जेट एयरवेज फाउंडर नरेश गोयल को अंतरिम जमानत: मनी लॉड्रिंग केस में सितंबर से जेल में, जनवरी में कहा था- जेल में ही मर जाऊंगा

जेट एयरवेज फाउंडर नरेश गोयल को अंतरिम जमानत: मनी लॉड्रिंग केस में सितंबर से जेल में, जनवरी में कहा था- जेल में ही मर जाऊंगा


मुंबई
9
मिनट
पहले

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इससे पहले 3 मई को हुई सुनवाई बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। - Dainik Bhaskar


इससे
पहले 3
मई को
हुई
सुनवाई बॉम्बे
हाईकोर्ट
ने फैसला
सुरक्षित
रखा
था।

बॉम्बे
हाई
कोर्ट
ने
सोमवार
को
जेट
एयरवेज
के
फाउंडर
नरेश
गोयल
को
मेडिकल
के
आधार
पर
दो
महीने
की
अंतरिम
जमानत
दे
दी।
उन्हें
एक
लाख
रुपए
का
बॉन्ड
भरना
होगा
और
वह
मुंबई
से
बाहर
भी
नहीं
जा
पाएंगे।

गोयल
को
सितंबर
में
प्रवर्तन
निदेशालय
(ED)
ने
मनी
लॉन्ड्रिंग
मामले
में
गिरफ्तार
किया
था।

गोयल
ने
चिकित्सा
और
मानवीय
कारणों
का
हवाला
देते
हुए
अंतरिम
जमानत
मांगी
थी।
वह
और
उनकी
पत्नी
अनीता
गोयल
दोनों
को
कैंसर
है।
3
मई
को
हुई
सुनवाई
बॉम्बे
हाईकोर्ट
ने
फैसला
सुरक्षित
रखा
था।
ED
ने
जमानत
का
विरोध
किया
था।
साथ
ही
कहा
था
कि
प्राइवेट
अस्पताल
में
उनका
रहना
एक
महीने
के
लिए
बढ़ाया
जा
सकता
है।

केनरा
बैंक
के
साथ
धोखाधड़ी
के
आरोपी
जेट
एयरवेज
के
संस्थापक
नरेश
गोयल
6
जनवरी
को
मुंबई
के
स्पेशल
कोर्ट
में
रोने
लगे
थे।
तब
उन्होंने
कोर्ट
से
कहा
कि
मैं
जिंदगी
की
आस
खो
चुका
हूं।
मेरा
स्वास्थ्य
बहुत
बिगड़
गया
है।
बेहतर
होगा
कि
जेल
में
मर
जाऊं।
ये
कहने
के
साथ
ही
नरेश
गोयल
ने
हाथ
जोड़
लिए
थे।

गोयल
ने
यह
भी
कहा
था-
मुझे
अपनी
पत्नी
अनीता
की
कमी
बहुत
खलती
है।
वह
कैंसर
की
लास्ट
स्टेज
में
हैं।
इसके
बाद
जज
ने
कहा
कि
आपको
बेसहारा
नहीं
छोड़ा
जाएगा।


केनरा
बैंक
से
धोखाधड़ी
मामले
में
गिरफ्तार
हुए
थे
गोयल

गोयल
पर
केनरा
बैंक
के
साथ
538
करोड़
रुपए
की
धोखाधड़ी
का
आरोप
है।
ED
ने
कथित
बैंक
धोखाधड़ी
के
सिलसिले
में
पिछले
साल
एक
सितंबर
को
नरेश
गोयल
को
गिरफ्तार
किया
था।
नरेश
की
पत्नी
अनीता
गोयल
को
पिछले
साल
नवंबर
में
गिरफ्तार
किया
गया
था,
लेकिन
उनकी
उम्र
और
हेल्थ
को
देखते
हुए
उन्हें
जमानत
दे
दी
गई
थी।


तीन
पॉइंट
में
पूरा
मामला
समझें:

  • जेट
    एयरवेज
    को
    848.86
    करोड़
    रुपए
    की
    क्रेडिट
    लिमिट
    और
    लोन
    दिया
    गया
    था,
    जिसमें
    से
    538.62
    करोड़
    रुपए
    बकाया
    हैं।
    ये
    अकाउंट
    29
    जुलाई
    2021
    में
    फ्रॉड
    घोषित
    किया
    गया
    था।
  • CBI
    ने
    5
    मई
    को
    गोयल
    के
    मुंबई
    स्थित
    ऑफिस
    सहित
    7
    ठिकानों
    की
    तलाशी
    ली
    थी।
    नरेश
    गोयल,
    पत्नी
    अनीता
    और
    जेट
    एयरवेज
    के
    निदेशक
    रहे
    गौरांग
    शेट्टी
    के
    घर
    पर
    भी
    छापे
    पड़े
    थे।
  • CBI
    की
    FIR
    के
    आधार
    पर
    ED
    ने
    19
    जुलाई
    को
    मनी
    लॉन्ड्रिंग
    का
    केस
    दर्ज
    किया।
    तब
    ED
    ने
    भी
    गोयल
    और
    उनके
    साथियों
    के
    ठिकानों
    पर
    छापेमारी
    कर
    तलाशी
    ली
    थी।


