
मध्य
प्रदेश
की
ग्वालियर
जीवाजी
यूनिवर्सिटी
से
घोटाले
के
आरोप
हटने
का
नाम
ही
नहीं
ले
रहे
हैं।
आज
फिर
यूनिवर्सिटी
के
व्हिसल
ब्लोअर
प्रोफेसर
अरुण
शर्मा
ने
20
घोटालों
के
पत्रों
को
मटकी
में
दंडवत
यात्रा
की
है।
उसके
बाद
यूनिवर्सिटी
के
प्रशासनिक
भवन
के
बाहर
भ्रष्टाचार
का
मटका
फोड़कर
मुंडन
कराया।
साथ
ही
कहा
है,
जब
तक
इन
घोटालों
पर
जांच
नही
बैठ
जाएंगी।
तब
तक
प्रदर्शन
करेंगे।
अंचल
में
43
डिग्री
डेप्रेंचर
में
सड़कों
पर
दंडवत
तो
कभी
गुलाटी
लगा
रहे
शख्स
यूनिवर्सिटी
के
पूर्व
अतिथि
शिक्षक
प्रोफेसर
अरुण
शर्मा
हैं।
ये
यूनिवर्सिटी
में
हो
रहे,
घोटालों
को
आरटीआई
के
जरिए
उजागर
कर
रहे
हैं।
अभी
हाल
में
इनकी
शिकायत
पर
ईओडब्ल्यू ने
यूनिवर्सिटी
के
8
प्रोफेसर
सहित
कुलगुरु
पर
मुकदमा
दर्ज
किया
था।
इसके
बाद,
राज्यपाल
ने
कुलगुरु प्रोफेसर
अविनाश
तिवारी
को
बर्खास्त
कर
दिया
था।
लेकिन
अरुण
शर्मा
की
लड़ाई
यह
नहीं
धमी
है…
वो
अब
यूनिवर्सिटी
के
घोटालों
को
उजागर
कर
रहा
है।
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कराया
भर्ती
प्रोफेसर
अरुण
शर्मा
ने
गोविंदपुरी
में
मौजूद,
कुलगुरु डॉ. राजकुमार
आचार्य
के
बंगले
से
यूनिवर्सिटी
के
प्रशासनिक
भवन
तक
दंडवत
यात्रा
की।
उसके
बाद
वे
यूनिवर्सिटी
में
अपने
द्वारा
जो
घोटाले
के
दस्तावेज
इकट्ठा
किए
थे,
उन्हें
सौंपना
चाहते
थे।
लेकिन
यूनिवर्सिटी
के
प्रशासनिक
भवन
में
उन्हें
घुसने
नही
दिया।
इसके
बाद,
उन्होंने
मटकी
में
रखे दस्तावेजों
को
कैंपस
में
फोड़ा
है।
साथ
ही
मुंडन
कराया
है।
प्रोफेसर
अरुण
शर्मा
के
प्रदर्शन
को
देखकर
कुलगुरु
ओर
कुलसचिव
अपने
चेंबर
से
गायब
हो
गए।
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ग्वालियर
की
जीवाजी
यूनिवर्सिटी
के
20
घोटाले,
जिनके
दस्तावेज
लेकर
प्रोफेसर
अरुण
शर्मा
पहुंचे
थे।
जीवाजी
यूनिवर्सिटी
के
416
संबद्धता
प्राप्त
कॉलेज
हैं,
जिनमें
केवल
14
प्राचार्य
हैं।
ग्वालियर
में
327
डीएलएड
कॉलेज
की
रजिस्टर्ड
हैं।
एक
बिल्डिंग
में
कई
कॉलेज
चल
रहे
हैं।
ग्वालियर-चंबल
अंचल
में
206
बीएड
कॉलेज
में
घोटाला
हुआ
है।
एक
बिल्डिंग
में
कई
कोर्सेस संचालित
हैं।
प्राचार्यों
की
अवैध
नियुक्ति
में
घोटाला,
यूनिवर्सिटी
के
स्विमिंग
पुल
घोटाला
सामने
आए
हैं।