
उज्जैन
में
एक
नई
तरह
धोखाधड़ी
का
मामला
सामने
आया
है,
जिसमें
विदेश
में
एडमिशन
का
झूठा
आश्वासन
देकर
मोटी
रकम
वसूली
गई।
गिरोह
के
सदस्य
छात्रों
से
पैसे
लेने
के
बावजूद
उन्हें
कोई
दस्तावेज
या
रसीद
नहीं
देते
थे।
जब
छात्र
विदेश
पहुंचते
तो
उन्हें
पता
चलता
कि
उन्हें
जिस
कॉलेज
का
नाम
बताया
गया
था,
उसमें
कोई
प्रवेश
नहीं
हुआ
है
और
न
ही
वहां
फीस
जमा
की
गई
है।
आरोपियों
के
विदेशी
एजेंट
छात्रों
के
पासपोर्ट
और
वीजा
जब्त
कर
लेते
थे,
जिससे
छात्रों
को
मानसिक
उत्पीड़न
का
सामना
करना
पड़ता
था
और
वे
वहीं
फंस
कर
रह
जाते
थे।
जब
छात्र
या
उनके
परिजन
संपर्क
करते
तो
उन्हें
जान
से
मारने
की
धमकियां
दी
जाती
थीं।
मामले
का
खुलासा
करते
हुए
एसपी
प्रदीप
शर्मा
ने
बताया
कि
कृति
पिता
महेन्द्र
यादव
साल
2018
में
आरिफ
खान
(निवासी
उज्जैन)
के
माध्यम
से
एमबीबीएस
की
पढ़ाई
करने
के
लिए
जॉर्जिया
गई
थी।
लेकिन,
रूस-यूक्रेन
युद्ध
के
कारण
2022
में
उसकी
पढ़ाई
रुक
गई।
एक
वर्ष
की
एमबीबीएस
पढ़ाई
के
लिए
जब
कृति
ने
फिर
से
आरिफ
खान
से
संपर्क
किया
तो
आरिफ
ने
शाहरुख
मंसुरी
(निवासी
तोपखाना
उज्जैन),
गोमू
(निवासी
गंजबासौदा,
विदिशा,
हाल
निवासी
इंदौर),
और
शाहीन
मंसुरी
(निवासी
शाजापुर)
के
साथ
मिलकर
कृति
को
कजाकिस्तान
के
ताशकंद
स्थित
मेडिकल
एकेडमी
उर्गेज
ब्रांच
में
एडमिशन
कराने
के
नाम
पर
3
लाख
रुपये
लिए।
उन्होंने
कृति
के
दस्तावेज,
पासपोर्ट,
मार्कशीट
और
ट्रांसक्रिप्ट
भी
ले
लिए,
लेकिन
किसी
भी
रकम
या
दस्तावेज
की
रसीद
नहीं
दी।
जब
कृति
ने
रसीद
नहीं
मिलने
और
संदेह
के
कारण
जाने
से
मना
किया
तो
आरोपियों
ने
न
सिर्फ
3
लाख
रुपये
लौटाने
से
इनकार
कर
दिया,
बल्कि
उसे
और
उसके
परिवार
को
जान
से
मारने
की
धमकी
देकर
5
लाख
रुपये
और
ऑनलाइन
ट्रांसफर
करवा
लिए।
कजाकिस्तान
में
भी
कृति
को
झेलनी
पड़ी
मुसीबतें
इसके
बाद
कृति
कजाकिस्तान
पहुंची
तो
उसे
पता
चला
कि
उसका
एडमिशन
बताए
गए
कॉलेज
में
नहीं
हुआ
है।
विरोध
जताने
पर
आरोपियों
और
उनके
विदेशी
एजेंटों
ने
झूठे
आश्वासन
दिए
और
कृति
के
सभी
दस्तावेज
जब्त
कर
लिए।
उसे
एक
सुदूर
स्थान
पर
भेज
दिया
गया,
जहां
वह
छह
महीने
तक
परेशान
होकर
भटकती
रही।
दस्तावेज
न
होने
के
कारण
वह
वहां
से
निकल
भी
नहीं
सकी।
बाद
में,
किसी
तरह
मौका
पाकर
उसने
भारतीय
दूतावास
से
संपर्क
किया
और
वहां
से
वापस
लौटी।
महाकाल
थाने
में
केस
कराया
था
दर्ज
भारत
लौटने
पर
जब
कृति
ने
अपने
पैसे
वापस
मांगे
तो
उसे
फिर
से
धमकियां
दी
गईं।
इसके
बाद
कृति
ने
थाना
महाकाल
में
शाहरुख
मंसुरी,
आरिफ
खान,
गोमू
और
शाहीन
मंसुरी
के
खिलाफ
केस
दर्ज
कराया।
प्रकरण
क्रमांक
269/2025,
धारा
318(4),
308(5)
बीएनएस
के
अंतर्गत
दर्ज
किया
गया,
जिस
पर
पुलिस
ने
आरोपियों
को
गिरफ्तार
कर
लिया
है।