Damoh News: गर्भवती गाय की हत्या के आरोपियों को जमानत नहीं, कोर्ट बोला- अपराध से सामाजिक सौहाद्र को पहुंची चोट

मध्य
प्रदेश
के
दमोह
जिले
की
कोतवाली
थाना
क्षेत्र
के
सीताबाड़ी
इलाके
में
गर्भवती
गाय
की
हत्या
के
आरोपियों
को
जमानत
नहीं
मिली।
सुनवाई
के
दौरान
न्यायालय
ने
कहा
कि
इस
घटना
से
सामाजिक
सौहार्द्र
को
चोट
पहुंची
है।
इसके
बाद
अपर
सत्र
न्यायाधीश
संतोष
कुमार
गुप्ता
ने
आरोपियों
की
जमानत
याचिका
खारिज
कर
दी।
शासन
की
ओर
से
मामले
की
पैरवी
शासकीय
अभिभाषक
राजीव
बद्री
सिंह
ठाकुर
द्वारा
की
गई।
आरोपी
पिछले
तीन
महीने
से
जेल
में
बंद
हैं। 


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कैसा?


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कोतवाली
थाना
प्रभारी
मनीष
कुमार
के
अनुसार, 
घटना
7
मार्च
2025
की
है।
पुलिस
को
सूचना
मिली
थी
कि
सीताबावली
मरघटा
के
पास
कल्लू
कुरैशी
के
घर
में
गाय
की
हत्या
की
जा
रही
है।
सूचना
देने
वाले
तुलसीराम
और
छुट्टू
यादव
थे।
पुलिस
मौके
पर
पहुंची
तो
दरवाजा
खुला
मिला।
अंदर
गर्भवती
गाय
का
शव
पड़ा
था।
कमरे
में
कटे
हुए
पैर
और
पास
ही
लोहे
की
कुल्हाड़ी,
चाकू
और
आरी
बरामद
की
गई।
पुलिस
ने
कल्लू
कुरैशी,
रेखा
कुरैशी,
समीर
उर्फ
मिट्ठू,
शादाब,
नवाजिश
और
एक
नाबालिग
को
गिरफ्तार
किया।
सभी
को
न्यायालय
में
प्रस्तुत
कर
न्यायिक
हिरासत
में
भेजा
गया।
इस
दौरान
पुलिस
ने
तीन
महीने
में
विवेचना
पूर्ण
कर
चार्जशीट
न्यायालय
में
पेश
की।

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संपतिया
उईके
ने
दी
सफाई

आरोपी
रेखा
कुरैशी,
समीर
उर्फ
मिट्ठू
कुरैशी
और
एक
नाबालिग
ने
साढ़े
तीन
माह
से
अधिक
समय
से
जेल
में
होने
के
आधार
पर
जमानत
याचिका
दायर
की।
शासकीय
अभिभाषक
ठाकुर
ने
इसका
विरोध
करते
हुए
कहा
कि
अपराध
की
प्रकृति
अत्यंत
गंभीर
है
और
इससे
समाज
में
वैमनस्यता
उत्पन्न
हुई
है।
न्यायालय
ने
इन
तथ्यों
से
सहमति
व्यक्त
करते
हुए
कहा
कि
यह
अपराध

केवल
विधि
के
विरुद्ध
है,
बल्कि
सामाजिक
सौहार्द्र
को
भी
गंभीर
रूप
से
आहत
करता
है।
अतः
आरोपियों
को
जमानत
नहीं
दी
जा
सकती।