
उज्जैन
कलेक्टर
नीरज
कुमार
सिंह
और
मंदिर
प्रशासक
मृणाल
मीना
–
फोटो
:
सोशल
मीडिया
विस्तार
25
मार्च
2024
सोमवार
को
विश्व
प्रसिद्ध
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
के
गर्भगृह
में
होली
पर्व
पर
हुए
अग्निकांड
से
सबक
लेकर
जिम्मेदार
अधिकारी
मंदिर
की
दर्शन
व्यवस्था
में
अब
ऐसे
बड़े
बदलाव
करने
वाले
हैं,
जिससे
कि
ऐसी
घटनाओं
की
आने
वाले
समय
में
पुनरावृत्ति
ना
हो
और
इसके
साथ
ही श्रद्धालुओ
को
भगवान
के
सरल
सुलभ
दर्शन
हो
सकें।
कलेक्टर
एवं
श्री
महाकालेश्वर
प्रबंध
समिति
के
अध्यक्ष
नीरज
कुमार
सिंह
ने
अमर
उजाला
से
चर्चा
के
दौरान
बताया
कि
होली
पर्व
पर
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
के
गर्भगृह
में
आग
की
जो
घटना
घटित
हुई
वह
दुर्भाग्यपूर्ण
थी।
हम
इस
मामले
में
हर
बिंदु
पर
पड़ताल
कर
रहे
हैं।
कुछ
रिपोर्ट
हमारे
पास
आ
चुकी
है
और
आग
में
झुलसे
कुछ
लोगों
के
बयान
भी
लिए
जा
चुके
हैं,
लेकिन
हमें
इस
बारे
में
अभी
कुछ
भी
कहने
के
पहले
फाइनल
रिपोर्ट
का
इंतजार
है।
इसके
बाद
ही
हम
बता
पाएंगे
कि
आखिर
इस
अग्निकांड
का
दोषी
कौन
है….?
आपने
बताया
कि
हम
इस
अग्निकांड
की
घटना
से
सबक
ले
रहे
हैं,
हमारा
प्रयास
है
कि
हम
मंदिर
की
व्यवस्था
में
कुछ
ऐसे
बदलाव
करें
जिससे
कि
इस
प्रकार
की
घटना
की
पुनरावृति
फिर
से
ना
हो।
महाकालेश्वर
मंदिर
में
यह
बदलाव
किस
तरह
से
होंगे
और
कब
से
होंगे।
इस
बारे
में
अभी
सिंह
ने
कुछ
नहीं
बताया,
लेकिन
यह
संकेत
जरूर
दिए
कि
दर्शन
व्यवस्था
को
लेकर
जल्द
ही
बड़े
बदलाव
जरूर
देखने
को
मिलेंगे।
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
के
नवागत
प्रशासक
मृणाल
मीना
से
चर्चा
की
गई
तो
उनका
कहना
था
कि
मंदिर
में
श्रद्धालुओं
को
बेहतर
दर्शन
व्यवस्था
के
लिए
हमें
जो
भी
करना
पड़े
उसके
लिए
हम
तैयार
हैं।
अभी
दर्शन
व्यवस्था
को
लेकर
हमने
कुछ
बदलाव
किए
हैं,
जो
कि
मंदिर
मे
नजर
आने
लगे
हैं।
होली
पर
बाबा
महाकाल
के
गर्भगृह
में
हुई
आगजनी
की
जांच
को
लेकर
जब
आपसे
सवाल
पूछा
गया
तो
आपका
कहना
था
कि
पूरे
मामले
की
सुक्षमता
से
जांच
की
जा
रही
है।
इसीलिए
इसकी
फाइनल
रिपोर्ट
आने
में
कुछ
देर
लग
रही
है।
हमें
यह
रिपोर्ट
कलेक्टर
सिंह
को
प्रस्तुत
करना
है,
जिसे
हम
जल्द
ही
उन्हें
सोपेंगे।
हम
प्रतिदिन
यह
अपडेट
नहीं
बता
सकते
कि
आज
किसके
बयान
लिए
गए।
रिपोर्ट
में
क्या
आया
और
जांच
टीम
ने
किस
दिन
क्या
काम
किया।
अब
तक
यह
हुए
बदलाव
होली
पर
हुई
अग्निकांड
की
घटना
के
बाद
कलेक्टर
नीरज
कुमार
सिंह
और
प्रशासक
मृणाल
मीना
लगातार
श्री
महाकालेश्वर
मंदिर
की
दर्शन
व्यवस्था
को
लेकर
बदलाव
करते
नजर
आ
रहे
हैं।
मंदिर
में
इस
घटना
के
बाद
दर्शन
व्यवस्था
को
लेकर
कुछ
बदलाव
जरूर
हुए
हैं,
जिसमें
अनाधिकृत
रूप
से
गर्भगृह
और
नंदी
हॉल
में
किसी
को
भी
प्रवेश
नहीं
दिया
जा
रहा
है।
इसके
साथ
ही
भस्म
आरती
के
दौरान
गर्भगृह
में
सीमित
संख्या
मे
लोग
रहें
इसका
भी
ध्यान
रखा
जा
रहा
है।
सोर्स
बताते
हैं
कि
जिम्मेदार
अधिकारियों
ने
इस
बात
पर
भी
ध्यान
देना
शुरू
कर
दिया
है
कि
आखिर
पूरे
माह
में
किस
व्यक्ति
ने
आखिर
कितने
लोगों
के
लिए
भस्म
आरती
की
परमिशन
करवाई
है
जिसकी
भी
लिस्ट
तैयार
की
जा
रही
है।
(उज्जैन
से
निलेश
नागर
की
खास
रिपोर्ट)