UP: बसपा प्रत्याशी के बिना सुल्तानपुर की सियासी फिजां का अंदाजा मुश्किल, कहीं घोड़े की चाल न चल दे ‘हाथी’

UP:                                    बसपा प्रत्याशी के बिना सुल्तानपुर की सियासी फिजां का अंदाजा मुश्किल, कहीं घोड़े की चाल न चल दे ‘हाथी’
UP:                                    बसपा प्रत्याशी के बिना सुल्तानपुर की सियासी फिजां का अंदाजा मुश्किल, कहीं घोड़े की चाल न चल दे ‘हाथी’

Lok
Sabha
Election
2024


फोटो
:
अमर
उजाला

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भाजपा
से
सांसद
मेनका
गांधी
टिकट
पाकर
दोबारा
प्रचार
में
जुट
गई
हैं।
उनके
मुकाबले
समाजवादी
पार्टी
के
प्रत्याशी
भीम
निषाद
भी
अपनी
जमीन
पुख्ता
करने
में
लगे
हैं।
चुनाव
भले
ही
छठे
चरण
में
हो,
किंतु
चुनावी
रंगत
चढ़ने
लगी
है। 

इसी
आधार
पर
अब
हार
जीत
के
कयास
भी
लगाए
जाने
लगे
हैं।
लेकिन,
यह
सारी
कयासबाजी
तक
तक
विश्वसनीय
नहीं
हो
सकती,
जब
तक
बसपा
से
प्रत्याशी
का
ऐलान

हो
जाए।
सुल्तानपुर
संसदीय
सीट
पर
बहुजन
समाज
पार्टी
ने
दो
बार
सांसद
दिए
हैं।

पहली
बार
1999
के
आम
चुनाव
में
बसपा
से
जय
भद्र
सिंह
ने
इस
सीट
पर
जीत
हासिल
की
थी।
इसके
बाद
अगले
आम
चुनाव
में
भी
बसपा
के
मोहम्मद
ताहिर
ख़ान
ने
बसपा
का
कब्जा
इस
सीट
पर
बरकरार
रखा। 

इसके
बाद
से
हालांकि
बसपा
यहां
से
जीत
नहीं
पाई
है,
किंतु
2019
के
आम
चुनाव
में
भी
सपा-बसपा
गठबंधन
से
बसपा
के
टिकट
पर
उतरे
चंद्रभद्र
सिंह
सोनू
ने
भाजपा
के
पसीने
छुड़ा
दिए
थे
और
उन्हें
बेहद
कम
वोटों
से
हार
मिली
थी।


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