
तेंदूखेड़ा
ब्लॉक
के
तारादेही
क्षेत्र
में
वन
विभाग
की
कार्रवाई
के
खिलाफ
आदिवासी
समुदाय
का
आक्रोश
बुधवार
को
सड़कों
पर
नजर
आया।
सुबह
सैकड़ों
की
संख्या
में
आदिवासी
महिलाएं
और
पुरुष
एकत्र
होकर
विरोध
प्रदर्शन
पर
बैठ
गए।
जब
अधिकारियों
ने
उनकी
बात
नहीं
सुनी
तो
उन्होंने
तारादेही-महाराजपुर
मुख्य
मार्ग
पर
जाम
लगा
दिया,
जिससे
सागर-जबलपुर
मार्ग
पर
घंटों
तक
यातायात
ठप
रहा।
50
वर्षों
से
जमीन
पर
काबिज
आदिवासी
बोले
–
अब
नहीं
हटेंगे
दरअसल,
वन
विभाग
द्वारा
अवैध
कब्जे
हटाने
की
कार्रवाई
की
जा
रही
है,
जिसे
लेकर
आदिवासियों
का
कहना
है
कि
वे
पिछले
50
वर्षों
से
इस
जमीन
पर
रह
रहे
हैं
और
खेती
कर
रहे
हैं।
कई
लोगों
के
पास
पट्टे
और
बही
भी
हैं,
फिर
भी
उन्हें
खेती
करने
से
रोका
जा
रहा
है।
प्रदर्शनकारियों
ने
आरोप
लगाया
कि
विभाग
उन्हें
खेती
के
लिए
ट्रैक्टर
की
जगह
बैल
और
हल
से
खेत
जोतने
की
सलाह
देता
है,
जो
आज
के
दौर
में
संभव
नहीं
है।
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से
तय
था,
औपचारिक
घोषणा
आज
अधिकारी
पहुंचे,
आश्वासन
के
बाद
खुला
रास्ता
प्रदर्शन
की
जानकारी
मिलते
ही
तेंदूखेड़ा
एसडीएम
सौरभ
गंधर्व,
तहसीलदार
विवेक
व्यास
और
एसडीओपी
डीएस
ठाकुर
मौके
पर
पहुंचे।
उन्होंने
ग्रामीणों
से
चर्चा
कर
उन्हें
आश्वासन
दिया
कि
जिनके
पास
वैध
दस्तावेज
हैं,
उन्हें
खेती
करने
से
नहीं
रोका
जाएगा।
अधिकारियों
की
समझाइश
के
बाद
प्रदर्शनकारियों
ने
मार्ग
से
हटकर
रास्ता
खुलवाया।
विस्थापन
मुआवजे
को
लेकर
भी
उठी
मांग
धरना
प्रदर्शन
में
वीरांगना
दुर्गावती
टाइगर
रिजर्व
से
विस्थापित
परिवारों
के
लोग
भी
शामिल
हुए।
उन्होंने
मांग
की
कि
जिन
युवाओं
की
उम्र
18
वर्ष
से
कुछ
कम
है,
उन्हें
भी
मुआवजे
के
पात्र
माना
जाए,
क्योंकि
वे
भी
परिवार
का
हिस्सा
हैं
और
कुछ
माह
में
वयस्क
हो
जाएंगे।
वन
विभाग
ने
दी
सफाई
तारादेही
रेंजर
देवेंद्र
गुर्जर
ने
कहा
कि
जिन
लोगों
के
पास
वैध
पट्टे
और
बही
हैं,
उन्हें
खेती
करने
से
नहीं
रोका
जा
रहा
है।
सिर्फ
अवैध
अतिक्रमण
हटाया
गया
है।
वहीं,
एसडीएम
सौरभ
गंधर्व
ने
कहा
कि
आदिवासी
समाज
की
समस्याएं
सुनी
गई
हैं
और
जिन्हें
अधिकार
प्राप्त
हैं,
उन्हें
पूरा
सहयोग
दिया
जाएगा।
प्रमुख
मौजूद
लोग
प्रदर्शन
के
दौरान
जिला
पंचायत
सदस्य
बबीता
पोर्ते,
जनपद
अध्यक्ष
तुलाराम
यादव,
योगेंद्र
सिंह
तेकाम
सहित
बड़ी
संख्या
में
आदिवासी
समाज
के
लोग
मौजूद
रहे।