बस अग्निकांड: चीखते रहे बच्चे, जलती रहीं उम्मीदें…राख हो गया पूरा परिवार, लपटों में बच्चों को तलाशती रही मां 12 months ago by cntrks “उस सुबह की पहली किरण भी ठीक से नहीं फूटी थी… जब एक चीख, एक हाहाकार ने किसान पथ की खामोशी को चीर दिया।” “एक आग थी… जो सिर्फ बस को नहीं, कई मासूम जिंदगियों को भी लील गई।”