केजरीवाल की कस्टडी 7 मई तक बढ़ी: जेल में पहली बार इंसुलिन दी गई; तिहाड़ प्रशासन बोला- शुगर लेवल 217 था, इसलिए कम खुराक दी

केजरीवाल की कस्टडी 7 मई तक बढ़ी: जेल में पहली बार इंसुलिन दी गई; तिहाड़ प्रशासन बोला- शुगर लेवल 217 था, इसलिए कम खुराक दी


नई
दिल्ली
27
मिनट
पहले

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अरविंद केजरीवाल को ED ने 21 मार्च को अरेस्ट किया था। - Dainik Bhaskar


अरविंद
केजरीवाल
को
ED
ने
21
मार्च
को
अरेस्ट
किया
था।

दिल्ली
के
राउज
एवेन्यू
कोर्ट
ने
मंगलवार
23
अप्रैल
को
अरविंद
केजरीवाल
की
न्यायिक
हिरासत
7
मई
तक
बढ़ा
दी।
इसके
पहले
केजरीवाल
की
कस्टडी
1
अप्रैल
से
15
अप्रैल,
फिर
उसके
बाद
23
अप्रैल
तक
बढ़ाई
गई
थी।
कोर्ट
के
इस
आदेश
के
बाद
केजरीवाल
अब
लोकसभा
चुनाव
के
दूसरे
(26
अप्रैल)
और
तीसरे
(7
मई)
फेज
की
वोटिंग
के
दौरान
भी
जेल
में
रहेंगे।

केजरीवाल
के
अलावा
BRS
नेता
के.
कविता
और
एक
अन्य
आरोपी
चरनप्रीत
की
कस्टडी
भी
7
मई
तक
बढ़ा
दी
गई
है।
प्रवर्तन
निदेशालय
(ED)
ने
सुनवाई
के
दौरान
कहा
कि
के.
कविता
के
केस
में
एजेंसी
60
दिन
में
चार्जशीट
फाइल
करेगी।

ED
ने
शराब
नीति
केस
में
केजरीवाल
को
21
मार्च
को
अरेस्ट
किया
था।
22
मार्च
को
राउज
एवेन्यू
कोर्ट
में
पेशी
हुई,
जहां
से
उन्हें
28
मार्च
तक
ED
की
रिमांड
पर
भेजा
गया।
1
अप्रैल
से
वे
तिहाड़
जेल
में
हैं।

इस
बीच,
तिहाड़
प्रशासन
ने
बताया
कि
केजरीवाल
को
सोमवार
शाम
इंसुलिन
दी
गई।
अधिकारियों
ने
कहा
कि
कम
खुराक
वाली
इंसुलिन
की
2
यूनिट
दी
गईं,
क्योंकि
सोमवार
शाम
7
बजे
उनका
शुगर
लेवल
217
हो
गया
था।
एम्स
की
टीम
ने
कहा
था
कि
स्तर
200
पार
होने
पर
उन्हें
कम
खुराक
वाली
इंसुलिन
दी
जा
सकती
है।


केजरीवाल
को
इंसुलिन
मिलने
पर
AAP
बोली-
बजरंग
बली
का
आशीर्वाद
हमारे
साथ

दिल्ली
की
मंत्री
आतिशी
ने
X
पर
लिखा-
जय
बजरंग
बली,
हनुमान
जयंती
के
दिन
अच्छी
खबर
मिली।
तिहाड़
प्रशासन
ने
आखिरकार
अरविंद
केजरीवाल
को
इंसुलिन
दे
ही
दी।
ये
हनुमान
जी
के
आशीर्वाद
और
दिल्ली
के
लोगों
के
संघर्ष
का
परिणाम
है।

वहीं,
मंत्री
सौरभ
भारद्वाज
ने
कहा-
आज
एक
बात
तो
साफ
हो
गई
कि
मुख्यमंत्री
सही
थे,
उन्हें
इंसुलिन
की
जरूरत
थी।
अफसरों
पर
केंद्र
का
दबाव
था
और
वे
जानबूझकर
इलाज
नहीं
कर
रहे
थे।
भाजपा
नेता
बताएं
कि
अगर
उन्हें
इंसुलिन
की
जरूरत
नहीं
थी
तो
फिर
क्यों
दी
गई।


