Damoh News: दमोह में पौधारोपण में घोटाला, दो साल पहले लगाए पौधों का घट गया कद!

Damoh Plantation Scam Instead Of Growth of Plants The Height Decreased In Two Years

उपयंत्री
इन्हे
बता
रहे
दो
साल
पहले
रोपे
पौधे

विस्तार

दमोह
जिले
के
तेंदूखेड़ा
जनपद
की
ग्राम
पंचायत
सांगा
में
एक
बड़ा
पौधारोपण
घोटाला
सामने
आया
है,
जिसमें
अमृत
सरोवर
के
साथ
रोपे
गए
पौधे
गायब
हो
गए
हैं।
घटना
के
सम्बंधित
अधिकारियों
ने
स्थानीय
पंचायत
कर्मियों
द्वारा
दी
गई
जानकारी
के
अनुसार,
दो
साल
पहले
अमृत
सरोवर
के
निर्माण
के
साथ
100
पौधे
रोपित
होने
थे,
लेकिन
मौके
पर
इन
पौधों
का
कोई
सबूत
नहीं
मिला।

यह
घोटाला
सामने
आने
पर
पंचायत
के
अधिकारियों
ने
रोजगार
सहायक
राजेश
अहिरवार
से
दो
साल
पहले
रोपित
पौधारोपण
की
फोटो
मांगी,
जिसके
बाद
सच्चाई
का
पता
चला।
फोटो
देखने
पर
स्पष्ट
हुआ
कि
जो
पौधे
रोपे
गए
थे,
उनका
आकार
बढ़ने
के
बजाय
घट
गया
था।
उपयंत्री
दिलीप
सूत्रकार
ने
जो
फोटों
दी
है,
उसमें
दिखाई
देने
वाले
पौधों
का
आकार
महज
छह
से
आठ
इंच
था,
जबकि
इन्हें
चार
से
पांच
फीट
ऊंचे
होना
चाहिए
थे।
स्थानीय
लोगों
ने
इस
मामले
की
जांच
के
लिए
जनपद
स्तर
पर
शिकायत
की
थी,
जिसके
बाद
सच्चाई
सामने
आई।
घोटाले
के
बाद
पंचायत
कर्मियों
ने
तत्काल
गड्डे
खोदकर
अमानक
आकार
के
पौधों
का
रोपण
कर
दिया
है।


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इस
मामले
को
लेकर
जनपद
सीईओ
मनीष
बागरी
ने
बताया
कि
पौधारोपण
के
समय
स्थापित
मानकों
के
अनुसार
पौधे
रोपित
होते
हैं,
जो
कि
दो
वर्ष
पुराने
रोपण
में
दो
फीट
से
भी
अधिक
ऊंचे
होने
चाहिए।
उन्होंने
अधिकारियों
को
त्वरित
कार्रवाई
करने
के
निर्देश
दिए
हैं।


क्या
है
मामला

सांगा
में
अमृत
सरोवर
निर्माण
के
समय
100
पौधे
रोपित
होने
थे।
इन
पौधों
की
निंदाई,
देखरेख
का
भुगतान मनरेगा
योजना
के
तहत
मजदूरों
के
नाम
पर
किया
जा
रहा
है।
पंचायतकर्मियों
के
साथ
ही
उपयंत्री
भी
मस्टर
पर
पौधे
की
देखरेख
कर
रहे
मजदूरों
की
पुष्टि
कर
रहे
थे।
हकीकत
में
पौधे
थे
ही
नहीं।
जब
मामला
सामने
आया
तो
पंचायत
के
कर्मचारियों
और
उपयंत्री
ने
अमानक
आकार
के
पौधों
का
रोपण
कर
दिया।
अब
इन
पौधों
को
दो
साल
पुराना
बताया
जा
रहा
है।
उपयंत्री
का
कहना
है
कि
पौधों
की
मौजूदा
स्थिति
फोटो
में
है।
100
पौधे
रोपे
गए
थे,
जिनमें
से
70-75 
पौधे
ही
जीवित
बचे
हैं।