कांग्रेस की सूची: मुकेश धनगर होंगे मथुरा से उम्मीदवार, सीतापुर में बदला प्रत्याशी, नकुल दुबे का नाम वापस

कांग्रेस की सूची:                                    मुकेश धनगर होंगे मथुरा से उम्मीदवार, सीतापुर में बदला प्रत्याशी, नकुल दुबे का नाम वापस
कांग्रेस की सूची:                                    मुकेश धनगर होंगे मथुरा से उम्मीदवार, सीतापुर में बदला प्रत्याशी, नकुल दुबे का नाम वापस

सोनिया
गांधी
और
मल्लिकार्जुन
खरगे


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:
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कांग्रेस
मथुरा
लोकसभा
क्षेत्र
से
मुकेश
धनगर
को
उम्मीदवार
बनाया
है,
जबकि
सीतापुर
से
नकुल
दुबे
का
टिकट
काट
कर
राकेश
राठौर
पर
दांव
लगाया
गया
है।
रायबरेली
और
अमेठी
को
लेकर
संशय
बरकरार
है।
कांग्रेस
को
गठबंधन
के
तहत
17
सीटें
मिली
हैं,
जिसमें
14
की
घोषणा
हो
चुकी
है।
बुधवार
को
मथुरा
से
मुकेश
धनगर
को
उम्मीदवार
घोषित
किया
गया
है।
वह
अखिल
भारतीय
कांग्रेस
कमेटी
के
सदस्य
और
प्रदेश
महासचिव
भी
हैं।
छात्र
संगठन
और
युवा
कांग्रेस
में
भी
विभिन्न
पदों
पर
रहे
हैं।
मथुरा
में
धनगर
समाज
में
गहरी
पैठ
है।
उनका
नाम
पहले
भी
पार्टी
की
प्रस्तावित
सूची
में
था।
लेकिन
बाद
में
मुक्केबाज
विजेंदर
सिंह
को
उतारने
की
चर्चा
शुरू
हुई,
लेकिन
ऐन
मौके
पर
कांग्रेस
ने
उनके
नाम
पर
मुहर
नहीं
लगाई।
इसी
बीच
वह
भाजपा
में
चले
गए।


सीतापुर
का
टिकट
बदला,
राकेश
राठौर
होंगे
उम्मीदवार

सीतापुर
से
कांग्रेस
ने
पूर्व
मंत्री
नकुल
दुबे
के
उम्मीदवार
घोषित
किया
था।
वह
पहले
भी
बसपा
के
टिकट
पर
सीतापुर
से
चुनाव
लड़
चुके
हैं,
लेकिन
स्थानीय
विरोध
की
वजह
से
कांग्रेस
को
टिकट
बदलना
पड़ा।
बुधवार
को
नकुल
दुबे
के
स्थान
पर
पूर्व
विधायक
राकेश
राठौर
की
घोषणा
की
गई
है।
वह
भाजपा
के
टिकट
पर
विधायक
बने
थे,
लेकिन
पिछड़ों
की
अनदेखी
का
आरोप
लगाकर
विधानसभा
चुनाव
2022
से
पहले
इस्तीफा
दे
दिया
था।
कुछ
वक्त
सपा
में
रहे
और
फिर
कांग्रेस
में

गए।


पिछड़े,
दलित
और
अल्पसंख्यक
तीन-
तीन

उम्मीदवारों
की
घोषणा
होने
के
बाद
कांग्रेस
को
आलोचना
का
शिकार
होना
पड़ा
था।
क्योंकि
राहुल
गांधी
लगातार
पिछड़ों
की
भागीदारी
और
जातीय
जनगणना
को
अपनी
प्राथमिकता
बता
रहे
थे,
जबकि
टिकट
में
यह
हिस्सेदारी
नहीं
दिख
रही
थी।
ऐसे
में
शीर्ष
नेतृत्व
ने
उत्तर
प्रदेश
के
प्रत्याशियों
की
स्थिति
की
समीक्षा
की।
बुधवार
को
घोषित
दोनों
उम्मीदवार
पिछड़ी
जाति
के
हैं।
अब
तक
घोषित
14
उम्मीदवारों
में
पिछड़े,
दलित
और
अल्पसंख्यक
तीन-तीन
हैं।
अल्पसंख्यकों
में
दो
मुस्लिम
और
एक
जैन
हैं।
बाकी
बची
तीन
सीटों
में
इलाहाबाद
से
उज्जवल
रमण
सिंह
का
नाम
तय
माना
जा
रहा
है।