Ujjain Mahakal: नगर भ्रमण का हर स्वरूप होगा खास, दर्शन का मिलेगा विशेष लाभ; जानें कब निकलेगी महाकाल की सवारी

विश्व
प्रसिद्ध
बाबा
महाकाल
हर
बार
की
तरह
इस
बार
भी
नगर
भ्रमण
पर
निकलकर
अलग-अलग
रूपों
में
भक्तों
को
दर्शन
देंगे।
सावन-भादौ
माह
में
बाबा
महाकाल
की
सवारी
निकलेगी।
इसके
लिए
प्रशासन
और
महाकालेश्वर
मंदिर
समिति
नें
सारी
तैयारी
पूरी
कर
ली
है।
महाकाल
की
ये
सवारी
इस
बार
14
जुलाई
से
लेकर
18
अगस्त
तक
हर
सोमवार
को
निकाली
जाएगी।
 

प्रथम
सवारी: 
भगवान
श्री
महाकालेश्वर
14
जुलाई
को
पालकी
में
श्री
मनमहेश
रूप
में
विराजित
होंगे।
जो
भक्तों
के
मन
को
मोह
ले
वह
स्वरूप
श्री
मनमहेश
का
होता
है।
इनके
दर्शन
करने
से
भक्तों
के
मन
को
शीतलता
प्राप्त
होती
है।

द्वितीय
सवारी:

21
जुलाई
पालकी
में
श्री
चंद्रमोलेश्वर।
शिव
के
मस्तक
पर
जो
चंद्रमा
विराजमान
है।
वह
स्वरूप
चंद्रमोलेश्वर
कहलाता
है।
इस
स्वरूप
के
दर्शन
करने
से
चंद्र
संबंधित
दोष
का
निवारण
होता
है। 

तृतीय
सवारी:

28
जुलाई
गरुड़
रथ
पर
श्री
शिव
तांडव। यह
बाबा
महाकाल
का
मस्ताना
स्वरूप
है,
जिसके
दर्शन
करने
मात्र
से
जीवन
में
खुशियां
ही
खुशियां
आती
हैं। 

चतुर्थ
सवारी:

चार
अगस्त
नंदी
रथ
पर
श्री
उमा
महेश।
यह
बाबा
महाकाल
और
मां
पार्वती
का
एक
ऐसा
स्वरूप
है,
जिनके
दर्शन
करने
से
पति-पत्नी
के
जीवन
में
श्रद्धा
और
विश्वास
बढ़ता
है।