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पहलेलेखक:
जाहिद
अहमद/
रविराज
वर्मा
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भारत
अंग्रेजी
शासन
से
आजाद
हो
चुका
था।
कांग्रेस
के
हाथ
में
सत्ता
आई
और
जवाहर
लाल
नेहरू
अंतरिम
प्रधानमंत्री
बने।
27
जनवरी
1948
को
महात्मा
गांधी
ने
एक
नोट
में
लिखा,
‘कांग्रेस
के
सुझावों
के
मुताबिक
देश
को
राजनीतिक
स्वतंत्रता
मिल
गई
है।
अब
कांग्रेस
के
मौजूदा
स्वरूप
की
उपयोगिता
खत्म
हो
गई
है।
इसे
भंग
कर
देना
चाहिए।’
इसके
3
दिन
बाद
यानी
30
जनवरी
1948
को
महात्मा
गांधी
की
हत्या
कर
दी
गई।
उनका
ये
विचार
कांग्रेस
अधिवेशन
तक
नहीं
पहुंच
सका।
हालांकि,
2
फरवरी
1948
को
इसे
हरिजन
पत्रिका
में
प्रकाशित
किया
गया।
बाद
में
नेहरू
ने
सेवाग्राम
के
एक
सम्मेलन
में
गांधीजी
के
इस
विचार
से
असहमति
जताई
थी।
एक
अंग्रेज
कलेक्टर
ने
कैसे
कांग्रेस
की
शुरुआत
की,
अंग्रेजों