Alwar News: सीटीएच मुद्दे पर जिला परिषद की बैठक में हंगामा, विपक्ष ने किया बहिष्कार, जानें क्या है मामला


अलवर
जिला
परिषद
की
साधारण
सभा
की
बैठक
गुरुवार
को
जिला
प्रमुख
बलवीर
छिल्लर
की
अध्यक्षता
में
शुरू
हुई।
लेकिन,
बैठक
के
दौरान
सरिस्का
क्षेत्र
में
प्रस्तावित
सीटीएच
(क्रिटिकल
टाइगर
हैबिटेट)
मुद्दे
को
लेकर
नेता
प्रतिपक्ष
टीकाराम
जूली
समेत
कई
पार्षदों
और
कांग्रेस
विधायकों
ने
विरोध
जताते
हुए
बैठक
का
बहिष्कार
कर
दिया।
वहीं,
बैठक
शुरू
होने
से
पहले
ही
कलेक्टर,
एसपी
और
अन्य
वरिष्ठ
अधिकारियों
की
अनुपस्थिति
को
लेकर
भी
नाराजगी
जताई
गई।
पार्षदों
ने
कहा
कि
जब
जिला
स्तरीय
बैठक
में
ही
जिम्मेदार
अधिकारी
शामिल
नहीं
हो
रहे
तो
जनता
की
समस्याओं
का
समाधान
कैसे
होगा।
 
बैठक
से
बाहर
आने
के
बाद
नेता
प्रतिपक्ष
टीकाराम
जूली
ने
आरोप
लगाया
कि
सीटीएच
का
सभी
ने
विरोध
किया
है,
लेकिन
खनन
माफियाओं
की
मिलीभगत
से
इसमें
बदलाव
की
कोशिश
की
जा
रही
है।
उन्होंने
चेतावनी
दी
कि
यह
मुद्दा
अब
दिल्ली
तक
ले
जाया
जाएगा
और
यह
जन
आंदोलन
का
रूप
लेगा।
विधायक
ललित
यादव
और
मांगीलाल
ने
भी
कहा
कि
कुछ
प्रभावशाली
लोगों
के
दबाव
में
सीटीएच
बदलने
की
कोशिश
की
जा
रही
है,
जिसे
वे
किसी
भी
सूरत
में
सफल
नहीं
होने
देंगे।
 
जिला
पार्षद
जगदीश
जाटव
ने
बताया
कि
बैठक
के
लिए
53
अधिकारियों
को
बुलाया
गया
था,
लेकिन
उनमें
से
आधे
से
भी
कम
अधिकारी
पहुंचे।
उन्होंने
कहा,

कलेक्टर
आए,

एसपी
और

ही
कोई
वरिष्ठ
अधिकारी।
अगर
यही
स्थिति
रही
तो
अगली
बैठक
में
मैं
अपना
इस्तीफा
लेकर
आऊंगा।
जब
जनता
के
काम
ही
नहीं
हो
पा
रहे,
तो
पार्षद
बने
रहने
का
कोई
औचित्य
नहीं
है। 

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किया
जाता
था,
अब
बदलाव
हो
रहा

वहीं,
नेता
प्रतिपक्ष
जूली
ने
कहा
कि
यह
स्थिति
देखकर
तो
लगता
है
जैसे
बैठक
जयपुर
में
ही
कर
लेनी
चाहिए
थी,
क्योंकि
अधिकांश
अधिकारी
वही
बहाना
बना
रहे
हैं।
जो
अधिकारी
पहुंचे
भी
हैं,
वे
सभी
कनिष्ठ
स्तर
के
हैं,
कोई
भी
वरिष्ठ
अधिकारी
उपस्थित
नहीं
रहा।
जिला
प्रमुख
बलवीर
छिल्लर
और
नेता
प्रतिपक्ष
जूली
ने
जिला
परिषद
के
मुख्य
कार्यकारी
अधिकारी
(सीईओ)
को
अनुपस्थित
अधिकारियों
को
नोटिस
जारी
करने
के
निर्देश
दिए।
साथ
ही
उपस्थित
अधिकारियों
की
हाजिरी
दर्ज
कराने
को
भी
कहा
गया।

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नारेबाजी
कर
जताया
विरोध

बैठक
से
बाहर
आए
कांग्रेस
विधायक,
प्रधान
और
पार्षदों
ने
सरिस्का
को
लेकर
नारेबाजी
की
और
विरोध
प्रदर्शन
किया।
जूली
ने
बताया
कि
49
पार्षदों,
11
विधायकों
और
3
सांसदों
में
से
अधिकांश
बैठक
में
मौजूद
नहीं
थे।
उन्होंने
कहा
कि
कुछ
लोग
सरिस्का
को
नष्ट
करने
पर
आमादा
हैं,
लेकिन
विपक्ष
ऐसा
नहीं
होने
देगा।