यूपी का सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र: इस सीट पर एक छोर से दूसरे छोर की दूरी 250 KM, पहुंचने में लगते हैं सात घंटे

यूपी का सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र:                                    इस सीट पर एक छोर से दूसरे छोर की दूरी 250 KM, पहुंचने में लगते हैं सात घंटे
UP Lok Sabha Election 2024 Robertsganj Lok Sabha seat largest parliamentary constituency of UP

UP
Lok
Sabha
Election
2024


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

रॉबर्ट्सगंज
लोकसभा
सीट
से
चुनाव
लड़ना
आसान
नहीं
है।
पांच
राज्यों
तक
फैली
इसकी
सीमाएं
नापने
में
प्रत्याशियों
को
पसीने
छूट
जाते
हैं।
यह
यूपी
का
सबसे
बड़ा
संसदीय
क्षेत्र
भी
है।
एक
छोर
से
दूसरे
छोर
की
दूरी
करीब
ढाई
सौ
किमी
है।
भौगोलिक
रूप
से
जटिल
संरचनाओं
के
चलते
कई
गांवों
तक
प्रत्याशी
पहुंच
ही
नहीं
पाते। 

इन
गांवों
में
मतदाताओं
को
अपने
प्रत्याशी
का
चेहरा
देखे
बिना
ही
वोट
देना
पड़ता
है।
रॉबर्ट्सगंज
लोकसभा
सीट
पहले
मिर्जापुर
का
हिस्सा
था।
वर्ष
1962
में
परिसीमन
के
बाद
इसका
उदय
हुआ
तो
इसमें
मिर्जापुर
जिले
की
चुनार,
मझवां,
राजगढ़
और
दुद्धी,
रॉबर्ट्सगंज
विधानसभा
क्षेत्र
शामिल
थे। 

वर्ष
2009
में
नए
परिसीमन
ने
इस
सीट
का
परिदृश्य
बदल
दिया।
इस
परिसीमन
में
ओबरा
और
घोरावल
दो
नए
विधानसभा
क्षेत्र
बने।
साथ
ही
पड़ोसी
चंदौली
जिले
की
चकिया
विधानसभा
सीट
को
भी
इसमें
शामिल
करते
हुए
राॅबर्ट्सगंज
लोकसभा
सीट
का
पुर्नगठन
किया
गया। 

नए
परिसीमन
के
बाद
रॉबर्ट्सगंज
उन
सीटों
में
शामिल
है,
जिनका
क्षेत्रफल
सबसे
ज्यादा
है।
इसका
छोर
मध्य
प्रदेश
के
सिंगरौली
जिले
से
लगता
है
तो
दूसरा
छोर
चंदौली
जिले
के
मुख्यालय
के
पास
तक
है।
इनके
बीच
की
दूरी
करीब
ढाई
सौ
किमी
है।
झारखंड
और
छत्तीसगढ़
सीमा
से
भी
दूसरे
क्षेत्र
की
दूरी
करीब
इतनी
ही
है। 


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