
सतना
जिले
के
प्रसिद्ध
धार्मिक
स्थल
चित्रकूट
में
मंदाकिनी
नदी
इन
दिनों
रौद्र
रूप
धारण
किए
हुए
है।
पिछले
48
घंटों
से
लगातार
हो
रही
मूसलाधार
बारिश
के
कारण
नदी
का
जलस्तर
खतरनाक
सीमा
131.550
मीटर
से
ऊपर
पहुंच
गया
है।
इसके
चलते
रामघाट,
भरतघाट,
तुलसी
घाट
समेत
सभी
प्रमुख
घाट
जलमग्न
हो
गए
हैं।
करीब
100
से
अधिक
दुकानों
और
दर्जनों
घरों
में
पानी
घुस
गया
है,
जिससे
व्यापारी
और
स्थानीय
लोग
रातोंरात
सामान
समेटकर
सुरक्षित
स्थानों
की
ओर
चले
गए
हैं।
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बाढ़
के
कारण
रामघाट
और
तुलसी
मंदिर
में
भारी
जलभराव
हो
गया
है।
गंगा
आरती
स्थल
पूरी
तरह
डूब
चुका
है,
जिससे
धार्मिक
गतिविधियां
ठप
हो
गई
हैं।
गुप्त
गोदावरी
गुफा
को
अस्थायी
रूप
से
बंद
कर
दिया
गया
है,
वहीं
कई
होटलों
में
पानी
भरने
से
पर्यटक
फंस
गए
हैं।
प्रशासन
और
स्थानीय
लोगों
की
मदद
से
बाढ़
में
फंसे
श्रद्धालुओं
को
नावों
और
रस्सियों
की
मदद
से
बाहर
निकाला
गया।
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सोमवार
को
यूपी-एमपी
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इन
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में
बंद
रहेंगे
स्कूल;
जानिए
कहां-कहां
लागू
है
आदेश
NDRF
और
SDRF
ने
संभाला
मोर्चा
स्थिति
की
गंभीरता
को
देखते
हुए
NDRF
और
SDRF
की
टीमों
को
राहत
कार्य
में
लगाया
गया
है।
दोनों
दलों
ने
डूब
क्षेत्र
में
फंसे
करीब
150
से
अधिक
लोगों
को
सुरक्षित
स्थानों
पर
पहुंचाया
है।
होमगार्ड
और
डीआरसी
के
जवान
भी
लगातार
सक्रिय
हैं।
बचाव
कार्यों
में
SDRF
फ्रेंड
नेटवर्क
की
विशेष
भूमिका
रही,
जिन्होंने
स्थानीय
नाविकों
और
वॉलंटियर्स
के
साथ
मिलकर
कई
परिवारों
को
रेस्क्यू
किया।
प्रशासन
की
मुस्तैदी,
लगातार
निगरानी
चित्रकूट
के
जिलाधिकारी
शिवशरणप्पा
जीएन
और
एसपी
अरुण
कुमार
सिंह
ने
रामघाट
का
दौरा
कर
हालात
का
जायजा
लिया।
प्रशासन
ने
लोगों
को
घाटों
और
नदी
के
किनारे
न
जाने
की
सलाह
दी
है।
तहसीलदार
कमलेश
सिंह
ने
बताया
कि
प्रभावित
लोगों
के
लिए
भोजन,
पानी
और
प्राथमिक
चिकित्सा
की
व्यवस्था
की
जा
रही
है।
उत्तर
प्रदेश
और
मध्यप्रदेश
को
जोड़ने
वाला
आरोग्यधाम
क्षेत्र
का
पुल
भी
पानी
में
डूब
गया
है,
जिससे
राज्यीय
सड़क
संपर्क
पूरी
तरह
टूट
चुका
है।
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बनाते
समय
गैस
लीकेज
से
घर
में
लगी
आग,
ग्रहस्थी
का
सामान
जलकर
ख़ाक
अभी
और
बिगड़
सकते
हैं
हालात
मौसम
विभाग
ने
आगामी
दिनों
में
और
अधिक
बारिश
की
चेतावनी
दी
है,
जिससे
स्थिति
और
भी
गंभीर
हो
सकती
है।
प्रशासन
ने
लोगों
से
अपील
की
है
कि
वे
अफवाहों
से
दूर
रहें
और
किसी
भी
आपात
स्थिति
में
प्रशासनिक
हेल्पलाइन
या
सहायता
केंद्रों
से
संपर्क
करें।