9
अप्रैल
को
हाईकोर्ट
ने
कहा
था-
अरेस्ट
सही,
ED
ने
पर्याप्त
सबूत
दिए

कोर्ट में केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ खुद पैरवी करते हुए ये बात कही थी।


कोर्ट
में
केजरीवाल
ने
अपनी
गिरफ्तारी
के
खिलाफ
खुद
पैरवी
करते
हुए
ये
बात
कही
थी।

केजरीवाल
ने
अपनी
गिरफ्तारी
और
उसके
बाद
जांच
एजेंसी
की
हिरासत
में
भेजे
जाने
को
लेकर
दिल्ली
हाईकोर्ट
में
याचिका
लगाई
थी।
हाईकोर्ट
ने
9
अप्रैल
को
उनकी
याचिका
खारिज
कर
दी
थी।

कोर्ट
ने
अपने
फैसले
में
कहा
था
कि
केजरीवाल
बार-बार
समन
भेजने
के
बावजूद
जांच
में
शामिल
नहीं
हुए।
इसलिए
ED
के
पास
उन्हें
गिरफ्तार
करने
का
ही
विकल्प
बचा
था।
ED
ने
हमारे
सामने
पर्याप्त
सबूत
पेश
किए।
हमने
बयानों
को
देखा,
जो
बताते
हैं
कि
गोवा
के
चुनाव
के
लिए
शराब
घोटाले
का
पैसा
भेजा
गया
था।

केजरीवाल
ने
कहा
था
कि
ED
के
पास
पिछले
9
महीने
से
ऐसे
बयान
थे।
इसके
बावजूद
उन्हें
लोकसभा
चुनाव
से
ठीक
पहले
अवैध
रूप
से
गिरफ्तार
किया
गया।
कोर्ट
ने
कहा
कि
गिरफ्तारी
और
रिमांड
की
जांच
कानून
के
हिसाब
से
होगी,
ना
कि
चुनाव
की
टाइमिंग
को
देखकर।
हाईकोर्ट
के
फैसले
के
एक
दिन
बाद
10
अप्रैल
को
केजरीवाल
सुप्रीम
कोर्ट
पहुंचे
थे।


सिसोदिया
इसी
मामले
में
जेल
में,
संजय
सिंह
जमानत
पर

केजरीवाल
से
पहले
शराब
नीति
केस
में
AAP
नेता
मनीष
सिसोदिया
और
संजय
सिंह
की
भी
गिरफ्तारी
हुई
थी।
सिसोदिया
26
फरवरी
2023
से
जेल
में
बंद
हैं।
संजय
सिंह
को
ED
ने
4
अक्टूबर
2023
को
गिरफ्तार
किया
था।
इसी
महीने
2
अप्रैल
को
सुप्रीम
कोर्ट
ने
उन्हें
जमानत
दे
दी
थी।
तिहाड़
में
छह
महीने
रहने
के
बाद
3
अप्रैल
को
वो
बाहर
आए
थे।


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केजरीवाल
को
अपने
डॉक्टर
से
परामर्श
की
इजाजत
नहीं
मिली:कोर्ट
का
निर्देश-
AIIMS
मेडिकल
बोर्ड
बनाए,
इंसुलिन
और
अन्य
जरूरतों
के
बारे
में
बताए

शराब
नीति
केस
में
1
अप्रैल
से
तिहाड़
जेल
में
बंद
दिल्ली
के
मुख्यमंत्री
अरविंद
केजरीवाल
वीडियो
कॉन्फ्रेंसिंग
के
जरिए
अपने
डॉक्टर
से
कंसल्ट
नहीं
कर
पाएंगे।
दिल्ली
के
राउज
एवेन्यू
कोर्ट
ने
22
अप्रैल
को
उनकी
याचिका
खारिज
कर
दी।
कोर्ट
ने
AIIMS
को
निर्देश
दिया
कि
वह
केजरीवाल
की
जांच
के
लिए
एक
मेडिकल
बोर्ड
बनाए
ताकि
यह
पता
चल
सके
कि
उन्हें
शुगर
लेवल
कंट्रोल
करने
के
लिए
इंसुलिन
की
जरूरत
है।
इसके
अलावा
उनके
अन्य
मेडिकल
जरूरतों
का
भी
पता
लगाएं।


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खबर
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