Lucknow: हिंदू अजादारों के घर भी गूंज रहीं या हुसैन… की सदाएं, हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की बने मिसाल July 17, 2024 by cntrks किसी का कोई मर जाए हमारे घर में मातम है, गरज बारह महीने तीस दिन को मुहर्रम है। रिंद लखनवी का ये शेर हमारे लखनऊ पर बिल्कुल सटीक बैठता है। राजधानी में मुसलमानों के अलावा कई हिंदू अजादार भी इमाम हुसैन की शहादत का गम मनाते हैं।