
मध्यप्रदेश
के
राजगढ़
जिले
में
ग्रामीण
क्षेत्र
में
प्रचलित
झगड़ा
कुप्रथा
(जिसमें
कोई
महिला
अपने
पति
के
अलावा
किसी
अन्य
व्यक्ति
के
संपर्क
में
रहती
है
तो
उस
महिला
को
अपने
पहले
पति
को
झगड़े
के
रूप
में
तय
राशि)
अदा
करना
होती
है।
ऐसा
न
करने
पर
लड़ाई-झगड़े
फसलों
को
काटना
और
नुकसान
पहुंचाना
आम
बात
है।
ऐसी
कुप्रथाओं
से
शहरी
क्षेत्र
और
पुरुष
महफूज
थे।
अब
ऐसा
ही
एक
मामला
राजगढ़
शहर
से
निकलकर
सामने
आया
है।
यहां
एक
प्रतिष्ठित
परिवार
को
इस
कुप्रथा
के
तहत
निशाना
बनाया
जा
रहा
है।
पीड़ित
परिवार
में
खौफ
इतना
है
कि
पीड़ित
पहले
30
फीट
छत
से
नीचे
कूद
गया
और
अब
उसके
घर
हुए
हमले
की
शिकायत
करने
से
भी
घबरा
रहा
है।
दरअसल
घटनाक्रम
यह
है
कि
राजगढ़
शहर
के
मुख्य
बाजार
में
निवास
और
अपनी
पत्नी
के
साथ
साड़ी
की
दुकान
संचालित
करने
वाले
पीड़ित
का
आरोप
है
कि
लगभग
दो
माह
पूर्व
ग्रामीण
क्षेत्र
की
एक
महिला
उसकी
दुकान
पर
साड़ी
खरीदने
के
लिए
आई।
उसने
550
रुपये
की
साड़ी
खरीदी,
250
रुपये
उधार
किए
और
उधारी
के
पैसे
का
भुगतान
करने
के
लिए
उसने
पीड़ित
के
मोबाइल
नंबर
लिए
महिला
ने
पैसे
ट्रांसफर
तो
नहीं
किए
बल्कि
महिला
और
पीड़ित
के
बीच
बातचीत
का
सिलसिला
शुरू
हो
गया।
महिला
और
पीड़ित
के
बीच
हुई
बातचीत
महिला
के
फोन
में
रिकॉर्ड
हो
रही
थी,
जिसकी
भनक
महिला
के
पति
और
उसके
ससुराल
वालों
को
लगी
और
उन्होंने
महिला
के
साथ
मारपीट
करते
हुए
पीड़ित
को
फोन
लगाकर
धमकाया
और
उससे
झगड़ा
प्रथा
के
तहत
लाखों
रुपयों
की
मांग
करने
21
फरवरी
को
उसके
घर
जा
पहुंचे।
पहले
से
डरा
हुआ
पीड़ित
30
फीट
ऊपर
छत
से
नीचे
कूद
गया,
जिससे
उसके
पैर
में
फ्रैक्चर
हुआ
है
और
अब
वो
बेड
रेस्ट
पर
है,
लेकिन
बुधवार
26
फरवरी
को
महिला
के
ससुराल
पक्ष
के
लोग
एकत्रित
होकर
पीड़ित
के
घर
पहुंचे
और
उसके
घर
पर
पत्थरबाजी
और
लाठी
डंडे
से
हमला
बोल
दिया,
जिसके
सीसीटीवी
फुटेज
भी
सामने
आए
हैं।
पीड़ित
के
भाई
के
मुताबिक
वह
एक
शिकायती
आवेदन
पत्र
21
फरवरी
को
हुए
घटनाक्रम
के
पश्चात
राजगढ़
कोतवाली
थाने
में
दे
चुका
है।
उसमें
उसने
महिला
के
ससुराल
पक्ष
के
लोगों
पर
झगड़े
की
राशि
दस
लाख
मांगने
और
उसके
भाई
पर
हमला
करने
सहित
अन्य
आरोप
लगाए
हैं।
साथ
ही
पीड़ित
के
भाई
का
कहना
है
कि
इतने
पैसे
हम
कहां
से
लाएंगे।
यदि
हमने
इधर-उधर
से
दे
भी
दिए
तो
कल
से
ये
किसी
और
दुकानदार
को
भी
ऐसे
ही
परेशान
करेंगे।
बुधवार
को
हुए
हमले
के
बाद
मेरा
पूरा
परिवार
डरा
और
सहमा
हुआ
है।
वहीं,
कोतवाली
थाना
प्रभारी
उमा
शंकर
मुकाती
के
मुताबिक
यह
पूरा
मामला
एक
शादीशुदा
महिला
से
फोन
पर
हुई
बातचीत
से
जुड़ा
है।
जानकारी
लगने
पर
महिला
के
देवर
के
द्वारा
पहले
महिला
से
मारपीट
की
गई।
शिकायत
पर
कोतवाली
में
अपराध
भी
पंजीबद्ध
किया
है।
वहीं,
दूसरा
घटनाक्रम
बुधवार
को
शिवरात्रि
के
जुलूस
के
बाद
का
है,
जहां
महिला
के
ससुराल
पक्ष
के
लोगों
के
द्वारा
पीड़ित
के
घर
पर
पथराव
और
लाठी
डंडे
से
हमला
किया
गया
है।
उसके
बाद
हमने
फरियादी
को
थाने
बुलाया
लेकिन
उसने
एफआईआर
कराने
से
इनकार
कर
दिया।
पुलिस
बाजार
में
ऐसे
उपद्रव
मचाने
वालों
के
विरुद्ध
वैधानिक
कार्रवाई
जरूर
करेगी।
वहीं
झगड़े
की
रकम
मांगने
को
लेकर
थाना
प्रभारी
ने
कहा
कि
उन्हें
इस
बात
का
कोई
आइडिया
नहीं
है।
गौरतलब
है
कि
गुरुवार
27
फरवरी
को
पीड़ित
और
उसका
परिवार
कोतवाली
थाने
भी
पहुंचा,
लेकिन
उनके
द्वारा
भय
के
कारण
एफआईआर
नहीं
दर्ज
कराई
गई,
क्योंकि
पीड़ित
परिवार
को
कही
न
कही
आरोपियों
के
जेल
से
बाहर
आने
के
बाद
दोबारा
से
हमला
होने
का
डर
सता
रहा
है,
क्योंकि
ग्रामीण
क्षेत्रों
में
तो
यह
सब
कुछ
आम
बात
है।
सूत्रों
की
मानें
तो
पीड़ित
परिवार
चाह
रहा
है
कि
जैसे
तैसे
आरोपियों
से
उसका
समझौता
हो
जाए
और
बला
टले।