दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लवली BJP में शामिल: AAP से गठबंधन पर कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ा था; 4 अन्य नेता भी भाजपा में आए

दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लवली BJP में शामिल: AAP से गठबंधन पर कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ा था; 4 अन्य नेता भी भाजपा में आए


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दिल्ली
2
मिनट
पहले

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अरविंदर लवली के अलावा कांग्रेस के 4 नेताओं ने भी उनके साथ भाजपा जॉइन की। - Dainik Bhaskar


अरविंदर
लवली
के
अलावा
कांग्रेस
के
4
नेताओं
ने
भी
उनके
साथ
भाजपा
जॉइन
की।

दिल्ली
कांग्रेस
के
पूर्व
अध्यक्ष
अरविंदर
सिंह
लवली
शनिवार
को
भाजपा
में
शामिल
हो
गए।
6
दिन
पहले
यानी
28
अप्रैल
को
उन्होंने
दिल्ली
कांग्रेस
अध्यक्ष
पद
छोड़
दिया
था।
उन्होंने
तब
कहा
था
कि
पार्टी
नहीं
छोडूंगा।
लवली
के
साथ
नीरज
बसोया,
राजकुमार
चौहान,
नसीब
सिंह
और
अमित
मलिक
भी
भाजपा
में
शामिल
हुए।

भाजपा
में
शामिल
होने
के
बाद
अरविंदर
सिंह
लवली
ने
कहा,
“हमें
भाजपा
के
बैनर
तले
और
प्रधानमंत्री
मोदी
के
नेतृत्व
में
दिल्ली
की
जनता
के
लिए
लड़ने
का
मौका
दिया
गया
है।
मुझे
पूरी
उम्मीद
है
कि
देश
में
प्रचंड
बहुमत
से
भाजपा
की
सरकार
बनेगी।
आने
वाले
दिनों
में
भाजपा
का
परचम
दिल्ली
में
भी
लहराएगा।

लवली ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की मौजूदगी में भाजपा जॉइन की।


लवली
ने
केंद्रीय
मंत्री
हरदीप
सिंह
पुरी,
दिल्ली
BJP
अध्यक्ष
वीरेंद्र
सचदेवा
और
पार्टी
के
राष्ट्रीय
महासचिव
विनोद
तावड़े
की
मौजूदगी
में
भाजपा
जॉइन
की।


2017
में
भी
कांग्रेस
छोड़कर
भाजपा
में
गए
थे
लवली
​​​​​​
अरविंदर
सिंह
लवली
की
भाजपा
में
यह
दूसरी
पारी
है।
लवली
7
साल
पहले
18
अप्रैल
2017
को
भी
कांग्रेस
छोड़कर
भाजपा
में
गए
थे।
हालांकि,
10
महीने
बाद
ही
वे
17
फरवरी
2018
को
वापस
कांग्रेस
में
शामिल
हो
गए
थे।
31
अगस्त
2023
को
लवली
को
दिल्ली
कांग्रेस
का
अध्यक्ष
बनाया
गया
था।

28
अप्रैल
को
मल्लिकार्जुन
खड़गे
को
उन्होंने
4
पेज
की
चिट्‌ठी
लिखकर
पार्टी
प्रभारी
पर
मनमानी
करने
का
आरोप
लगाया
था।
उन्होंने
कहा
था
कि
मुझे
एक
ब्लॉक
अध्यक्ष
तक
नियुक्त
करने
का
अधिकार
नहीं
है।
इसके
अलावा
लवली
ने
AAP
से
गठबंधन
पर
भी
ऐतराज
जताया
था।

लवली
ने
अपनी
चिट्‌ठी
में
लिखा-
दिल्ली
कांग्रेस
इकाई
उस
पार्टी
के
साथ
गठबंधन
के
खिलाफ
है,
जो
कांग्रेस
पार्टी
के
खिलाफ
झूठे,
मनगढ़ंत
और
दुर्भावनापूर्ण
भ्रष्टाचार
के
आरोप
लगाने
के
आधार
पर
बनी
थी।
इसके
बावजूद
पार्टी
ने
दिल्ली
में
AAP
के
साथ
गठबंधन
करने
का
फैसला
किया।

लवली
के
इस्तीफे
के
बाद
कांग्रेस
ने
30
अप्रैल
को
देवेंद्र
यादव
को
दिल्ली
इकाई
का
अंतरिम
अध्यक्ष
नियुक्त
किया
था।


दिल्ली
की
7
लोकसभा
सीटों
में
से
4
पर
AAP,
3
पर
कांग्रेस
लड़
रही

दिल्ली
में
लोकसभा
की
7
सीटें
हैं।
गठबंधन
के
तहत
AAP
इनमें
से
4
और
कांग्रेस
3
सीटों
पर
चुनाव
लड़
रही
है।
कांग्रेस
ने
चांदनी
चौक
से
जेपी
अग्रवाल,
उत्तर-पूर्वी
दिल्ली
से
कन्हैया
कुमार
और
उत्तर-पश्चिम
दिल्ली
से
उदित
राज
को
मैदान
में
उतारा
है।
दिल्ली
में
25
मई
को
छठे
फेज
में
वोटिंग
होगी।


2019
में
भाजपा
ने
सातों
सीटें
जीती
थीं

2019
लोकसभा
चुनाव
में
दिल्ली
में
भाजपा
ने
सातों
सीटों
पर
जीत
दर्ज
की
थी।
भाजपा
के
सभी
उम्मीदवारों
को
50
प्रतिशत
से
ज्यादा
वोट
मिले
थे,
जबकि
कांग्रेस
दूसरे
नंबर
पर
और
सत्तारूढ़
आम
आदमी
पार्टी
तीसरे
स्थान
पर
खिसक
गई
थी।

त्रिकोणीय
मुकाबले
में
भाजपा
प्रत्येक
सीट
पर
आम
आदमी
पार्टी
और
कांग्रेस
से
बड़े
वोटों
के
अंतर
से
आगे
रही
थी।
भाजपा
को
56
प्रतिशत
से
ज्यादा
वोट
मिले
थे।
जबकि
कांग्रेस
को
22.5
प्रतिशत
और
AAP
को
18.1
प्रतिशत
वोट
मिले
थे।
2014
में
बीजेपी
को
46.4
फीसदी
वोट
मिले
थे।


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