
उज्जैन
के
उन्हेल
का
वीडियो
सामने
आया
है।
–
फोटो
:
सोशल
मीडिया
विस्तार
वैसे
तो
आज
पूरे
देश
में
ईद
का
पर्व
हर्षोल्लास
के
साथ
मनाया
गया,
लेकिन
उज्जैन
जिले
के
उन्हेल
में
अलग
नजारा
सामने
आया
है।
ईद
की
नमाज
के
बाद
कुछ
लोगों
ने
इजराइल
तू
बर्बाद
होगा
के
नारे
लगाए।
इसका
वीडियो
भी
सामने
आया
है।
इधर
हिंदूवादी
संगठनों
ने
मामले
में
एफआईआर
की
मांग
की
है।
ज्ञापन
देने
वालों
ने
यह
भी
चेतावनी
दी
है
कि
यदि
ऐसे
लोगों
के
खिलाफ
कार्रवाई
नहीं
होती
है
तो
फिर
उग्र
प्रदर्शन
किया
जाएगा।
हिन्दू
सेना
रक्षा
दल
गोरक्षा
प्रकोष्ठ
के
प्रदेश
अध्यक्ष
लाखन
सिंह
पिपावद
ने
बताया
कि
शुक्रवार
को
मुस्लिम
समाजजनों
द्वारा
कस्बा
उन्हेल
में
काजी
मोहल्ला,
शहर
काजी
के
दफ्तर
के
सामने,
सोनी
मंदिर
के
पास
एक
जुलूस
निकाला
गया
था,
जिसमें
लगभग
150
से
200
लोग
शामिल
थे,
जो
कि
आपत्तिजनक
नारे
लगा
रहे
थे।
लाखन
सिंह
ने
बताया
कि
इसका
वीडियो
मेरे
पास
दोपहर
12.30
से
1
बजे
के
बीच
आया
था,
जिसके
बाद
हिन्दू
सेना
रक्षा
दल
गोरक्षा
प्रकोष्ठ
मध्यप्रदेश
ने
वीडियो
फुटेज
के
आधार
पर
ज्ञापन
देकर
देश
विरोधी
नारे
लगाने
वालों
पर
एफआईआर
दर्ज
करने
की
मांग
करते
हुए
गिरफ्तारी
की
मांग
की
है।
साथ
ही
यह
चेतावनी
भी
दी
है
कि
अगर
समय
रहते
इस
मामले
में
कार्रवाई
नहीं
होती
है
तो
हिन्दू
सेना
रक्षा
दल
गोरक्षा
प्रकोष्ठ
मध्यप्रदेश
उग्र
प्रदर्शन
करेगा।
हिंदूवादी
संगठन
द्वारा
दिया
गया
ज्ञापन
जिस
पर
थाने
की
सील
भी
लगी
हुई
है
आरोपों
की
पुष्टि
के
लिए
करवाई
जा
रही
ऑडियो
मैट्री
वीडियो
उन्हेल
का
बताया
गया।
इसमें
जुलूस
के
दौरान
युवाओं
की
भीड़
कुछ
नारे
लगाते
दिख
रही
है।
आरोप
है
कि
ये
नारे
आपत्तिजनक
एवं
धार्मिक
भावनाओं
को
भड़काने
वाले
हैं। उन्हेल
में
हिंदूवादी
संगठन
द्वारा
दिए
गए
ज्ञापन
को
लेकर
जब
एसपी
प्रदीप
शर्मा
से
चर्चा
की
गई
तो
उनका
कहना
था
कि
ऐसा
मामला
मेरे
संज्ञान
में
आया
है।
जिसकी
जांच
टीम
द्वारा
की
जा
रही
है।
हिंदूवादी
संगठन
ने
एक
वीडियो
भी
ज्ञापन
के
साथ
सौंपा
है
जिसकी
ऑडियो
मैट्री
करवाई
जा
रही
है।
इस
जांच
के
बाद
ही
इस
मामले
में
आगामी
कार्रवाई
हो
सकेगी।
आवेदन
आया
है
चल
रही
है
जांच
–
थाना
प्रभारी
इस
मामले
में
जब
उन्हेल
थाना
प्रभारी
रामसिंह
भाभोर
से
हिंदू
संगठन
द्वारा
दिए
गए
ज्ञापन
के
बारे
में
चर्चा
की
गई
तो
उनका
कहना
था
कि
पूरे
मामले
के
अभी
जांच
की
जा
रही
है।
जांच
के
बाद
ही
इस
मामले
में
कोई
कार्रवाई
होगी।
आचार
संहिता
में
जुलूस
की
परमिशन
पर
उठे
सवाल
याद
रहे
कि
वर्तमान
में
लोकसभा
चुनाव
2024
की
आचार
संहिता
लगी
हुई
है,
जिसमें
जुलूस
निकालना
तो
दूर
एक
साथ
लोगों
का
एकत्रित
होना
भी
प्रतिबंधित
है।
ऐसे
में
सवाल
यह
उठता
है
कि
आखिर
यह
जुलूस
किसी
की
परमिशन
से
निकाला
जा
रहा
था
या
फिर
इसकी
जानकारी
प्रशासन
को
भी
नहीं
थी?