मुखबिर
की
सूचना
के
आधार
पर
रायपुर
में
उसकी
मौजूदगी
का
पता
लगाया
और
उसे
गिरफ्तार
किया।

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और
सोनम
की
एक
और
तस्वीर
आई
सामने,
सीढ़ियां
चढ़ते
समय
पर्यटक
ने
बनाई
थी

थाना
प्रभारी
घुघरी
ने
बताया
कि
आरोपी
चमन
सिंह
को
रायपुर
से
पकड़कर
मंडला
लाया
गया
और
फिर
स्थानीय
न्यायालय
में
पेश
किया
गया,
जहां
से
उसे
न्यायिक
अभिरक्षा
में
जेल
भेज
दिया
गया।
पुलिस
इस
मामले
में
और
भी
पहलुओं
की
जांच
कर
रही
है,
ताकि
यह
स्पष्ट
हो
सके
कि
हमले
की
असली
वजह
क्या
थी।

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में
जल
निगम
परियोजना
प्रबंधक
के
साथ
मारपीट,
गहरे
पानी
में
नहाने
से
रोका
तो
युवकों
ने
पीटा

गांव
के
लोगों
में
इस
घटना
को
लेकर
काफी
आक्रोश
है।
परिजनों
और
ग्रामीणों
का
कहना
है
कि
दोनों
भाइयों
के
बीच
पिछले
कुछ
महीनों
से
विवाद
चल
रहा
था,
लेकिन
किसी
ने
अंदाजा
नहीं
लगाया
था
कि
बात
इतनी
गंभीर
हो
जाएगी। पुलिस
अधिकारियों
ने
आश्वासन
दिया
है
कि
आरोपी
के
खिलाफ
सख्त
धाराओं
में
मामला
दर्ज
किया
गया
है
और
पीड़ित
को
न्याय
दिलाने
में
कोई
कसर
नहीं
छोड़ी
जाएगी।
घटना
के
बाद
गांव
में
तनावपूर्ण
शांति
बनी
हुई
है।
यह
मामला

सिर्फ
पारिवारिक
कलह
के
खतरनाक
मोड़
की
मिसाल
है,
बल्कि
समाज
में
बढ़ती
आक्रोश
और
असहिष्णुता
की
भी
एक
चेतावनी
है,
जिसमें
संवाद
की
कमी
हिंसा
में
तब्दील
हो
रही
है।