
भाभी
की
हत्या
कर
फरार
हुआ
आरोपी
मुकेश
रावतेल
उर्फ
जुंगी
आखिरकार
पुलिस
के
हत्थे
चढ़
ही
गया।
पुलिस
जांच
में
सनसनीखेज
खुलासा
हुआ
है
कि
फरारी
के
दौरान
उसने
आत्महत्या
की
कोशिश
की
थी,
लेकिन
फंदा
टूट
जाने
से
उसकी
जान
बच
गई।
शनिवार
को
पुलिस
ने
हत्या
में
इस्तेमाल
की
गई
गुंडी
को
जब्त
कर
परासिया
अस्पताल
में
चिकित्सकीय
परीक्षण
कराया
गया।
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हत्या
के
बाद
भागा,
पुलिया
के
नीचे
छिपकर
गुजारी
रातें
चांदामेटा
पुलिस
के
अनुसार,
बड़कुही
टेक
निवासी
मुकेश
ने
किसी
विवाद
के
चलते
अपनी
भाभी
की
हत्या
कर
दी
थी।
हत्या
के
बाद
वह
घटनास्थल
से
फरार
हो
गया।
पूछताछ
में
आरोपी
ने
बताया
कि
वह
ट्रेन
की
पटरी
के
रास्ते
पैदल
जामई
तक
गया,
फिर
वहीं
से
लौटकर
इकलहरा-बड़कुही
क्षेत्र
के
एक
रेलवे
पुलिया
के
नीचे
रहने
लगा।
वहां
उसने
कई
दिन
गुजारे।
इसी
दौरान
मानसिक
तनाव
और
निराशा
में
उसने
पिपराज
गांव
में
एक
पेड़
पर
फांसी
लगाने
की
कोशिश
की,
लेकिन
फंदा
कमजोर
होने
से
वह
टूट
गया
और
आरोपी
नीचे
गिर
पड़ा।
इस
हादसे
में
उसकी
पीठ
में
गंभीर
चोट
आई।
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फंदा
टूटता
नहीं
तो
उलझ
सकती
थी
जांच
पुलिस
का
मानना
है
कि
यदि
आरोपी
की
मौत
हो
जाती,
तो
जांच
और
भी
उलझ
जाती।
तब
यह
तय
कर
पाना
मुश्किल
होता
कि
हत्या
में
उसकी
क्या
भूमिका
थी
और
उसे
किसने
मारा।
चांदामेटा
थाना
प्रभारी
अरुण
मर्सकोले
और
चौकी
प्रभारी
अक्रजय
धुर्वे
की
टीम
ने
आरोपी
को
लेकर
घटनास्थल
पहुंची।
पुलिया
के
नीचे
रहने
के
निशान,
टूटा
हुआ
फंदा
और
पेड़
से
लटकते
हुए
फंदे
के
अवशेष
मिले।
ये
भी
पढ़ें- प्रदेश
में
दक्षिणी
पूर्वी
जिलों
से
एंट्री
करेगा
मानसून,
मानसून
के
पहले
कई
जिलों
में
हुई
जोरदार
बारिश
पानी
से
भरी
गुंडी
से
किया
था
हमला
आरोपी
ने
पुलिस
को
बताया
कि
उसने
पानी
से
भरी
गुंडी
(धातु
की
केतली)
मृतका
के
सीने
पर
जोर
से
पटकी
थी।
इससे
उसकी
पसलियों
की
हड्डी
टूट
गई
थी।
गंभीर
रूप
से
घायल
भाभी
को
वह
घर
तक
घसीट
कर
लाया।
इस
बीच
कई
बार
वह
गिरती
रही।
गिरने
और
चोट
लगने
से
उसकी
जान
चली
गई।
डीएनए
सैंपल
लिया
गया,
न्यायिक
अभिरक्षा
में
भेजा
आरोपी
को
गिरफ्तार
कर
शुक्रवार
को
डीएनए
सैंपल
लिया
गया।
न्यायालय
में
पेश
करने
के
बाद
उसे
जेल
भेज
दिया
गया
है।
मामले
में
हत्या,
फरारी
और
साक्ष्य
छिपाने
से
जुड़े
प्रावधानों
के
तहत
कार्रवाई
की
गई
है।