लड्डू
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
उज्जैन
में
महाकाल
के
भक्तों
को
दिया
जाने
वाला
लड्डू
प्रसाद
अब
जल्द
ही
अत्याधुनिक
प्लांट
में
तैयार
होगा।
इस
प्लांट
के
लिए
महाकाल
अन्न
क्षेत्र
के
पास
नई
बिल्डिंग
का
निर्माण
किया
जाएगा।
महाकाल
मंदिर
का
लड्डू
प्रसाद
भक्तों
को
जल्द
ही
अत्याधुनिक
प्लांट
में
तैयार
होकर
मिलेगा।
लड्डू
प्रसाद
के
लिए
ऑटोमेटिक
यूनिट
डाली
जाएगी।
इसके
लिए
मंदिर
समिति
ने
नए
अन्नक्षेत्र
भवन
के
समीप
नई
बिल्डिंग
बनाने
के
लिए
स्थान
फाइनल
किया
है।
इस
बिल्डिंग
को
बनाने
के
लिए
उज्जैन
विकास
प्राधिकरण
को
निर्माण
एजेंसी
नियुक्त
किया
गया
है।
महाकाल
मंदिर
समिति
द्वारा
परिसर
स्थित
काउंटरों
से
देशी
घी
से
निर्मित
लड्डू
प्रसाद
का
विक्रय
किया
जाता
है।
400
रुपये
प्रति
किलो
मिलने
वाले
लड्डू
प्रसाद
की
देश-विदेश
से
आने
वाले
श्रद्धालुओं
में
बड़ी
मांग
है।
वर्तमान
में
चिंतामन
जवासिया
स्थित
श्री
महाकालेश्वर
वैदिक
शोध
संस्थान
भवन
में
निर्माण
इकाई
स्थापित
है।
यहां
हलवाई
व
कर्मचारियों
द्वारा
हाथ
से
लड्डू
प्रसाद
बनाया
जाता
है।
श्रावण
मास,
महाशिवरात्रि
आदि
महापर्वों
के
समय
मांग
के
अनुरूप
प्रसाद
की
पूर्ति
नहीं
हो
पाती
है।
श्री महाकाल महालोक
का
निर्माण
होने
के
बाद
मंदिर
में
देश-विदेश
से
आने
वाले
श्रद्धालु
की
संख्या
लगातार
बढ़
रही
है।
ऐसे
में
समिति
मांग
के
अनुरूप
पूर्ति
करने
के
लिए
अत्याधुनिक
प्लांट
में
लड्डू
प्रसाद
का
निर्माण
करने
जा
रही
है।
नई
लड्डू
प्रसाद
निर्माण
इकाई
में
भी
मशीनीकरण
के
लिए
दानदाता
का
सहयोग
लिया
जाएगा।
नई
लड्डू
प्रसाद
निर्माण
इकाई
करीब
15
हजार
वर्ग
फीट
में
बनाई
जा
रही
है।
इसका
निर्माण
मशीनों
की
स्थापना
के
अनुरूप
किया
जा
रहा
है।
अत्याधुनिक
इकाई
में
प्रतिदिन
400
क्विंटल
लड्डू
प्रसाद
तैयार
कर
इसकी
पैकेजिंग
की
जा
सकेगी।
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महाकाल
मंदिर
के
सहायक
प्रशासक
मूलचंद
जूनवाल
ने
बताया
कि
लड्डू
यूनिट
तैयार
होने
के
बाद
हर
दिन
अधिक
मात्रा
में
लड्डू
निर्माण
किया
जा
सकेगा।
विशेष
अवसरों
पर
होने
वाली
लाखों
श्रद्धालुओं
की
संख्या
के
बाद
भी
लड्डुओं
की
पूर्ति
की
जा
सकेगी।
सीजन
वाले
ने
बताया
कि
मंदिर
प्रबंध
समिति
द्वारा
लड्डू
निर्माण
यूनिट
के
लिए
स्थान
का
चयन
किया
गया
है,
जहां
शीघ्र
ही
बिल्डिंग
निर्माण
का
काम
शुरू
होने
वाला
है।
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महाकाल
मंदिर
में
10
बेड
का
अस्पताल
हुआ
शुरू
विश्व
प्रसिद्ध
महाकाल
मंदिर
में
लाखों
श्रद्धालु
प्रतिदिन
महाकाल
दर्शन
करने
के
लिए
आ
रहे
हैं।
ऐसे
में
देखा
गया
है
कि
कई
श्रद्धालुओं
को
अचानक
स्वास्थ्य
खराब
या
किसी
कारण
चोंट
लगने
के
कारण
तत्काल
इलाज
की
आवश्यकता
होती
है।
तत्काल
प्रथम
उपचार
के
लिए
महाकाल
मंदिर
के
मानसरोवर
भवन
प्रोटोकॉल
ऑफिस
के
पास
एक
10
बेड
का
अस्पताल
24
घंटे
के
लिए
शुरू
कर
दिया
गया
है।
महाकाल
मंदिर
के
सहायक
प्रशासक
मूलचंद
जूनवाल
ने
बताया
कि
इस
अस्पताल
में
डॉक्टरों
के
साथ
पैरामेडिकल
स्टाफ
और
नर्स
24
घंटे
उपलब्ध
रहते
हैं।