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Large
Expansion
In
Glacial
Lakes
In
Himalayas|
ISRO
Monitoring
बेंगलुरु3
घंटे
पहले
-
कॉपी
लिंक

ISRO
ने
1989
से
2023
तक
हिमालय
के
भारत
क्षेत्र
की
ग्लेशियल
झीलों
में
आए
बदलाव
की
फोटो
साझा
की
है।
भारतीय
अंतरिक्ष
अनुसंधान
संगठन
(ISRO)
ने
सैटेलाइट
इमेज
जारी
कर
दावा
किया
है
कि
हिमालय
के
ग्लेशियर
तेजी
से
पिघल
रहे
हैं।
ISRO
का
दावा
है
कि
हिमालय
में
पहचानी
गई
ग्लेशियल
झीलों
का
आकार
बढ़ा
है।
ISRO
ने
कहा
कि
1984
से
2023
तक
हिमालय
के
भारत
क्षेत्र
में
नदी
घाटियों
का
कैचमेंट
कवर
करने
वाली
सैटेलाइट
इमेजेज
ने
ग्लेशियल
झीलों
में
आए
परिवर्तन
का
संकेत
दिया
है।
इसमें
बताया
गया
है
कि
2431
झीलों
में
से
676
ग्लेशियल
झीलों
का
1984
से
2016-17
में
10
हेक्टेयर
से
ज्यादा
विस्तार
हुआ
है।

601
झीलें
दो
गुना
से
ज्यादा
बढ़ीं
ISRO
ने
कहा
कि
676
झीलों
में
से
601
झीलें
दो
गुना
से
ज्यादा
बढ़ी
हैं,
जबकि
10
झीलें
1.5
से
दो
गुना
और
65
झीलें
1.5
गुना
हैं।
676
झीलों
में
से
130
भारत
में
स्थित
हैं,
जिनमें
65
इंडस,
सात
गंगा
और
58
ब्रह्मपुत्र
नदी
घाटियों
में
स्थित
हैं।
314
झीलें
4,000-5,000
मीटर
की
ऊंचाई
पर
हैं,
जबकि
296
झीलें
5,000
मीटर
से
भी
ऊपर
हैं।

मोरेन
डैम्ड
झीलें
ज्यादा
बढ़
रहीं
जिन
676
झीलों
का
विस्तार
हो
रहा
है,
उनमें
307
मोरेन
डैम्ड
झील
हैं।
उर्वरक
झीलें
265,
अन्य
96
झीलें
और
आइस
डैम्ड
8
ग्लेशियल
झीलें
हैं।
ISRO
ने
सैटेलाइट
इमेज
हिमाचल
प्रदेश
में
4,068
मीटर
की
ऊंचाई
पर
स्थित
गेपंग
घाट
ग्लेशियल
झील
में
1989
से
2022
के
बीच
36.49
हेक्टेयर
से
101.30
हेक्टेयर
का
178
प्रतिशत
विस्तार
दिखाया
है।
यानी
हर
साल
लगभग
1.96
हेक्टेयर
की
वृद्धि
हुई
है।
उत्तर-पश्चिमी
सिक्किम
में
17,000
फीट
की
ऊंचाई
पर
स्थित
दक्षिण
ल्होनक
ग्लेशियल
झील
पिछले
साल
अक्टूबर
में
फट
गई
थी।
इससे
आई
बाढ़
के
कारण
40
लोगों
की
मौत
हुई
थी
और
76
लोग
लापता
हो
गए
थे।
खबरें
और
भी
हैं…