
मध्यप्रदेश
के
खरगोन
जिला
मुख्यालय
से
करीब
सात किलोमीटर
दूर
स्थित
मेनगांव
थाना
क्षेत्र
में
बुधवार
को
जमकर
हंगामा
हुआ।
यहां
गांव
में
अवैध
शराब
की
बिक्री
को
लेकर
करीब
100
से
अधिक
महिलाएं
और
बड़ी
संख्या
में
पुरुष
नेशनल
हाइवे-347
(सी)
पर
अचानक
ही
धरना
देने
बैठ
गए,
जिसके
बाद
मौके
पर
पहुंची
पुलिस
से
आक्रोशित
महिलाओं
की
जमकर
बहस
हुई।
चित्तौड़गढ़-भुसावल
राष्ट्रीय
राजमार्ग
पर
चले
करीब
आधा
घंटे
के
इस
हंगामे के
दौरान
बड़ी
संख्या
में
दोनों
ओर
वाहनों
की
कतारें
लग
गईं।
इस
बीच
मौके
पर
पहुंची
पुलिस
ने
किसी
तरह
समझाइश
देकर
महिलाओं
को
शिकायत
करने
थाने
चलने
को कहा, जिसके
बाद
थाने
पहुंचे
ग्रामीणों
ने
करीब
दो घंटे
से
अधिक
वहां
भी
हंगामा
किया।
हालांकि,
इस
बीच
जिला
प्रशासन
के
द्वारा
मौके
पर
आबकारी
के
अमले
को
भी
भेजा
गया।
वहीं,
अधिकारियों
से
अवैध
शराब
पर
कड़ी
कार्रवाई
करने
के
आश्वासन
के
बाद
महिलाओं
का
यह
हंगामा
समाप्त
हुआ।
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बता
दें
कि हंगामा
कर
रही
महिलाओं
का
आरोप
था
कि गांव
में
अवैध
शराब
की
बिक्री
तेजी
से
बढ़
रही
है और
थाने
से
कुछ
ही
दूरी
पर
धड़ल्ले
से
अवैध
शराब
का
व्यापार
हो
रहा
है।
इससे
उनके
पति
अवैध
शराब
के
आदी होकर
घर
में
लड़ाई
झगड़ा
कर
महिलाओं
के
साथ
मारपीट
करते
हैं।
ग्रामीणों
ने
इस
मामले
में
पुलिस
पर
भी
लेन-देन
कर
अवैध
शराब
की
बिक्री
पर
कार्रवाई
नहीं
करने
के
आरोप
लगाए।
इधर,
हंगामे
की
सूचना
पर
पहुंचे
खरगोन
एसडीएम
बीएस
कलेश
ने
मामले
से
जिला
कलेक्टर
को
अवगत
कराया, जिसके
बाद
कलेक्टर
के
निर्देश
पर
आबकारी
की
टीम
भी
मेनगांव
पहुंची
और
गांव
में
शराब
बिक्री
को
लेकर
सर्चिंग
की।
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वहीं,
ग्रामीणों
ने
मेनगांव
थाना
प्रभारी
को
चेतावनी
दी
कि इस
मामले
में
कड़ी
कार्रवाई
नहीं
होती
है तो
वे
आगे
और
भी
उग्र
आंदोलन
करेंगे।
हालांकि,
थाना
प्रभारी
पंकज
तिवारी
ने
बताया
कि
साल
2024
में
24
मामले
अवैध
शराब
के
दर्ज
किए
गए
हैं।
लेकिन
उन्होंने
भी
माना
कि
अवैध
शराब
की
बिक्री
पर
पूरी
तरह
से
रोक
नहीं
लगी
है।
इधर,
हंगामे
को
लेकर
एसडीएम
कलेश
ने
बताया
कि
आबकारी
के
अमले
को
तुरंत
मौके
पर
बुलावाया
गया
था, जिन्हें
भविष्य
में
गांव
में
शराब
बिक्री
को
लेकर
सतत
निगरानी
रखने
के
निर्देश
दिए
गए
हैं।