गोयल
की
पत्नी
के
पास
कुछ
ही
महीनों
का
समय:
वकील

3
मई
को
हुई
सुनवाई
में
गोयल
ने
उनके
और
उनकी
पत्नी
अनीता
गोयल
के
कैंसर
पेशेंट
होने
का
हवाला
देते
हुए
पिछले
सप्ताह
मेडिकल
ग्रांउड
पर
अंतरिम
जमानत
मांगी
थी।
इससे
पहले
फरवरी
में
स्पेशल
कोर्ट
ने
उन्हें
जमानत
देने
से
इनकार
कर
दिया
था,
लेकिन
इलाज
की
छूट
दी
थी।
बाद
में
गोयल
ने
हाईकोर्ट
में
याचिका
लगाई
थी।

जमानत
की
मांग
करते
हुए
नरेश
के
वकील
हरीश
साल्वे
ने
कहा
गोयल
पर
लगे
आरोप
गंभीर
हैं,
लेकिन
उनकी
पत्नी
कैंसर
जैसी
गंभीर
बीमारी
से
जूझ
रही
हैं
और
उनके
पास
कुछ
महीनों
का
समय
बचा
है।
ऐसे
में
ह्यूमन
बेसिस
पर
गोयल
को
पत्नी
के
साथ
उनके
अंतिम
समय
में
रहने
दिया
जाए।


बैंक
का
आरोप-
पैसों
की
हेराफेरी
की
गई

केनरा
बैंक
ने
आरोप
लगाया
था
कि
जेट
एयरवेज
की
फोरेंसिक
ऑडिट
में
पाया
गया
कि
जेट
ने
अपने
से
जुड़ी
कंपनियों
यानी
‘रिलेटेड
कंपनियों’
को
1,410.41
करोड़
रुपए
ट्रांसफर
किए।
ऐसा
कंपनी
के
अकाउंट
से
पैसा
निकालने
के
लिए
किया
गया।

गोयल
परिवार
के
पर्सनल
खर्च-
जैसे
स्टाफ
की
सैलरी,
फोन
बिल
और
व्हीकल
एक्सपेंस,
सब
जेट
एयरवेज
से
ही
होते
थे।
गोयल
ने
1993
में
जेट
एयरवेज
की
स्थापना
की
थी।
2019
में
एयरलाइन
चेयरमैन
पद
छोड़
दिया
था।


अप्रैल
2019
से
बंद
है
जेट
एयरवेज

जेट
एयरवेज
एक
समय
भारत
की
सबसे
बड़ी
प्राइवेट
एयरलाइंस
में
से
एक
थी
और
एयरलाइन
को
साउथ
एशियाई
देशों
की
सबसे
बड़ी
प्राइवेट
एयरलाइन
का
दर्जा
हासिल
था।
फिर
कर्ज
में
दबे
होने
के
कारण
जेट
एयरवेज
17
अप्रैल
2019
में
ग्राउंडेड
(संचालन
बंद)
हो
गई
थी।

जून
2021
में
नेशनल
कंपनी
लॉ
ट्रिब्यूनल
(NCLT)
के
बैंकरप्टसी
रेजोल्यूशन
प्रोसेस
के
तहत
जालान​​​-​कालरॉक
(Jalan-Kalrock)
कंसोर्टियम
ने
जेट
एयरवेज
की
बोली
जीत
ली।
इसके
बाद
से
जेट
के
रिवाइवल
की
प्रोसेस
चल
रही
है,
लेकिन
अब
तक
एयरलाइन
शुरू
नहीं
हो
पाई
है।

ये
कंसोर्टियम
मुरारी
लाल
जालान
और
कालरॉक
कैपिटल
की
जॉइंट
कंपनी
है।
जालान
दुबई
बेस्ड
बिजनेसमैन
हैं।
वहीं,
कालरॉक
कैपिटल
मैनेजमेंट
लिमिटेड
फाइनेंशियल
एडवाइजरी
और
ऑल्टरनेटिव
एसेट
मैनेजमेंट
के
क्षेत्र
में
काम
करने
वाली
लंदन
बेस्ड
ग्लोबल
फर्म
है।


खबरें
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भी
हैं…