MP News: नर्मदा घाट पर पूजा करने गई महिला का शव सहस्त्रधारा में मिला, पुलिस जांच में जुटी

जिले
के
सहस्त्रधारा
क्षेत्र
में
मंगलवार
को
नर्मदा
नदी
से
एक
महिला
का
शव
बरामद
होने
से
क्षेत्र
में
सनसनी
फैल
गई।
मृतका
की
पहचान
शहर
के
लाल
बहादुर
शास्त्री
वार्ड
निवासी
सुशीला
बाई
यादव
के
रूप
में
हुई
है,
जो
बीते
कुछ
दिनों
से
लापता
थीं।


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प्राप्त
जानकारी
के
अनुसार,
27
जून
की
सुबह
सुशीला
बाई
यादव
प्रतिदिन
की
तरह
नर्मदा
नदी
के
वाल्मीकि
घाट
पर
पूजा
करने
गई
थीं।
परिजनों
के
मुताबिक,
वे
रोजाना
सुबह
पूजा-पाठ
के
लिए
घाट
जाती
थीं,
लेकिन
उस
दिन
दोपहर
तक
घर
नहीं
लौटीं।
काफी
देर
तक
कोई
सुराग

मिलने
पर
परिवार
ने
अपने
स्तर
पर
तलाश
शुरू
की,
लेकिन
कहीं
पता
नहीं
चलने
पर
कोतवाली
थाने
में
गुमशुदगी
की
रिपोर्ट
दर्ज
कराई
गई
थी।


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इसके
बाद
पुलिस
ने
स्थानीय
होमगार्ड
दल
की
मदद
से
घाटों
और
नदी
के
किनारों
पर
तलाश
अभियान
चलाया।
कई
दिनों
तक
प्रयास
के
बाद
भी
कोई
सफलता
नहीं
मिली।
अंततः
1
जुलाई
की
सुबह
सहस्त्रधारा
क्षेत्र
में
स्थानीय
लोगों
ने
नर्मदा
नदी
में
एक
महिला
का
शव
दिखाई
देने
की
सूचना
पुलिस
को
दी।
सूचना
मिलते
ही
कोतवाली
पुलिस
और
होमगार्ड
की
टीम
मौके
पर
पहुंची
और
शव
को
बाहर
निकाला
गया।
शव
की
शिनाख्त
सुशीला
बाई
यादव
के
रूप
में
हुई।

 
पढे़ं: कलेक्ट्रेट
परिसर
में
पत्रकारों
के
बिना
अनुमति के
प्रवेश
पर
रोक, IAS
नेहा
मारव्या
सिंह
के
आदेश
पर
विरोध
तेज

पुलिस
ने
शव
को
कब्जे
में
लेकर
पोस्टमॉर्टम
के
लिए
जिला
अस्पताल
भिजवाया।
आवश्यक
प्रक्रिया
पूरी
करने
के
बाद
शव
को
परिजनों
के
सुपुर्द
कर
दिया
गया
है।
हालांकि
अब
तक
यह
स्पष्ट
नहीं
हो
पाया
है
कि
यह
हादसा
था
या
किसी
साजिश
के
तहत
महिला
की
मौत
हुई
है।
कोतवाली
थाना
प्रभारी
का
कहना
है
कि
पोस्टमॉर्टम
रिपोर्ट
आने
के
बाद
ही
मौत
के
कारणों
का
खुलासा
हो
सकेगा।
इधर,
मृतका
के
परिजनों
का
रो-रोकर
बुरा
हाल
है।
उन्होंने
किसी
प्रकार
की
दुश्मनी
या
विवाद
की
संभावना
से
इनकार
किया
है।

फिलहाल
पुलिस
आसपास
के
सीसीटीवी
फुटेज
खंगालने
के
साथ
ही
मृतका
के
मोबाइल
की
कॉल
डिटेल्स
और
अंतिम
गतिविधियों
की
जानकारी
जुटाने
में
लगी
हुई
है।
पुलिस
ने
कहा
है
कि
मामले
की
हर
पहलू
से
गंभीरता
से
जांच
की
जा
रही
है,
ताकि
जल्द
से
जल्द
सच
सामने

सके।
इस
घटना
के
बाद
नर्मदा
नदी
के
घाटों
पर
पूजा-अर्चना
करने
वाले
श्रद्धालुओं
में
भी
दहशत
का
माहौल
है।
स्थानीय
लोगों
ने
घाटों
की
सुरक्षा
और
निगरानी
बढ़ाने
की
मांग
प्रशासन
से
की
है।