
मध्य
प्रदेश
के
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
शनिवार
को
जिले
के
नगर
पृथ्वीपुर
पहुंचे।
हालांकि
सीएम
अपने
निर्धारित
समय
से करीब
डेढ़
घंटे
की
देरी
से
यहां
पहुंचे।
उन्होंने
कॉलेज
परिसर
में
आयोजित
देवी
अहिल्या
नारी
सम्मेलन
को
संबोधित
किया।
डॉक्टर
मोहन
यादव
ने
कहा
कि
नारी
का
सम्मान
आज
से
नहीं
हजारों
साल
से
भारत
में
होता
रहा
है।
उन्होंने
कृष्ण
जन्म
और
यशोदा
मैया
का
भी
ज़िक्र
किया।
इसके
साथ
ही
उन्होंने
कहा
कि
भारत
में
बहन
और
भाई
का
प्रेम
एक
धागे
में
बंधा
है
और
विश्व
का
पहला
देश
है
जहां
भाई-बहन
का
प्रेम
माना
जाता
है।
इसके
साथ
ही
उन्होंने
कांग्रेस
पर
तंज
कसा
और
कहा
कि
आने
वाले
दीपावली
से
लाडली
बहनों
को
₹1500
का
महीना
दिया
जाएगा
और
मध्य
प्रदेश
सरकार
2028
तक
₹3000
का
महीना
अपनी
लाडली
बहनों
को
देगी।
उन्होंने
महिलाओं
को
भरोसा
दिलाया
कि
अगर
कोई
महिला
निजी
कंपनी
कारखाने
में
काम
करेगी
तो
मध्य
प्रदेश
की
सरकार
उसे
अलग
से
₹5000
का
महीना
भी
देगी।
ऑपरेशन
सिंदूर
का
किया
ज़िक्र
कार्यक्रम
में
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
ऑपरेशन
सिंदूर
का
भी
जिक्र
किया।
उन्होंने
कहा
कि
पाकिस्तान
ने
पहलगाम
में
बहनों
की
सिंदूर
उजाड़े
थे,
लेकिन
भारत
के
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
घर
में
घुसकर
के
इसका
जवाब
दिया
है
और
बदला
लिया
है।
इसके
साथ
ही
पाकिस्तान
की
सेना
प्रमुख
और
पाकिस्तान
के
प्रधानमंत्री
का
भी
उन्होंने
नाम
लिया।
नेता
प्रतिपक्ष
राहुल
गांधी
पर
तंज
कसा
और
कहा
कि
उन्हें
चुल्लू
भर
पानी
में
डूब
मर
जाना
चाहिए।
अटल
जी
का
जिक्र
करते
हुए
उन्होंने
कहा
कि
अटल
जी
को
विश्वास
में
लेकर
के
उनकी
पीठ
पर
छुरा
घोपा
था।
इसके
साथ
ही
उन्होंने
जनसभा
में
कहा
कि
मध्य
प्रदेश
सरकार
युवाओं
के
रोजगार
की
बात
कर
रही
है।
अब
मध्य
प्रदेश
के
युवाओं
को
अन्य
राज्यों
में
रोजगार
के
लिए
नहीं
जाना
पड़ेगा।
जिले
को
दी
सौगातें
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
निवाड़ी
जिले
की
सुप्रसिद्ध
धार्मिक
स्थल
अच्छरु
माता
मंदिर
को
पांच
करोड़
की
राशि
डेवलपमेंट
के
लिए
दी
है।
इसके
साथ
ही
उन्होंने
कहा
कि
आने
वाले
समय
में
अच्छरू
लोक
बनाया
जाएगा,
जिससे
कि
यह
स्थान
बुंदेलखंड
के
साथ-साथ
भारत
में
अपना
अलग
स्थान
बना
सके।
इसके
साथ
ही
उन्होंने
सिमरा
से
पृथ्वीपुर
डबल
रोड
बनाने
के
लिए
25
करोड़
रुपये
और
निवाड़ी
जिले
में
अदरक
और
हल्दी
की
खेती
अधिक
होने
के
लिए
पृथ्वीपुर
में
मध्य
प्रदेश
सरकार
द्वारा
फ्रूट
प्रोसेसिंग
प्लांट
लगाने
की
घोषणा
की।
कार्यक्रम
के
अंत
में
उन्होंने
कांग्रेस
को
जमकर
कोसा
और
कहा
कि
अंबेडकर
की
मृत्यु
के
बाद
उनकी
पत्नी
तक
को
नहीं
छोड़ा
था
और
संस्कार
नहीं
होने
दिया
था।
इसके
साथ
ही
उन्होंने
दिग्विजय
सिंह
के
कार्यकाल
की
लोगों
को
याद
दिलाई।