
छत्तीसगढ़
की
पूर्व
राज्यपाल
अनुसुईया
उइके
के
नाम
से
फर्जी
पत्र
जारी
करने
के
मामले
में
छिंदवाड़ा
पुलिस
ने
दो
आरोपियों
को
गिरफ्तार
किया
है।
यह
मामला
करीब
पांच
साल
पुराना
है,
जब
2019
में
एक
फर्जी
पत्र
वायरल
हुआ
था,
जिस
पर
राज्यपाल
के
हस्ताक्षर
थे
और
जिसे
छत्तीसगढ़
के
विधायकों
और
वरिष्ठ
नेताओं
को
भेजा
गया
था।
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28
अप्रैल
को
अजय
वर्मा
की
गिरफ्तारी
28
अप्रैल
को
महामंडलेश्वर
अजय
रामदास
वर्मा
को
गिरफ्तार
किया
गया
था,
जिस
पर
राज्यपाल
के
आधिकारिक
लेटरहेड
और
हस्ताक्षर
का
दुरुपयोग
कर
फर्जी
पत्र
तैयार
करने
का
आरोप
था।
इस
मामले
की
जांच
के
दौरान
अजय
वर्मा
ने
एक
और
व्यक्ति
का
नाम
लिया,
जिससे
मामले
का
विस्तार
हुआ।
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पराड़कर
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अजय
वर्मा
की
पूछताछ
के
बाद
रायपुर
पुलिस
ने
छिंदवाड़ा
निवासी
गीतेश
पराड़कर
(39)
को
गिरफ्तार
किया।
गीतेश
पर
फर्जी
पत्र
के
निर्माण
और
वितरण
में
शामिल
होने
का
आरोप
है।
दोनों
आरोपियों
से
विस्तृत
पूछताछ
की
जा
रही
है,
जिससे
मामले
की
सच्चाई
सामने
आ
सकती
है।
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फर्जी
पत्र
वायरल
होने
पर
दर्ज
की
गई
थी
शिकायत
सितंबर
2019
में
राज्यपाल
के
नाम
से
एक
फर्जी
पत्र
सोशल
मीडिया
पर
वायरल
हुआ
था,
जिसके
बाद
राज्यपाल
के
विशेष
सचिव
ने
रायपुर
के
सिविल
लाइन
थाने
में
शिकायत
दर्ज
कराई
थी।
इस
मामले
की
गंभीरता
को
देखते
हुए
पुलिस
ने
जांच
तेज
की
और
अब
तक
दो
गिरफ्तारियां
हो
चुकी
हैं।
जांच
जारी,
और
भी
गिरफ्तारियां
संभव
कोतवाली
थाना
प्रभारी
निरीक्षक
नारायण
बघेल
ने
बताया
कि
दोनों
आरोपियों
से
और
पूछताछ
की
जा
रही
है
और
मामले
में
और
गिरफ्तारियां
हो
सकती
हैं।
पुलिस
मामले
की
गहनता
से
जांच
कर
रही
है
ताकि
पूरी
सच्चाई
सामने
लाई
जा
सके।