फैजाबाद सीट: कभी रामनगरी में बजता था कांग्रेस का डंका, 10 वर्षों में 14.45 फीसदी घटा जनाधार, जानिए इतिहास

फैजाबाद सीट:                                    कभी रामनगरी में बजता था कांग्रेस का डंका, 10 वर्षों में 14.45 फीसदी घटा जनाधार, जानिए इतिहास
फैजाबाद सीट:                                    कभी रामनगरी में बजता था कांग्रेस का डंका, 10 वर्षों में 14.45 फीसदी घटा जनाधार, जानिए इतिहास

निर्मल
खत्री
ने
2009
के
चुनावों
में
जीत
हासिल
की
थी।


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

रामनगरी
में
कभी
कांग्रेस
का
डंका
बजता
था।
यहां
से
चार
चुनाव
(1957
से
71
तक)
में
कांग्रेस
प्रत्याशियों
की
लगातार
जीत
हुई।
आजादी
के
बाद
से
अब
तक
फैजाबाद
लोकसभा
सीट
पर
सर्वाधिक
सात
बार
कांग्रेस
ही
जीती।
दूसरे
स्थान
पर
भाजपा
ने
चार
बार
जीत
का
परचम
लहराया,
लेकिन
2009
के
बाद
से
कांग्रेस
का
मत
प्रतिशत
लगातार
गिरता
गया।
पिछले
10
वर्षों
की
बात
करें
तो
इसमें
14.45
फीसदी
की
गिरावट
दर्ज
की
गई
है।
इस
बार
गठबंधन
के
तहत
कांग्रेस
सपा
नेता
अवधेश
प्रसाद
को
समर्थन
दे
रही
है।

फैजाबाद
लोकसभा
सीट
के
इतिहास
पर
नजर
डालें
तो
कांग्रेस
से
डॉ.
निर्मल
खत्री
दो
बार,
भाजपा
से
विनय
कटियार
तीन
बार
सांसद
निर्वाचित
हुए।
स्व.मित्रसेन
यादव
भाकपा,
सपा

बसपा
से
अलग-अलग
चुनाव
लड़कर
तीन
बार
सांसद
चुने
गए।
1957
में
पहली
बार
इस
सीट
पर
हुए
आम
चुनाव
में
इंडियन
नेशनल
कांग्रेस
से
राजाराम
मिश्र
लोकसभा
सदस्य
निर्वाचित
हुए।

1962
के
चुनाव
में
कांग्रेस
के
ब्रिजबासी
लाल
ने
जीत
हासिल
की।
1967
और
1971
में
हुए
चुनाव
में
कांग्रेस
के
रामकृष्ण
सिन्हा
लगातार
दो
बार
सांसद
रहे।
25
जून
1975
को
लगाए
गए
आपातकाल
के
चलते
कांग्रेस
ने
सीट
गंवा
दी।
1984
में
प्रधानमंत्री
स्व.
इंदिरा
गांधी
की
हत्या
के
बाद
कांग्रेस
के
पक्ष
में
चली
हवा
के
बीच
हुए
लोकसभा
चुनाव
में
डॉ.
निर्मल
खत्री
ने
बड़ी
कामयाबी
हासिल
की।
फिर
रामलहर
में
कांग्रेस
को
झटके
मिलते
रहे।
अंतिम
बार
2009
में
कांग्रेस
के
डॉ..
निर्मल
खत्री
ने
जीत
हासिल
की
थी।
तब
से
लगातार
जिले
में
कांग्रेस
के
सितारे
गर्दिश
में
हैं।


इस
तरह
घटता
गया
कांग्रेस
का
जनाधार

वर्ष
2009
के
चुनाव
में
कांग्रेस
के
निर्मल
खत्री
2,11,543
वोट
पाकर
विजयी
हुए
थे।
दूसरे
स्थान
पर
सपा
के
मित्रसेन
यादव
रहे।
उन्हें
1,57,315
वोट
मिले
थे।
कांग्रेस
को
इस
चुनाव
में
19़
46
फीसदी
वोट
मिले
थे।


2014
के
चुनाव
में
कांग्रेस
का
मत
आठ
फीसदी
घट
गया।
इस
चुनाव
में
कांग्रेस
चौथे
स्थान
पर
रही।
भाजपा
के
लल्लू
सिंह
ने
4,91,761
वोट
पाकर
विजय
हासिल
की।
सपा
के
मित्रसेन
यादव
2,08,986
वोट
पाकर
दूसरे,
बसपा
के
जितेंद्र
सिंह
बब्लू
1,41,827
वोट
पाकर
तीसरे
स्थान
पर
रहे।
कांग्रेस
के
डॉ.
निर्मल
खत्री
1,29,917
वोट
पाकर
चौथे
स्थान
पर
पहुंच
गए।
इस
चुनाव
में
कांग्रेस
को
11.
95
फीसदी
मत
मिले।


2019
में
कांग्रेस
प्रत्याशी
डॉ.
निर्मल
खत्री
को
मात्र
53,386
मत
प्राप्त
हुए।
भाजपा
के
लल्लू
सिंह
को
5,29,021
वोट

सपा
के
आनंद
सेन
यादव
को
4,63,544
मत
मिले।
इस
चुनाव
में
कांग्रेस
का
मत
प्रतिशत
मात्र
4.91
फीसदी
रहा।