
आपने
सुपरहिट
फिल्म
‘पुष्पा’
जरूर
देखी
होगी,
जिसमें
चंदन
की
लकड़ी
की
तस्करी
कैसे
की
जाती
है,
यह
दिखाया
गया
है।
लेकिन,
अब
‘पुष्पा’
फिल्म
की
तर्ज
पर
ग्वालियर
जिला
वन
मंडल
में
तस्कर
कत्था
बनाने
में
काम
आने
वाली
खैर
की
लकड़ी
की
तस्करी
कर
रहे
हैं।
बीती
रात
वन
विभाग
की
टीम
ने
खैर
की
लकड़ी
से
भरे
दो
ट्रक
पकड़े,
जो
अलवर
से
आए
थे।
तस्कर
ट्रक
में
पूरी
लकड़ी
नहीं
भर
पाए
थे।
ट्रकों
के
पकड़े
जाने
के
बाद
तस्करों
ने
जखौदी
घाटीगांव
में
बची
हुई
खैर
की
लकड़ियों
को
सांक
नदी
में
फेंककर
छिपा
दिया।
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साल
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मां-बेटी
गंभीर
घायल
इसका
खुलासा
तब
हुआ
जब
वन
विभाग
की
टीम
पानी
में
उतरी।
टीम
ने
नदी
से
करीब
35
क्विंटल
लकड़ी
जब्त
की
है।
टीम
ने
अलवर
निवासी
आरोपी
हामिद,
अजहरुद्दीन
और
साउन
खान
को
पकड़ा
है,
जबकि
रामनिवास
गुर्जर
फरार
है।
लकड़ी
तस्करी
में
शोभित
यादव
का
नाम
भी
सामने
आ
रहा
है।
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की
ब्लैकमेलिंग
से
तंग
आकर
हेड
कॉन्स्टेबल
ने
की
आत्महत्या,
मोबाइल
चैट्स
से
खुला
राज
वहीं,
खैर
के
पेड़ों
की
कटाई
की
जांच
के
लिए
बनी
टीम
सिर्फ
कटे
पेड़ों
के
ठूंठ
ढूंढ
रही
है,
जबकि
तस्करों
के
नेटवर्क
का
खुलासा
करने
से
बच
रही
है।
यही
कारण
रहा
कि
पकड़े
गए
आरोपियों
को
रिमांड
पर
भी
नहीं
लिया
गया।
तस्करों
ने
जखौदी
को
लकड़ी
एकत्र
करने
का
सेंटर
बना
लिया
था।
आसपास
के
जंगलों
से
पेड़
काटकर
लकड़ी
को
यहां
छिपाया
जाता
था
और
फिर
मौका
मिलते
ही
दूसरे
राज्यों
में
भेज
दिया
जाता
था।
मामला
सामने
आने
के
बाद
वन
विभाग
के
अधिकारी
पड़ताल
में
जुटे
हुए
हैं।
संभावना
जताई
जा
रही
है
कि
तस्कर
बड़ी
मात्रा
में
लकड़ी
यहां
से
सप्लाई
कर
रहे
हैं।