
मध्य
प्रदेश
के
ऐसे
मंत्री… जो
हर
बार
अपने
अलग
अंदाज
और
अजीबो
गरीब
संकल्पों
को
लेकर
चर्चाओं
में
रहते
हैं।
हम
बात
मध्य
प्रदेश
की
ऊर्जा
मंत्री
प्रद्युमन
सिंह
तोमर
की
कर
रहे
हैं,
जिन्होंने
फिर
से
दो
ऐसे
संकल्प
लिए
हैं
जो
चर्चाओं
में
हैं।
पूरे
जून
के
महीने
AC
में
नहीं
सोएंगे
और
दूसरा
अपनी
लग्जरी
वाहन
की
बजाय
दो
पहिया
वाहन
पर
घूमेंगे।
इसी
कड़ी
में
रविवार
रात
ऊर्जा
मंत्री
प्रद्युमन
सिंह
तोमर घर
के
बाहर
टेंट
लगाकर
पंखे
में
सोए।
पहले
उन्होंने
कार्यकर्ताओं
के
साथ
भजन
किया।
ये
भी
पढ़ें-बिजली
कटौती
से
नाराज
बराती
बस
में
भरकर
देर
रात
पहुंचे
ऊर्जा
मंत्री
के
बंगले,
जानें
फिर
क्या
हुआ
बता
दें
कि
इससे
पहले
ऊर्जा
मंत्री
प्रद्युमन
सिंह
तोमर
कई
ऐसे
संकल्प
ले
चुके
हैं
जिन्होंने
खूब
सुर्खियां
बटोरीं
और
विपक्ष
ने
खूब
उन्हें
नौटंकीबाज
भी
बोला।
इससे
पहले
उन्होंने
शहर
की
खराब
सड़कों
को
लेकर
चप्पल
छोड़
दी
थी।
उसके
बाद
सिंधिया
ने
खुद
अपने
हाथों
से
चप्पल
पहनाकर
यह
प्रण
तुड़वाया
था।
उसके
बाद
उन्होंने
ऐलान
किया
कि
लोग
कार,
बाइक
से
सब्जी
मंडी
जाते
हैं
बेवजह
पेट्रोल
खर्च
होता
है
इसलिए
मैं
खुद
साइकिल
से
सब्जी
मंडी
जाऊंगा।
तीसरा
संकल्प
ये
लिया
कि
वह
बिना
प्रेस
किए
हुए
कपड़े
पहनेंगे,
इससे
बिजली
की
बचत
होगी।
इसके
बाद
अभी
उन्होंने
यह
संकल्प
लिया
है
कि
जून
के
महीने
में
AC
के
कमरे
में
नहीं
सोऊंगा।
AC
चलने
से
कई
यूनिट
बिजली
जलती
है
और
कार्बन
डाइऑक्साइड
बाहर
निकलता
है
जो
हमारी
प्रकृति
और
पर्यावरण
के
लिए
अच्छा
नहीं
है।
वहीं
जून
के
महीने
में
बाइक
से
चलने
का
भी
संकल्प
लिया
है..
कुछ
इसमें
शर्तें
भी
है
उन्होंने
कहा
है
कि
अगर
किसी
बड़े
नेताओं
या
कोई
बाहर
कार्यक्रम
है
तो
गाड़ी
का
उपयोग
कर
सकते
हैं। इसके
अलावा
उन्होंने
यह
भी
संकल्प
लिया
है
कि
मटकी
का
पानी
पीएंगे।
ये
भी
पढ़ें-बिजली
कटौती
को
लेकर
रात
भर
सड़क
पर
रहे
ऊर्जा
मंत्री,
लोगों
के
दरवाजे
खटखटाए,
दो
इंजीनियर
निलंबित
अब
सबसे
बड़ा
सवाल
यह
उठता
है
कि
ऊर्जा
मंत्री
प्रद्युमन
सिंह
तोमर
द्वारा
दिए
जा
रहे
इन
संकल्पों
से
जनता
का
क्या
फायदा
हो
रहा
है।
मंत्री
जी
ऐसा
क्यों
कर
रहे
हैं
तो
उन्होंने
कहा
कि धीरे-धीरे
लोग
इन
चीजों
को
समझ
रहे
हैं
कि
बिजली
कैसे
बचाई
जा
सकती
है।
हमारे
पर्यावरण
को
कैसे
सुरक्षित
रखा
जा
सकता
है
और
मेरा
यह
कर्तव्य
भी
है
कि
मैं
लोगों
को
जागरूक
करूं।
अब
मेरे
विरोधी
या
विपक्ष
मुझे
नौटंकीबाज
कहता
है
तो
वह
कहता
रहे।
इससे
मुझे
कोई
फर्क
नहीं
पड़ता।