सांकेतिक
तस्वीर
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
सागर
कलेक्ट्रेट
परिसर
में
जनसुनवाई
के
दौरान
उस
वक्त
हड़कंप
मच
गया,
जब
कलेक्ट्रेट
परिसर
में
आई
एक
महिला
ने
डीजल
जैसा
ज्वलनशील
पदार्थ
खुद
पर
उड़ेल
लिया।
कलेक्ट्रेट
के
सुरक्षा
कर्मियों
ने
सजगता
से
महिला
को
काबू
में किया
तथा
उससे
बोतल
छीनकर
फेंक
दी। महिला
को
समझाइश
देकर
शांत
कराया।
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मंगलवार
दोपहर
यह
वाक्या
सागर
कलेक्ट्रेट
परिसर
में
सामने
आया,
अपने
ऊपर
डीजल
उड़ेलने
वाली
महिला
जिले
के
जरुआखेड़ा
क्षेत्र
की
निवासी
है।
महिला
के
अनुसार,
उसे
लंबे
समय
से
शिक्षा
विभाग
द्वारा
प्रताड़ित
किया
जा
रहा
है।
महिला
अपनी
मार्कशीट
में
जाति
सुधार
के
लिए
लंबे
समय
से
शिक्षा
विभाग
के
चक्कर
काट
रही
है। लेकिन
कोई
सुधार
नहीं
हो
रहा।
इस
मामले
में
न्यायालय
में
भी
प्रकरण
चल
रहा
है।
महिला
का
कहना
है
कि
वह
इस
मामले
को
लेकर
वर्ष
2016
से
परेशान
है।
लेकिन
कहीं
कोई
सुनवाई
नहीं
होती। उसके
पास
मरने
के
अलावा
कोई
विकल्प
नहीं
बचता।
इस
कारण
उसने
अपने
ऊपर
डीजल
उड़ेल
कर
आत्मदाह
की
कोशिश
की।
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राधा
सौर
या
राधा
यादव
इस
सवाल
ने
आज
सागर
कलेक्ट्रेट
परिसर
में
बखेड़ा
खड़ा
कर
दिया।
जब
एक
महिला
ने
कलेक्ट्रेट
परिसर
में
खुद
पर
ज्वलनशील
पदार्थ
डालकर
आत्मदाह
करने
का
प्रयास
किया। मौके
पर
मौजूद
कलेक्ट्रेट
स्टॉफ
ने
महिला
को
रोका
और
उसकी
जान
बचाई।
महिला
के
अनुसार,
उसे
लंबे
समय
से
शिक्षा
विभाग
द्वारा
प्रताड़ित
किया
जा
रहा
है।
महिला
अपनी
मार्कशीट
में
जाति
सुधार
के
लिए
लंबे
समय
से
शिक्षा
विभाग
के
चक्कर
काट
रही
है। लेकिन
कोई
सुधार
नहीं
हो
रहा।
इस
मामले
मे
न्यायालय
में
भी
प्रकरण
चल
रहा
है।
वहीं,
शिक्षा
अधिकारी
ने
कहा
कि महिला
के
प्रकरण
में
किसी
सुधार
की
गुंजाइश
नहीं
है। शुरू
से
ही
उसके
सभी
दस्तावेजों
में
उसकी
जाति
आदिवासी
सौर
लिखी
हुई
है। अब
अचानक
महिला
अपनी
जाति
यादव
करवाना
चाहती
है।